पीएम मोदी को दुनिया भर के 600 विद्वानों ने पत्र लिख बच्चियों से रेप पर मांगा जवाब

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नई दिल्ली। हाल ही में सामने आया कठुआ और उन्नाव रेप का मामला पूरे देश को झकझोर देने वाला था। वहीं दूसरी तरफ सत्ता पक्ष के लोग आरोपियों को बचाते हुए दिखाई पड़े। साथ ही इन दोनों मामलों की गंभीरता को इस बात से भी समझा जा सकता है कि यूनाइटेड नेशन को इस मामले में टिपण्णी करनी पड़ी। लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि हर मुद्दे पर बोलने वाले पीएम मोदी इन दो गंभीर मुद्दों पर चुप्पी साधे रहे। वहीं विपक्ष लगातार पीएम से इस मामले में बोलने की मांग करता रहा।

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ताजा जानकारी के मुताबिक दुनिया भर के 600 से अधिक शिक्षाविदों और विद्वानों ने पीएम मोदी को खुला पत्र लिखकर दोनों मामलों पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए उन पर देश में बने गंभीर हालात पर चुप्पी साधे रहने का आरोप लगाया।

पीएम मोदी को 600 शिक्षाविदों ने लिखे पत्र

जानकारी के मुताबिक दुनिया भर से 600 शिक्षाविदों और विद्वानों ने पीएम मोदी को खुला पत्र बच्चियों के साथ रेप के मामले में चुप्पी तोड़ने को कहा है। ये पत्र तब आये हैं जब केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शनिवार (21 अप्रैल) को ही 12 वर्ष और उससे कम उम्र की बच्चियों से बलात्कार के मामले में दोषी पाये जाने पर मौत की सजा के प्रावधान वाले अध्यादेश को मंजूरी दी।

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पीएम मोदी को लिखे पत्रों में कहा गया है कि वे कठुआ और उन्नाव एवं उनके बाद की घटनाओं पर अपने गहरे गुस्से और पीड़ा का इजहार करना चाहते हैं। हमने देखा है कि देश में बने गंभीर हालत पर और सत्तारूढ़ों के हिंसा से जुड़ाव के निर्विवाद संबंधों को लेकर आपने लंबी चुप्पी साध रखी है। इस पत्र पर न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय, ब्राउन विश्वविद्यालय, हार्वर्ड एवं कोलंबिया विश्वविद्यालयों एवं विभिन्न आईआईटी के शिक्षाविदों और विद्वानों ने हस्ताक्षर किए हैं।

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