बिहार का कुख्यात अपराधी लखनऊ में दबोचा गया…

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लखनऊ। एसटीएफ ने बिहार गोपालगंज के कुख्यात अपराधी पप्पू उर्फ संजीव श्रीवास्तव को गिर तार किया है। संजीव के खिलाफ बिहार के तमाम थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट जैसे जघन्य अपराधों के एक दर्जन मुकदमें दर्ज हैं। बदमाश ने एके-47 राइफल से मैरवा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर योगानन्द सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी थी। इसके अलावा बदमाश ने एके-47 रायफल से कई अपराधिक वारदातों को अंजाम दिया था।

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अभिषेक सिंह ने बताया कि…

जमीनी तंत्र और सर्विलांस के जरिए कु यात अपराधी संजीव श्रीवास्तव की लोकेशन मंगलवार को राजधानी के चिनहट इलाके में हुई थी। एसटीएफ और चिनहट पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपित को घेराबन्दी कर दबोच लिया। उन्होंने बताया कि संजीव ने 1993 में पहली बार अपराध करते हुए चीनी लदी हुई ट्रक को लूटा था। जिसके बाद वह सतीश पाण्डेय के गैंग में शामिल हो गया था। 2002 में संजीव ने पहली बार एके-47 का इस्तेमाल करते हुए अनिल राय की निर्मम हत्या कर दी थी। फिर उसने 2005 में गोपालगंज के ठेकेदार जेपी यादव की एके-47 से हत्या की थी। लौटते समय पुरानी रंजिश के चलते संजीव ने नवल तिवारी को भी मौत के घाट उतार दिया था।

2006 में जनपद सीवान में लूट की वारदात को अंजाम देकर लौट रहे संजीव और उनके साथियों को स्थानीय लोगों व पुलिस ने घेर लिया था। खुद को घिरा पाकर संजीव ने गैंग लीडर सतीश के इशारे पर सर्किल आफिसर पर एके 47 से फायर झोंक दिया था। इस दौरान मैरवा के तत्कालीन इंस्पेक्टर योगानन्द की गोली लगने से मौत हो गई थी। इसके बाद 2014 में संजीव ने राजनीतिज्ञ कृष्णा शाही पर जानलेवा हमला किया था, हालांकि कृष्णा बच गए थे। कुशीनगर के थाना तरया सुजान में राजेश तिवारी की हत्या की थी। उक्त मुकदमें की जांच सीबीसीआईडी कर रही है। उन्होंने बताया कि संजीव के खिलाफ बिहार के तमाम थानों में हत्या, लूट, हत्या का प्रयास जैसे तमाम जघन्य अपराधों के एक दर्जन से अधिक मुकदमें दर्ज हैं। संजीव हिस्ट्रीशीटर भी है, जिसकी हिस्ट्रीशीट न बर ए-99 है।

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तीन लाख रुपये में खरीदी थी एके-47

संजीव ने बताया कि गैंग के राजन तिवारी ने झारखण्ड के अपने स पर्की के माध्यम से एके-47 तीन लाख रुपये में खरीदी थी। रायफल लेने के लिए वह जीप से गया था। लौटते समय जगदीशपुर थाना आरा में एके-47 समेत संजीव पकड़ा गया था। आरोपित राजीव रंजन के फर्जी नाम से जेल गया था।

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