भाजपा के मुंह में राम और बगल में छुरी : मायावती

- in राजनीति, लखनऊ
मायावतीमायावती

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश मायावती के नेतृत्व में कृतज्ञ राष्ट्र ने बामसेफ, डी.एस-4 व बी.एस.पी. मूवमेन्ट के जन्मदाता व संस्थापक मान्यवर कांशीराम जी को आज उनकी 11वीं पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा भारी अफसोस जताया कि प्रदेश में बी.एस.पी. की सरकार पाँचवीं बार नहीं बन पाने के कारण हर हाथ को काम देने की उनकी सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नीति व कार्यक्रम को भारी आघात पहुँच रहा है तथा करोड़ों गऱीबों, किसानों, मज़दूरों, युवाओं, बेरोजगारों व महिलाओं आदि में त्राहि-त्राहि मची हुई है।

देश की मानवतावादी बी.एस.पी. मूवमेन्ट की प्रमुख मायावती ने आज प्रात: ही नई दिल्ली स्थिति बहुजन प्रेरणा केन्द्र में मान्यवर कांशीराम जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किया। उनके साथ पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनन्द कुमार व आकाश आनन्द आदि के अलावा दिल्ली प्रदेश बी.एस.पी. के वरिष्ठ व जिम्मेवार पदाधिकारी भी मौजूद थे।

पार्टी प्रमुख के नये निर्देशानुसार लखनऊ मण्डल के अन्तर्गत विभिन्न जि़लों के लोगों ने भारी संख्या में लखनऊ में बी.एस.पी. सरकार द्वारा निर्मित विशाल व भव्य मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल पहुँच कर वहाँ स्थापित मान्यवर श्री कांशीराम जी की भव्य प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी एवं ्यसामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति के मिशनरी लक्ष्य की प्राप्ति में उनके अमूल्य योगदान को स्मरण किया।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश के अन्य 17 मण्डलों में अलग-अलग से मण्डल-स्तरीय संगोष्ठी के कार्यक्रम आयोजित करके बहुजन नायक को परमपूज्य बाबा साहेब डा. अम्बेडकर के सच्चे अनुयायी के रुप में स्मरण किया तथा उनके बताये हुये रास्तों पर चलकर राजनीतिक सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करके अपना उद्धार स्वयं करने के संकल्प को दोहराया तथा इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिये पूरे तन, मन, धन से बी.एस.पी. मूवमेन्ट के लिये ही लगातार व हर हाल में काम करते रहने का प्रण लिया।

उत्तर प्रदेश के साथ-साथ देश के स्तर पर भी बी.एस.पी. के तत्वावधान में मान्यवर श्री कांशीराम जी की पुण्यतिथि के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये। विभिन्न राज्यों की राजधानी में ख़ासतौर से आयोजित इन कार्यक्रमों में कांशीराम जी को श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के साथ-साथ बाबा साहेब डा. अम्बेडकर व मान्यवर कांशीराम जी के सपनों का समतामूलक समाज व सर्वसमाज की बराबरी वाला देश बनाने के लिये अनवरत् संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया, जिसके लिये बीजेपी की ख़ासकर दलित, ओ.बी.सी. व धार्मिक अल्पसंख्यक-विरोधी सरकार को उखाड़ फेंकना ज़रूरी समझा गया।

इस अवसर पर अपने संप्क्षित सम्बोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में बीजेपी को सत्ता का मौका देने वाले लोग अब काफी पछता रहे हैं और खून के आँसू रो रहे हैं क्योंकि बीजेपी सरकार की तानाशाही व निरंकुश रवैये के साथ-साथ इनकी संकीर्ण, पक्षपातपूर्ण, जातिवादी, साम्प्रदायिक व धन्नासेठ समर्थक नीति व ग़लत कार्यप्रणाली के कारण समाज का हर वर्ग पीडि़त है परन्तु मुखर होकर अपना दुरूख भी व्यक्त नहीं कर पा रहा है क्योंकि बीजेपी सरकार के प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के ऊपर टिप्पणी व आलोचना करने पर पुलिस व सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग करके उन पर गलत मुकदमा आदि कायम करके उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है जबकि वास्तविक आपराधिक, जातिवादी व साम्प्रदायिक तत्वों को हर प्रकार की खुली छूट मिली हुयी है तथा बीजेपी सरकारें वैसे अवांच्छित तत्वों को हर प्रकार की सुरक्षा व संरक्षण प्रदान कर रही है।

इसके साथ ही जनहित व जनकल्याण के साथ-साथ देशहित के ख़ास मुद्दों जैसे गऱीबी, महंगाई, बेरोजगारी, अशिक्षा स्वास्थ्य, शान्ति व सीमा एवं आन्तरिक सुरक्षा आदि के अत्यन्त ही महत्त्वपूर्ण मामलों में बीजेपी सरकार की घोर विफलता का ही परिणाम है कि कुछ मु-ीभर बड़े-बड़े पंूजीपतियों व धन्नासेठों को छोड़कर देश का हर समाज व व्यक्ति अपने भविष्य के प्रति आशंकित नजऱ आ रहा है तथा इन सब कमियों पर से लोगों का ध्यान बाँटने के लिये ही बीजेपी नेताओं द्वारा राष्ट्रधर्म, राष्ट्रगान, देशगान, देशभक्ति आदि भावनात्मक मुद्दों को उभारने का प्रयास किया जा रहा है जबकि ये सब मामले लोगों की पहली आवश्यकता रोजी-रोटी, आत्म-सम्मान व सुरक्षा है, जो यह सरकार लोगों को नहीं मुहैया करा पा रही है।

बीजेपी सरकार की ग़लत नीतियों का ही यह परिणाम है कि देश में पेट्रोल व रसोई गैस आदि जैसे बुनियादी जरूरत की चीजों के दाम भी आसमान छू रहे हैं परन्तु इन बातों से बेपरवाह होकर बीजेपी सरकारें केवल अपनी झूठी वाह-वाही लूटने में ही सरकारी धन, शक्ति व संसाधन का ग़लत इस्तेमाल किये जा रही है। उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार द्वारा दलित व ओ.बी.सी. वर्ग में जन्में महान सन्तों, गुरुओं व महापुरुषों के आदर-सम्मान में जो भव्य व ऐतिहासिक महत्त्व के स्थल, स्मारक व पार्क आदि सार्वजनिक स्थल बनाये हैं, उनकी सही देखरेख करने के बजाय उनकी उपेक्षा की जा रही है, यह मुँह में राम और बग़ल में छुरी मुहावरे को चरितार्थ करता है।

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