देश में फिर नोटबंदी जैसे हालात, इन कारणों से यूपी समेत कई राज्यों में कैश की किल्लत

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नई दिल्ली। देश में नोटबंदी को लागू हुए लगभग डेढ़ साल हो रहे हैं। लेकिन देश में के बार फिर नोटबंदी के समय जैसे हालात पैदा होते जा रहे हैं। देश के कई बड़े राज्यों में एटीएम खाली पड़े हैं और सरकार कह रही है कि घबराने की जरूरत नहीं दो तीन दिन में हालात सामान्य हो जायेंगे। वहीं चौकाने वाली बात तो यह है कि कई जगहों पर तो ऐसा हो रहा है कि मोबाइल पर निकासी का मैसेज तक आ रहा है और पैसे निकल नहीं रहे हैं। इस कैश की किल्लत से आम लोग ख़ासा परेशान नजर आ रहे हैं।

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नोटबंदी के समय जैसे हालात पर सरकार की सफाई

देश में नोटबंदी के समय जैसे हालात पर वित्‍तमंत्री अरुण जेटली ने सफाई देते हुए कहा है कि देश में कैश के हालात का जायज़ा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर आवश्यकता से ज़्यादा कैश चलन में है और बैंकों के पास भी है। कैश की कमी होने की पीछे की वहज बताते हुए अरुण जेत्तली ने कहा कि कुछ इलाक़ों में अचानक और बढ़ी हुई मांग से पैदा हुई क़िल्लत से जल्द ही निपटा जा रहा है। इधर वित्त राज्यमंत्री का कहना है कि कैश की कोई किल्लत नही हैं, ये अलग बात है कि कहीं कम है तो कहीं ज़्यादा है। उन्होंने कहा कि 2-3 दिन में सब ठीक हो जाएगा।

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कैश की किल्लत की ये हैं वजह

देश में नोटबंदी के दौरान लोगों को कैश की कमी से जूझना पड़ा था। लेकिन अब दोबारा देश के कसी बड़े राज्यों में कैश की कमी आ रही है। आम जनता इससे काफी परेशान नजर आ रही है। वहीं कई जगहों पर एटीएम में पैसे निकालने की सीमा निर्धारित कर दी गयी है। लेकिन हम आपको बताएंगे की कैश की कमी आखिर आ क्यों रही है…

देश के उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश से लेकर गुजरात तक के कई शहरों में एटीएम से नकदी नहीं मिल रही है। इसकी पहली वजह लोगों द्वारा एटीएम का ज्यादा इस्तेमाल किया जाना यानि ज्यादा कैश निकाला जाना सरकार की तरफ से कहा गया है कि लोगो द्वारा कैश निकासी की होड़ लगी हुई लोग 5 हजार से ज्यादा ररुपये निकाल रहे हैं। सरकार की तरफ अपील की गयी कि अगर जरूरत न हो तो कैश न निकालें।

कैश की कमी में आने की दूसरी वजह नोटों की छपाई रोका जाना नोटबंदी के बाद समय बड़ी संख्या में नए नोट छापे गए थे। लेकिन पिछले कुछ महीनो में नोटों की छपाई को रोक दिया गया है। इसे भी कैश की कमी एक वजह माना जा सकता है। पिछले साल मई में दो हजार के नोटों को छापना बंद कर दिया गया था. इसकी जगह पांच सौ और दो सौ रुपये के नोटों को लाया गया। इससे एटीएम में डाले जा रहे नोटों की वैल्यू कम हो रही है। गौर करने की बात है कि अगर दो हजार के नोटों से एटीएम को भरा जाए तो 60 लाख रुपये तक आ जाते हैं। पांच सौ और सौ के नोटों से ये क्षमता महज 15 से 20 लाख रुपये रह गई है।

तीसरी और सबसे बड़ी वजह कैश कम होने की जानकारों की माने तो हाल ही में देश सामने आये बैंक घोटालों से देश की जनता के विश्वास को बड़ा झटका लगा है। जिसमें पीएनबी घोटाला, रोटोमैक घोटाला व अन्य बैंक घोटाले भी शामिल हैं। इन घोटालों से लोगों में अपने पैसे बैंको में रखने को लेकर भय है। जिसकी वजह से लोग अपने पैसे बैंक में रखने से डर रहे हैं।

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