भारतीय नववर्ष पर शोभायात्रा व बौद्धिक संगोष्ठी का आयोजन

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लखनऊ। गीता परिवार के तत्वाधान में भारतीय नव संवत्सतर के अवसर पर प्रातः काल में एक ही समय पर बाल संस्कार केन्द्रों के बच्चों के द्वारा राजधानी के छः केन्द्रों से शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें बच्चे विविध उद्घोषणा के बैनर लिये हुए। साथ ही भारतीय नववर्ष हमारा है, अमर ज्योति जलाएंगे भारतीय नववर्ष मनाएंगे, यह नववर्ष हमारा है। हमको प्राणों से प्यारा है, तरह-तरह की घोषणाएं बोलते हुए चल रहे थे और भारत माता व बच्चां पर विभिन्न स्थानों से पुष्पवर्षा भी की गई।

भारतीय नववर्ष पर सांस्कृतिक कार्यक्रम

आइये हम सब मिलकर मनाये भारतीय नववर्ष पर सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं बौद्धिक संगोष्ठी का आयोजन कल्याणकारी आश्रम श्री दुर्गाजी मंदिर, शास्त्रीनगर, लखनऊ में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथियों में राजेन्द्र गोयल, ताराचन्द अग्रवाल, सुधीर शंकर हलवासिया, अनुपम मित्तल, कृष्ण कुमार शुक्ला, रामनरेश मिश्रा तथा मुख्य वक्ता में डा. आशु गोयल की उपस्थित थे। अयगिरीनंदिनी नंदिनी नंदिता मेदिनी… गीत पर नैंसी मिश्रा, जान्हवी राज साहू, टिशा श्रीवास्तव, माही वर्मा ने मनमोहक नृत्य अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेरा।

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1000 वर्षो की गुलामी से हमारा बहुत सा प्राचीन ज्ञान वैभव नष्ट हो गया

डा. आशु गोयल ने बताया कि हमें अपने सांस्कृतिक मूल्यों से भी हमारा परिचय होना ही चाहिये। हम विश्व की जीवित सबसे प्राचीन व सर्वाधिक वैज्ञानिक संस्कृति के वंशज है लगभग 1000 वर्षो की गुलामी से हमारा बहुत सा प्राचीन ज्ञान वैभव नष्ट हो गया। जिस कारण हम अपनी संस्कृति की विरासत को भूल सा गये है। भारत पूरी दुनिया में अकेला देश है जिसने वसुधैव कुटुम्बकम् की अवधारणा से पूरे विश्व को अपना परिवार माना और आश्रय दिया। आइये हम सब मिलकर मनाये भारतीय नववर्ष। आज से ही भारतीय नवसंवत्सर का आरंभ होता है।

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सम्राट विक्रमादित्य ने इसी दिन विक्रमी संवत् का आरम्भ किया

इसी दिन ब्रहमाजी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की, रामजी ने इसी दिन लंका विजय के बाद अयोध्या में राज्याभिषेक के लिये चुना, सम्राट युधिष्ठिर का राज्याभिषेक इसी दिन हुआ, सम्राट विक्रमादित्य ने 2075 वर्ष पहले इसी दिन अपना राज्य स्थापित किया व विक्रमी संवत् का आरम्भ किया। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक भारतीय नव संवत्सर जानकारी देना एवं एक-दूसरे को नववर्ष की बधाई देने के लिए प्रोत्साहित करना था। सोशल मीडिया के विविध आयाम जैसे फेसबुक, वाट्सअप, ट्विटर, इंस्टा. एवं 200 विद्यालयों में जन जागरण अभियान चलाकर भारतीय नववर्ष मनाने का आग्रह किया गया।

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