कांग्रेस ने सदन में संवेदनहीनता की सारी हदें पार की : सुषमा स्वराज

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नई दिल्ली। मौसुल से अगवा हुए भारतीय नागरिकों की जानकारी आज सदन में न दे पाने वाली विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने प्रेस कांफ्रेंस के ज़रिये दी। उन्होंने कहा कि सदन के अन्दर कांग्रेस का बर्ताव किया जिससे लगा कि यहां संवेदनशीलता ख़त्म हो चुकी है,  साथ ही उन्होंने कहा  कांग्रेस ने सारी हदें पार कर दी थी।

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प्रधानमंत्री समेत सभी लोग इस मुद्दे पर लगातार काम कर रहे…

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने प्रेस से बात करते हुए कहा कि क्या अब विपक्ष मौत पर भी सियासत करेगा। उन्होंने कहा कि घटना  2014 की है अब 2018 का मार्च आ गया है। इस बीच में उन लोगों को ढूंढने के लिए हमने हर तरह से कोशिश की। इस सम्बन्ध में हमने वो सभी काम किये जो हम कर सकते थे। प्रधानमंत्री समेत सभी लोग इस मुद्दे पर लगातार काम कर रहे थे, प्रधानमंत्री ने इन लोगों की तलाश के लिए हर तरह से कोशिश की, कई द्विपक्षीय वार्ताएं भी की। साथ ही उन्होंने  कहा कि यह हमारा कर्तव्य है जब तक किसी की मौत की पुष्टि न हो जाए उसे  घोषित न किया जाए।

सुषमा ने प्रेस को बताया कि जब भी कोई बड़ी घटना घटती है तो सबसे पहले संसद को विश्वास में लिया जाता है, मैंने ऐसा ही किया, अगर सदन नहीं चल रहा होता तो मै इसकी जानकारी ट्विटर पर देती।

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विदेश मंत्री ने मीडिया को बताया कि…

सुषमा ने बताया कि मोसुल की आज़ादी से पहले हम ज्यादा ये जानने का प्रयास कर रहे थे कि ये लोग जिंदा हैं कि नहीं। लेकिन उसके 20-25 दिन बाद किसी का फोन नहीं आया तो हमने सोचा कि उनकी तलाश की जानी चाहिए। हमने डीएनए सैंपल इसलिए लिए, क्योंकि वहां पर मास ग्रेव थे। वहां काम करने वाले मार्टिस फाउंडेशन ने हमसे ये डीएनए सैंपल मांगे थे। हमने ईराक के विदेश मंत्री से इस तलाश में मदद मांगी थी। हमने पंजाब, हिमाचल, बिहार और पश्चिम बंगाल से संपर्क कर डीएनए सैंपल इकट्ठा किए। ये तब मिले जब जनरल साहब बद्दुश गए। वहां एक टीला खड़ा था, इस टीले पर कई लाश दफनाई हुई थीं, इसके बाद टीले पर खोजबीन शुरू की गयी।

इसके बाद हमने उस टीले की खुदाई करवाई। सारी लाशें निकलवाईं। जब शव निकलकर आए तो पहला प्रमाण मिला कि इनकी तादाद 39 थी।  दूसरा सुबूत यह था कि उसमें कुछ लंबे बाल निकले। एक कड़ा निकला जो सिख धर्म के लोग पहनते हैं। उम्मीद जगी कि ये हमारे लोग हो सकते हैं। शवों को बगदाद ले गए। यहां मार्टिस फाउंडेशन से कहा गया कि डीएनए सैंपल से आप इससे मिलान करिए। संपल में सबसे पहला मिलान संदीप कुमार का हुआ। इस तरह से हर रोज़ तीन- चार सैम्पल मैच होते गये। कल हमें सुचना मिली है कि 38 सैम्पल मिल गये हैं, एक अभी नहीं मिला है।

सुषमा ने कहा लोग सोचते होंगे कि हमने कोई 39 लाशें चुन ली हैं और कह दिया है कि यह उन्हीं लोगों की लाशें हैं, ऐसा हम हरगिज़ नहीं करंगे, यह पाप होगा, एक-एक नाम के साथ मार्टिस फाउंडेशन ने आइडेंटिफिकेशन जारी की है और इसके बाद हमने इस बारे में घोषणा की है।

 जिन लोगों की मौत की पुष्टि हुई उनके नाम विदेश मंत्रालय ने जारी किए…

पंजाब: धर्मेंदर कुमार, हरीश कुमार, हरसिमरनजीत सिंह, कंवलजीत सिंह, मलकीत सिंह, रंजीत सिंह, सोनू, संदीप कुमार, मनजिंदर सिंह, गुरुचरण सिंह, बलवंत राय, रूपलाल, देवेंदर सिंह, कुलविंदर सिंह, जतिंदर सिंह, निशान सिंह, गुरदीप सिंह, कमलजीत सिंह, गोबिंदर सिंह, प्रीतपाल शर्मा, सुखविंदर सिंह, जसवीर सिंह, परविंदर कुमार, बलवीर चांद, सुरजीत मैनका, नंदलाल, राकेश कुमार।

हिमाचल प्रदेश : अमन कुमार, संदीप सिंह राणा, इंद्रजीत, हेमराज।

प. बंगाल : समर टिकादार, खोकहान सिकदर।

बिहार : संतोष कुमार सिंह, बिद्या भूषण तिवारी, अदालत सिंह, सुनील कुमार कुशवाहा, धर्मेंद्र कुमार, राजू कुमार यादव।

 

 

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