सुप्रीम कोर्ट के बागी न्यायाधीशों के बदले सुर, आज सुलह के पूर्ण आसार

सुप्रीम कोर्ट
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नई दिल्ली। भारत के सुप्रीम कोर्ट पर आये संकट के बादल हटते नजर आ रही हैं। इस मामले में मुख्य न्यायधीश का विरोध करने वाले चार जजों में दो वरिष्ठ जजों के सुर नरम पड़ते दिखाई पड़ रहे हैं। ऐसा पहली बार था जब न्यायाधीशों को अपनी बात रखने के लिए मीडिया का सहारा लेना पड़ा हो। वहीं ताजा जानकारी के मुताबिक इस मामले से सम्बंधित दो न्यायाधीश कुरियन जोसेफ और रंजन गोगोई ने सुप्रीम कोर्ट पर कोई भी संवैधानिक संकट होने की बात से इंकार किया है। उम्मीद की जा रही है कि ये मामला रविवार तक सुलझ जाए।

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सुप्रीम कोर्ट के आवाज उठाने वाले न्यायाधीश ने कहा बाहरी दखल की जरुरत नहीं

  • इस मामले में आवाज उठाने वाले न्यायाधीश कुरियन जोसेफ का कहना है है कि बाहरी दखल की जरुरत नहीं है।
  • कोच्चि में मीडिया से रूबरू होते हुए कुरियन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में किसी प्रकार का संवैधानिक संकट नहीं है।
  • उन्होंने सिर्फ प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाया है और उन्हें आशा है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान मिल जायेगा।
  • इस मामले में बाहरी लोगों को दखल देने की आवश्यकता नहीं है।
  • कुरियन ने आगे बोलते हुए कहा कि ये मामले संस्थान के अन्दर उठाया गया है।
  • इसके समाधान के लिए संस्थान जरुरी कदम स्वयं उठाएगा।
  • वहीं इस मामले में न्यायधीश रंजन गोगोई ने भी संवैधानिक संकट से इंकार किया है।
  • साथ ही प्रेस कांफ्रेंस करने से नियमों के उल्लंघन की बात से भी वे बचते नजर आये।
  • सूत्रों की माने तो आज दोपहर तक ये मामला सुलझने की उम्मीद है।
  • कहा जा रहा है कि मुख्य न्यायाधीश इस मामले में चारों न्यायाधीशों से मुलाकात कर सकते हैं।

 सुप्रीम कोर्ट के मामले में सियासत हुई तेज

  • सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के मामले का मीडिया में आने के बाद इस पर सियासत तेज हो गयी है।
  • जहाँ एक तरफ सरकार ने इसे न्यायपालिका का निजी मामला बताकर अपना किनारा करा लिया है।
  • वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इस मामले में कूद पड़ा है।
  • विपक्ष ने इसे देश और न्यायपालिका का गंभीर मुद्दा बताया है।
  • साथ ही चरों न्यायाधीशों की मांग सुने जाने की मांग कर रहा है।
  • इस मामले में बीजेपी के नेता और सहयोगी दल भी न्यायाधीशों की मांग सुनने की बात कह रहे हैं।
  • इस मामले में शुक्रवार को हुई प्रेस कांफ्रेंस के बाद बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने इस गंभीर मुद्दा बताया था।
  • स्वामी ने इस मामले में पीएम मोदी के दखल देने की बात कही थी।
  • वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने प्रेस कांफ्रेंस कर न्यायाधीशों के मांग के अनुसार जस्टिस लोया के मौत की जांच की बात कही थी।
  • शनिवार को भी बयानबाजी का दौर जारी रहा शिवसेना की तरफ से भी बयान आया।
  • शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि शुक्रवार को जो हुआ वह चिंता का विषय है।
  • इसके लिए भले ही चारों न्यायाधीशों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
  • लेकिन ये भी सोचना चाहिए कि आखिरी ये कदम क्यों उठाना पड़ा।
  • बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि वो चारों न्यायाधीशों के साथ हैं।
  • हमे उनकी आलोचना करने के बजाय उनकी बात को गंभीरता से सुनना चाहिए।    

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