साहब! चौकी इंचार्ज दे रहे हैं जेल भेजने की धमकी

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लखनऊ। डीजीपी लाख चाहे कि उनके मातहत फरियादियों से अच्छा व्यवहार करें, लेकिन वर्दी के नशे में चूर उनके कुछ मातहत ऐसे भी हैं, जो लगातार उनकी किरकिरी कराने पर तुले हुए है। गुरुवार को पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कराने गए कपड़ा व्यवसाई को थाने में जमकर पीटने और फिर उसी के खिलाफ मुकदमा लिखने के बाद भी पुलिस का मन अभी भरा नही है। छोड़ते वक्त थाने में मौजूद चौकी इंचार्ज ने उससे जबरदस्ती माफीनामा लिखवाया।

चौकी इंचार्ज ने मुचलके पर छोडऩे के दौरान जबरदस्ती माफीनामा लिखाने की कही बात

पीडि़त के मुताबिक वो माफीनामा लिख ही रहा था कि तभी दारोगा ने उसे फिर से भद्दी-भद्दी गालियां देनी शुरु कर दी। ये सुनकर पीडि़त ने लिखा जा रहा माफीनामा फाड़ दिया। पीडि़त ने बताया कि चौकी इंचार्ज तेलीबाग अरविन्द चतुर्वेदी ने उसे धमकाते हुए कहा कि मैं मामले की विवेचना कर रहा हूं, होश में रहो नही तो किसी न किसी मामले में लपेटकर जेल भेज दूंगा। दिन भर से पुलिस की क्रूरता झेल रहा कपड़ा व्यवसाई पुलिस के ये बोल सुनकर दहशत में है। उसका कहना है कि साथ रहा उसका दस वर्षीय बेटा जब से थाने से लौटकर आया है, वो सहमा हुआ है। वर्दी का वो रौद्र रूप द्वेष वो इतना सहमा हैं कि कुछ बोल ही नही रहा हैै।

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बताते चले कि तेलीबाग में रहने वाले कपड़ा व्यवसाई की पत्नी बीते 3 अप्रैल से लापता पत्नी की गुमशुदगी लिखवाने के लिए बीते सात दिनों से थाने के चक्कर लगा रहा था।  पीडि़त राजा की मानें तो गुरूवार को वो थाने पहुंचा और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से गुहार लगाई। जब उसकी बात किसी ने नही सुनी तो वो सीधे इंस्पेक्टर रविन्द्रनाथ राय के कमरे में जा पहुंचा।

पीडि़त के मुताबिक उसने अपनी बात कहते हुए बीते सात दिनों से थाने के पुलिसकर्मियों की करतूत बताई तो इंस्पेक्टर अपना आपा खो बैठे और वही पर उसे जमकर पीट दिया। इसके बाद चौकी इंचार्ज एल्डिको अरूण कुमार मिश्रा को सौंपते हुए कहा कि इसकी तबियत ठीक कर दो। बाद उन्होने थाना कार्यालय ले जाकर उसे जमकर पीटा। वहां पहुंचे एक मीडियाकर्मी ने जब ये करतूत अपने कैमरे में कैद करने का प्रयास किया तो वर्दी के नशे में चूर दरोगा ने उनके साथ भी अद्रता शुरु कर दी।

ये बात अन्य पत्रकारों को पता चली तो सभी थाने पहुंच गए। मामला बढ़ता देख पुलिस ने तुरन्त गुमशुदगी लिखने के साथ ही आरोपी के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज कर कर उसे हवालात में डाल दिया। इस दौरान उसका दस वर्षीय मासूम बेटा पिता के पास जाने के लिए हवालात की तरफ जाने लगा तो वहां खड़े पुलिस उसे बर्बरतापूर्वक खींचकर अलग कर दिए, इस दौरान वो मासूम बच्चा रोता रहा।

मासूम पुत्र खाकी के खौफ से सहमा

पीजीआई कोतवाली में गुरुवार दोपहर में फ रियादी व उसके नाबालिग बेटे से हुए क्रूरतापूर्ण व्यवहार के मामले में एसएसपी ने एल्डिको चौकी इंचार्ज अरूण कुमार मिश्रा को लाइन हाजिर कर दिया, जबकि पीडि़त पर सबसे पहले हाथ उठाने वाले इंस्पेक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नही हुई।

वही पीडि़त का आरोप है कि देर शाम जब पुलिस ने उसे निजी मुचलके पर छोड़ा तो उससे जबरदस्ती माफीनामा भी लिखवा लिया। इस दौरान वहां मौजूद चौकी इंचार्ज तेलीबाग अरूण कुमार चतुर्वेदी लगातार पीडि़त से गाली-गलौज करने के साथ ही धमकाते भी रहे, जिससे पीडि़त का मासूम बेटा सहमा हुआ है।

गुमशुदगी दर्ज करने के बाद शांत हुई पुलिस

पीडि़त राजा का कहना है कि पहले तो उसे सात दिनों तक पुलिस टरकाती रही। उसके बाद गुरुवार को उसे जमकर पीटने के बाद उसकी पत्नी की गुमशुदगी दर्ज की गई। पीडि़त का कहना है कि उसने पुलिस को कुछ ऐसी बातें बताई है, जिसकी मदद से उसकी पत्नी तक पहुंचा जा सकता है, लेकिन पुलिस कोई कदम नही उठा रही है। वही पीडि़त को डर हैं कि कही उसकी पत्नी के साथ कोई अनहोनी न हो जाए।

पुलिस की प्रताडऩा से करहाता रहा

पत्नी के गायब हो जाने से तीन नाबालिग बच्चों के साथ रह रहे मानसिक रूप से परेशान राजा ने अपने हाथ की वह चोटिल उंगली दिखाई, जो पुलिस की पिटाई से टूट गई है। पीडि़त ने कहा मैंने इंस्पेक्टर के केविन में सिर्फ इतना कहा था कि मेरी पत्नी को गायब हुए सात दिन हो गए  फिर भी उसकी फरियाद कोई सुन नही रहा है। उसने उनके मातहतों की करतूत जैसे ही इंस्पेक्टर को बताने का प्रयास किया वैसे ही वो कुर्सी से उठे और पीटना शुरु कर दिया।

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