खतरे में राजद का राजनीतिक भविष्य, चुनाव आयोग ख़त्म कर सकता पार्टी की सदस्यता

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पटना। बिहार में लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाली राजद के राजनीतिक भविष्य पर संकट के बादल छाए हुए हैं। लालू के जेल चले जाने के बाद अब पार्टी की सदस्यता रद्द हो सकती है। ताजा जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग ने वर्ष 2014-15 का हिसाब-किताब न देने पर राजद को नोटिस जारी कर 20 दिनों के भीतर इसका जवाब देने को कहा है। बताया जा रहा है कि पार्टी की तरफ से तय समय में जवाब नहीं दिया गया तो पार्टी का चुनाव चिह्न रद्द किया जा सकता है।

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राजद को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार देना है जवाब

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के निदेर्शानुसार प्रत्येक पार्टी को हर वित्तीय वर्ष के अगले साल 31 अक्टूबर तक वार्षिक लेखा परीक्षा की रिपोर्ट पेश करनी होती है। लेकिन लालू की राजद ने 31 अक्टूबर 2015 तक वर्ष 2014-15 के लिए अपनी रिपोर्ट नहीं पेश की।

जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग ने सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि आयोग ने राजद को अब तक आठ बार यानी 10 नवम्बर 2015, 20 जनवरी 2016, 26 फरवरी 2016, 25 मई 2016, पांच अक्टूबर 2016, दो जून 2017, 12 जनवरी 2018 और 13 मार्च 2018 को स्मरणपत्र जारी करके हिसाब-किताब देने को कहा।

लेकिन पार्टी ने रिपोर्ट नहीं पेश की, इसलिए उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है कि चुनाव चिह्न आदेश 1968 के परा 16 ए के तहत क्यों न कार्रवाई की जाए। वहीं आयोग ने सख्ती से पेश आते हुए कहा है कि नोटिस मिलने के 20 दिनों के भीतर पार्टी अपनी लेखा रिपोर्ट पेश करे अन्यथा आयोग अब बिना कोई सूचना दिए पार्टी के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।

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