पंजाब के मशहूर सूफी गायक उस्ताद प्यारे लाल वडाली का निधन

वडालीवडाली

पंजाब। अमृतसर मशहूर सूफी गायक उस्ताद प्यारे लाल वडाली का शुक्रवार निधन हो गया। वह काफी समय से बीमार चल रहे थे। वे निजी अस्पताल में आखिरी सांस ली। वडाली को तीन दिन पहले अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उनकी दोनों किडनिया फेल हो चुकी थीं जिस कारण डॉनर की तलाश की जा रही थी लेकिन डॉनर ना मिलने के कारण उनका आज सुबह निधन हो गया।

वडाली अभी भी शो करते थे

सुत्रों अनुसार उन्हें दिल का दौरा पडऩे की भी खबर है। उस्ताद प्यारे लाल ने तू माने या ना माने दिलदारा समेत कई गीत इंडस्ट्री को दिए। प्यारे लाल  के भतीजे लखविंदर वडाली ने उनके निधन की पुष्टि की है। बता दें कि पूर्णचंद वडाली और प्यारे लाल वडाली अभी भी शो करते थे। उन्होंने बॉलीवुड को भी कई गीत दिए। वह कपिल शर्मा के शो में भी एक साथ नजर आए थे। भारत सरकार ने दोनों भाइयों को पदमश्री अवार्ड से भी नवाजा था। प्यारेलाल कुछ वक्त से बीमार चल रहे थे। इसलिए पूरणचंद अपने बेटे लखविंदर वडाली के साथ स्टेज शेयर कर रहे थे।  वडाली ब्रदर्स शुरू से ही संगीत में रमे थे। उनके घर में ही संगीत का माहौल था। वो उसी संगीत घराने से थे जिससे उस्ताद बड़े गुलाम अली थे। इसे संगीत के क्षेत्र में पटियाला घराना कहा जाता है।  कहा जाता है कि वडाली ब्रदर्स फिल्मों में गाने से परहेज करते थे। लेकिन, रंगरेज गाने का जब उन्हें ऑफर मिला तो उन्होंने इनकार नहीं किया। बाद में ये गाना बेहद हिट हुआ।

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प्यारे लाल  बंधुओं ने बुल्ले शाह, कबीर, अमीर खुसरो और सूरदास के पदों को अपने संगीत में पिरोया। उन्होंने गुरबानी के अलावा गजल और भजन भी गाए। 2003 में वडाली बंधुओं की बॉलीवुड में एंट्री हुई। फिल्म पिंजर में उन्होंने गुलजार का लिखा गाना गाया। इसके अलावा उन्होंने धूप, तमिल फिल्म चिक्कू बुक्कु, तनु वेड्स मनु और मौसम फिल्म के लिए भी गाने गाए। 2005 में भारत सरकार ने पूरनचंद वडाली को पद्मश्री से सम्मानित किया। वडाली ब्रदर्स ने एक से बढक़र एक सूफी गाने गाए

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