यूपी बोर्ड: 31 काॅलेजों की मान्यता पर लटकी तलवार, डीआईओएस ने भेजा नोटिस

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लखनऊ। यूपी बोर्ड परीक्षा को नकल मुक्त बनाने के योगी सरकार सभी सख्त कदम उठाए, लेकिन योगी की सख्ती राजधानी के काॅलेजों को रास नहीं आई। ये सभी काॅलेज सरकार व शासन की मंशापर पानी फेरते नजर आए। राजधानी के करीब दो दर्जन काॅलेजों ने अपने शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा ड्यूटी में भेजना मुनासिब ही नहीं समझा।

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10 मार्च तक काॅलेजों को देना है अपना जवाब

काॅलेजों की इस लापरवाही पर जिला विद्यालय निरीक्षक डाॅ. मुकेश कुमार सिंह ने सख्त रूख अपनाया है।  शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा न भेजे जाने की घटना को गंभीर माना है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी लापरवाह 31 काॅलेजों को नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षकों न भेजने वाले काॅलेजों को अब आगामी 10 मार्च तक अपना जवाब देना है।

 

शासनादेश के अनुसार बोर्ड परीक्षा  ड्यूटी करना आवश्यक सेवा

जिला विद्यालय निरीक्षक ने अपने  पत्र में कहा है कि शासनादेश के अनुसार बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी करना आवश्यक सेवा के अंतर्गत परिभाषित है। ऐसे में काॅलेज के शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा में न भेेजे जाने स्पष्ट होता है कि बोर्ड की तरफ से निर्धारित मानक व योग्यता के  अनुसार काॅलेज में शिक्षक तैनात नहीं हैं। इसके अलावा यह नकल मुक्त बोर्ड परीक्षा संपन्न कराने में जानबूझ कर अवरोध उपत्पन्न किया जाना प्रतीत होता है। डाॅ. सिंह ने कहा कि संतोष जनक जबाव नहीं मिलने पर इन विद्यालयों के मान्यता प्रत्याहरण संबंधी कार्रवाई की जा सकती है।

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