म्यांमार की सेना का ज़ुल्म उजागर करने वाले पत्रकार गिरफ्तार…

Please Share This News To Other Peoples....

बर्मा। म्यांमार की सेना और बुद्धिस्टों के हाथों रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे ज़ुल्म व नरसंहार की ख़बरें पब्लिश करने वाले पत्रकार को म्यामार में गिरफ़तार कर लिया गया है।

यह भी पढ़ें : मुसाफिरों को रोक कर धड़ल्ले से बदमाश कर रहे लूट…

सरकारी रहस्य क़ानून के तहत हुई पत्रकारों पर कार्रवाई…

दो पत्रकारों वा लोन और कीवसोए ओ को देश के सरकारी रहस्य क़ानून के उल्लंघन के आरोप में गिरफ़तार किया गया था। अब इन पत्रकारों पर यही मुक़द्दमा चलाया जा रहा है। मालूम हो कि पत्रकारों ने पिछले साल राख़ीन में दस रोहिंग्या मुसलमानों के नरसंहार के साक्ष्य पेश कर दिए थे। पत्रकारों ने उम्मीद की थी कि इन सबूतों से लोगों का ध्यान इस बड़े संकट की ओर केन्द्रित होगा।

यह पढ़ें : लखनऊ : चलती गाड़ी में टेन्ट व्यापारी की गोली मारकर हत्या

मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक नरसंहार किया है म्यांमार सेना ने…

आपको बता दें कि म्यांमार की सेना बार बार दावा करती है कि वह चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्यवाही कर रही है लेकिन मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि हज़ारों की संख्या में बेगुनाह नागरिकों का नरसंहार किया गया है।

मालूम हो कि दोनों पत्रकारों ने बड़ी हिम्मत से रिपोर्टिंग की और बहुत सारे साक्ष्य जमा कर लिए। दोनों पत्रकारों को गत 12 दिसम्बर को पुलिस के साथ मुलाक़ात और उससे दस्तावेज़ हासिल करने के बाद गिरफ़तार कर लिया गया।

 

Related posts:

सीएम योगी के खिलाफ केस वापस लिए जाने के निर्देश
Budget सत्र 2018: जानिए अब तक मोदी राज में कितनी मजबूत हुई भारतीय सेना
Complicated Operation कर वर्षों से भटक रहे मरीजों को दी नई जिंदगी
'योगी की मंडी' में भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए लग रही है करोड़ों की बोली
नेपाल पुलिस ने एक कुख्यात अपराधी एवं उसके एक साथी का किया एनकाउंटर
देश से नक्सलवाद खत्म होने की कगार पर : राजनाथ सिंह
लखनऊ: हनुमान जयन्ती पर मंदिरों में पूजन-अर्चन, भंडारे का आयोजन
रिलायंस ने शुरू की JIO Payment Bank सेवा, मिलेंगे ये फायदे
गरीबी को मात दे कुबेर ने यूपी बोर्ड में बजाया मेधा का डंका
65वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से पहले विवाद, 120 विजेताओं ने किया बहिष्कार का ऐलान
गांधी, नेहरू और वाजपेयी पर आप नेता ने की अभद्र टिपण्णी, अब चलेगा मुक़दमा
सीएसआईआर के शोधों का लाभ अब हिन्द महासागर तटीय देशों को मिलेगा: डॉ.गिरीश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *