नेशनल का प्रिंसिपल करता है छात्राओं से छेड़छाड़, लगे गंभीर आरोप

नेशनल
Please Share This News To Other Peoples....

लखनऊ। नेशनल इंटर कॉलेज का प्रिंसिपल उमाशंकर सिंह छात्राओं से छेड़छाड़ करता है। मंगलवार को कॉलेज में पढ़ने वाली इंटर की छात्राओं ने यह आरोप लगाकर सनसनी मचा दी। छात्राओं का कहना है कि प्रिंसिपल अक्सर उन्हें ऑफिस में बुलाकर गंदी बातें करते हैं। छात्राओं का  आरोप है कि वह घर भी चले आते हैं।

नेशनल के प्रिंसिपल ने खुद को परिसर स्थित आवास में बंद कर लिया

छात्राओं का आरोप हैं कि प्रिंसिपल उमाशंकर सिंह  कहते हैं  उनके घर पर लॉक लगा है। इस कारण वह घर नहीं जा सकतें हैं। इसका बहाना  बनाकर कहतें हैं   कि वह आज यहीं रुकेंगे। पनीर बनाकर खिलाओ। छात्राओं ने बताया कि बाराबंकी से बोर्ड की ड्यूटी पर आईं महिला टीचर्स से भी उन्होंने अश्लील हरकतें की हैं। छात्राओं के खुलासे के बाद स्कूल के बार परिजनों और छात्राओं ने जमकर हंगामा किया। हंगामे की सूचना पाकर हजरतगंज पुलिस कॉलेज पहुंची तो प्रिंसिपल ने खुद को परिसर स्थित आवास में बंद कर लिया।

ये भी पढ़ें :-बलरामपुर हॉस्पिटल की ओपीडी में हंगामा, पैसे लेकर हो रहा था इलाज 

रिजल्ट लेने गई छात्रा से की थी छेड़खानी

नेशनल कॉलेज में 11वीं की छात्रा सुमन बदला हुआ नाम ने बताया कि वह सोमवार दोपहर एक बजे वार्षिक परीक्षा का अपना रिजल्ट लेने कॉलेज गई थीं। तभी प्रिंसिपल ने उसे अपने कार्यालय में बैठा लिया। पहले उसका हाथ पकड़ा और फिर छेडख़ानी करने लगे और अश्लील हरकत करने लगे। विरोध करने पर बोर्ड परीक्षा में रोकने का दबाव बनाया, लेकिन वह हाथ छुड़ाकर कमरे से बाहर आ गई। इसी दौरान उसकी कुछ साथी छात्रा प्रिंसिपल के रूम में पहुंची। प्रिंसिपल ने सभी छात्राओं को अपने कमरे में रोक लिया। जब छात्राओं ने जाने की बात कही तो प्रिंसिपल उन्हें अभद्रता करना शुरू कर दिया। छात्रा के पिता बजरंगी ने बताया कि मंगलवार सुबह जब छात्रा ने आप बीती सुनाई तो वह और उनकी पत्नी अपने बच्चों के साथ प्रिंसिपल के पास पहुंचे। अभिभावकों के कॉलेज पहुंचने की खबर पाते ही प्रिंसिपल अपने कार्यालय से भाग लिए।

इस तरह छात्राओं की करते हैं हिफाजत

प्रिंसिपल की गंदी नियत की बात पूरे कॉलेज में आम है।  इनके कार्यालय में जब भी कोई छात्रा या शिक्षिका जाती हैं तो उनके पीछे-पीछे किसी बहाने से पुरुष शिक्षक या चपरासी भी आस-पास पहुंच जाते हैं। ताकि वह कार्यालय में प्रवेश करने वाली के साथ कुछ गलत हरकत न कर सकें। नाम न छापने की शर्त पर महिला अध्यापकों ने बताया कि प्रिंसिपल साहब का रवैया महिलाओं के प्रति अजीबो गरीब है। फिर चाहे महिला अधेड़ उम्र के अध्यापिका हो स्कूल में पढऩे वाली छात्रा प्रिंसिपल हर किसी को गलत निगाहों से देखते हैं।  ऐसे में छात्राएं कई बार यह समझ नहीं पाती हैं कि प्रिंसिपल  का यह रवैया किस लिए है। जब प्रिंसिपल साहब खुलकर सामने आ जाते हैं तब छात्राओं को मजबूरी में प्रिंसिपल की हरकतों की शिकायत अपने अभिभावकों से करना पड़ता है। अभिभावक कई बार बच्चियों को समझा-बुझाकर प्रिंसिपल से दूर रहने की राय देकर बात को दबा देते हैं तो कई बार विद्यालय में आकर प्रिंसिपल को खरी-खोटी सुना तक मामला सीमित हो जाता था।

स्कूल में 10 प्रतिशत से भी कम है छात्राएं

प्रिंसिपल उमा शंकर ने वर्ष 2010 में यहां को-एजूकेशन शुरू की थी। छात्राओं का आरोप है कि कक्षा छह से 12 तक की कक्षाओं में यहां पिछले साल तक 45 छात्राएं थीं, लेकिन प्रिंसिपल के आशिकी मिजाज की वजह से संख्या इस बार घटकर महज 27 रह गई है।यहां तकरीबन 12 सौ छात्र पढ़ाई करते हैं।

शिक्षिका ने  व्हॉट्स एप पर भेजा हुआ मैसेज भी दिखाया

कॉलेज की शिक्षिका ने ड्यूटी पर आई शिक्षिका ने  व्हॉट्स एप पर भेजा हुआ मैसेज भी दिखाया जिसमें उसने प्रिंसिपल की करतूत बताई थी।हंगामा बढ़ने के बाद मौके पर पहुंची हजरतगंज पुलिस को जब प्रिंसिपल मौके पर नहीं मिले तो वह कॉलेज परिसर में बने उनके आवास पर गई। यहां प्रिंसिपल के परिजनों ने पहले तो पुलिस को घर के अंदर घुसने से रोका। जब पुलिस किसी तरह अंदर घुसी तो घर की महिलाओं ने उन्हें धक्का देकर बाहर निकाल दिया। महिलाओं ने बताया कि प्रिंसिपल घर पर नहीं हैं।

ये भी पढ़ें :-इस कांग्रेसी को भुगतना पड़ा पार्टी की चूक का खामियाजा, हाथ से गया राज्यसभा का टिकट

पॉक्सो एक्ट के तहत  हज़रतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज

नेशनल इंटर कॉलेज के पुलिस ने प्रिंसिपल पर उमाशंकर सिंह  अश्लीलता,पॉक्सो एक्ट की एफआईआर दर्ज कर लिया है। यह रिपोर्ट हज़रतगंज कोतवाली में दर्ज़ कर ली गई है । बतातें चलें कि छात्राओं ने अश्लीलता का आरोप लगाया था ।

पुलिस ने छात्राओं से दिखाई सख्‍ती

प्रिंसिपल के परिजनों द्वारा अपमान का घूंट पीने के बाद खिसियाई पुलिस छात्राओं से ही सख्‍ती से पूछताछ करने लगी। पुलिसकर्मी देर से सूचना देने और घर वालों को पहले न बताने पर पीड़ित छात्राओं को फटकार भी लगाने लगे। पुलिस के इस व्‍यवहार से असहज हुई छात्राएं चुप हो गईं। हालांकि मौके पर मौजूद मीडिया कर्मियों ने जब इस सख्‍ती का विरोध किया तब जाकर पुलिस को अपनी गलती का अहसास हुआ।
 

‘मेरे ऊपर लगे सभी आरोप बेबुनियाद है। मुझे स्कूल के दो शिक्षकों आरपी सिंह और सुनरी मिश्रा राजनीति के तहत फंसा रहे है। पूरा स्कूल सीसीटीवी कैमरे की जद में है, मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।’

उमा शंकर सिंह, प्रिंसिपल नेशनल इंटर कॉलेज

‘छात्राओं के साथ किसी भी हाल में अन्याय नहीं होने देंगे। आरोप सच साबित हुए तो शिक्षक संघ खुले तौर पर प्रिंसिपल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करेगा।’

डॉ. आरपी मिश्रा, प्रवक्ता, माध्यमिक शिक्षक संघ

‘नेशनल इंटर कॉलेज का मामला सामने आया है। मौके पर पुलिस को भेजा गया था। पीड़ित पक्ष थाने आया है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। तीन छात्राएं नाबालिग हैं, इसलिए पॉस्‍को सहित अन्‍य कानूनी धाराएं शामिल होंगी। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।’

सर्वेश कुमार मिश्र, एसपी पूर्वी

Related posts:

मरीन ड्राइव पर दौड़ा रहे थे स्कूटी, स्टंट में छात्र की मौत
यूपी निकाय चुनाव के अंतिम चरण पर मुहर लगेगी बुधवार को, इनकी साख है दांव पर
योगी ने बख्शी तालाब के पास किया प0 दीन दयाल की मूर्ति का अनावरण
अब कर सकते हैं व्हाट्सऐप पर पैसे ट्रान्सफर, जानिए क्या है फीचर
महापुरूषों के नाम पर लखनऊ नगर-निगम के वार्डों का हो नामकरण
राज्यपाल ने चार विश्वविद्यालयों के कुलपति नियुक्त किए... जानें...
मिर्जापुर: फ्रांस के राष्ट्रपति संग पीएम मोदी ने किया सोलर प्लांट का उद्घाटन
राष्ट्रीय मुकद्दमा नीति न तैयार करने पर SC ने लगाई मोदी सरकार को फटकार
प्रियंका चोपड़ा के इस ड्रेस ने उड़ा दिए सबके होश, देखें हॉट तस्वीरें
आरआईएल के अच्छे दिन आना बाकी, ब्रोकरेज पॉजिटिव
चाचा नीतीश , ज़रा बताइये बिहार में सबसे पार्टी कौन है? तेजस्वी यादव
चुनाव-प्रचार में नफरत भरे भाषणों पर रोक लगाना जरूरी : चुनाव आयोग

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *