कैंडल मार्च से दबाव में आई सरकार, आरोपी विधायक को सीबीआई ने किया गिरफ्तार

कैंडल मार्च 
Please Share This News To Other Peoples....

नई दिल्ली। उन्नाव और कठुआ गैंगरेप की घटना देशभर में आक्रोश है। इन घटनाओं के बाद हर किसी के मन में एक बार फिर महिला सुरक्षा के प्रति चिंता सामने आई है। इसको लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार देर रात सभी को चौंकाते हुए दिल्ली के इंडिया गेट पर कैंडल मार्च का ऐलान कर दिया।

आधी रात को कांग्रेस के सभी बड़े नेता, राहुल की बहन प्रियंका गांधी ने किया कैंडल मार्च

आधी रात को कांग्रेस के सभी बड़े नेता, राहुल की बहन प्रियंका गांधी अपने परिवार के साथ इंडिया गेट पहुंचे और उन्नाव-कठुआ मामले में इंसाफ की आवाज़ उठाई। बतातें चलें कि उन्नाव गैंगरेप केस में राहुल गांधी के कैंडल मार्च का एक हद तक असर भी देखने को मिला। सीबीआई ने तड़के मामले में आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार कर लिया है।

ये भी पढ़ें :-उन्नाव गैंगरेप केस पर बोले सीएम योगी, हमारी सरकार नहीं करेगी कोई समझौता 

जब गुस्से आग बबूला हुई प्रियंका गांधी वाड्रा, भीड़ ने की धक्कामुक्की

प्रियंका गांधी वाड्रा महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ इस कैंडल मार्च में हिस्सा लेने के लिए काफी जल्दी पहुंच गई थीं। इंडिया गेट पर हुए कैंडल मार्च के दौरान प्रियंका वाड्रा से भीड़ द्वारा धक्कामुक्की की। इससे प्रियंका गांधी वाड्रा नाराज हो गईं। इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा इंडिया गेट पर जुटी भीड़ से यह कहती सुनाई दी कि जिस वजह से आप यहां इकट्ठा हुए हैं, कम से कम उसका सम्मान करें। उन्होंने भीड़ से शांति बनाए रखने की भी मांग की। प्रियंका ने कहा कि जो लोग यहां लोगों को धक्का देने आए हैं उन्हें घर चले जाना चाहिए। प्रियंका के अलावा मार्च में उनके पति रॉबर्ट वाड्रा और उनकी बेटी व बेटा भी मौजूद थे।

मोदी भगाओ, बेटी बचाओ जैसे नारे लगा रहे थे लोग

इस मार्च के दौरान हाथों में मोमबत्ती लिए लोगों को ‘मोदी भगाओ, बेटी बचाओ’ जैसे नारे लगाते सुना गया।पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, (उनमें से कुछ लोगों ने शराब पी रखी थी) क्योंकि कई लोगों ने बैरिकेड्स से छलांग लगा ली और यहां तक कि कई ने उन्हें तोड़ दिया। इंडिया गेट के पास भीड़ के कारण यातायात बाधित हो गया था। राहुल गांधी को बेकाबू भीड़ से बचाने में विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के अलावा मार्च में छात्र, नागरिक समाज सगठनों से जुड़े लोग, पेशेवर और मीडियाकर्मी भी शामिल थे।

Related posts:

चमगादड़ों के नेता हैं राहुल, विकास नहीं कांग्रेस हुई पागल: विजय रूपाणी
इंसानियत शर्मसार : वहशी बेटे ने माँ को उतारा मौत के घाट...
सर्दियों में आभूषणों के सही चुनाव का सही तरीका 
Republic Day: राज्यपाल रामनाईक और सीएम योगी ने दी तिरंगे को सलामी
जेपी निराला को सम्मानित करने पर राष्ट्रपति कोविंद की आंखे हुई नम
लखनऊ: गोमतीनगर कोतवाली का हो रहा भगवाकरण
इलाहाबाद: छात्र दिलीप के मौत परा समाजवादी छात्र नेताओं का हंगामा, बस को लगायी आग
आशियाना एसो ने की तेंदुए की हत्या, पुलिस बना रही कहानी...
राजनीति के रणनीतिकार की वापसी से गरमाई सियासत, मोदी को पीएम बनाने में था योगदान
"बला​त्कारी, भ्रष्टाचारी हैं तो आइए, ये अखिलेश का मंच है"- बीजेपी प्रवक्ता
लाल टोपी पहनकर जया मना रही थी जीत का जश्न, नजरे न मिला पाए नरेश अग्रवाल
केन्द्रीय मंत्री ने माना, सपा-बसपा साथ चुनाव लड़े तो BJP को होगा भारी नुक्सान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *