अयोध्या में श्रीश्री का स्वागत, लेकिन सुलह की गुंजाइश ही नहीं: बाबरी मस्जिद पक्षकार

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अयोध्या। बेशक आर्ट ऑफ़ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर के अयोध्या विवाद मध्यस्थता पर जहाँ कुछ लोग उनका समर्थन करते नजर आ रहे हैं। तो कई लोगो उनकी आलोचना कर रहे हैं। इस क्रम में बाबरी मस्जिद विवाद और रामजन्मभूमि  केस में पक्षकार रहे हाशिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी इसे महज सुर्खियाँ बटोरने का तरीका बताया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या आ रहे श्री श्री का स्वागत है। लेकिन इस मामले में सुलह को लेकर कोई गुंजाइश नहीं है।

बता दें कि बुधवार को श्री श्री रविशंकर ने लखनऊ में सीएम योगी से मुलाकात की थी। जिसके बाद गुरुवार को वह अयोध्या पहुँचने वाले हैं। जहां वह साधु-संतों के साथ-साथ बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े सभी पक्षकारों से मुलाकात कर मामले का कोर्ट के बाहर समाधान निकालने की कोशिश करेंगे।

बाबरी मस्जिद मामले में हाशिम अंसारी के निधन के बाद उनके बेटे इकबाल का कहना है कि जब भी चुनाव होने वाले होते हैं तो सुलह-समझौते की कोशिश शुरू हो जाती है। उन्होंने कहा कि अब भी इलेक्शन का समय है और श्री श्री को भगवान याद आ गये हैं। वो आएं और सबसे मिलें। देखते हैं वो सुलह समझौते का कैसा फार्मूला लेकर आए हैं। उनके आने के बाद ही पता चलेगा कि उनका फार्मूला कैसा है।

वहीं सुलह की बात प[आर बोलते हुए अंसारी ने कहा, “जब सुलह की बात की जाती है। तो सही तरीके सुलह करने की जगह पर कोर्ट में मुक़दमे हटवाने की बात की जाती है। उन्होंने कहा कि अगर हमें अयोध्या छोड़कर मस्जिद बनानी है, तो इसमें सुलह समझौता कहां रह गया? फिर तो हम लोग सुप्रीम कोर्ट पर निर्भर हैं। कोर्ट चाहे जो करे।

इकबाल ने साफ़ तौर पर कहा कि यह मामला कोर्ट से बाहर सुलझ ही नहीं सकता। ये सुलझने वाला नहीं है, न ही यहां कोई सुलझाने वाला आता है और न ही आएगा। उन्होंने कहा कि लोग राजनीति के लिए रामजन्मभूमि का मुद्दा उठाते हैं। यह राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा है।

इकबाल अंसारी ने सुलह पर बाहरी लोगों के हस्तक्षेप और बात आगे न बढ़ने देने का आरोप लगाते हुए कहा कि जो इस मामले पक्षकार हैं। वो जब आपस में बैठकर सुलह समझौते की बात करते हैं। लेकिन बाहरी लोग बीच में पड़कर इस मामले को और भी ज्यादा उलझा देते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही बात सुलह की तरफ बढ़ती है। वैसे ही कहीं न कहीं से लोग आ जाते हैं। वे कहने लगते हैं बाबरी के नाम से मस्जिद नहीं बनने देंगे। ये पूरी दुनिया में बताया गया है कि बाबरी मस्जिद हमने तोड़ा है। अब अयोध्या में मस्जिद नहीं बनने देंगे। इस बात पर मामला उलझता जाता है। अब बाबरी मस्जिद और रामजन्मभूमि बस राजनीति का मुद्दा बन चुका है। अब हमें सिर्फ कोर्ट के फैसले का ही इंतजार है।

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