सिद्धार्थ विश्वविद्यालय नकल रोकने में विफल

सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु की संचालित हो रही मुख्य परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए बने सचल दस्ते टीम की शिथिलता तथा केंद्रीय टीम का गठन न करना विश्वविद्यालय की व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।परीक्षा शुरू होने से पूर्व परीक्षा केंद्रों के निर्धारण को लेकर मीडिया में मनमाफिक केन्द्रो के निर्धारण को लेकर आई खबर के कारण कुछ लोगो का मन माफिक परीक्षा केंद्र तो नही बन सका लेकिन नकल माफिया अपना नकल का दूकान चलाने में सफल हो रहे है।

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विश्वविद्यालय नकलविहीन परीक्षा का दावा करता है…

विश्वविद्याले ही नकल विहीन परीक्षा कराने की दावा करती हो लेकिन ग्रामीण क्षेत्रो में बने परीक्षाकेन्द्र अपने उद्देश्य को पूरा कर मोटी कमाई करने में जुटे हुए है।नाम न छापने की शर्त पर कुछ छात्रों ने बताया कि कुछ परीक्षाकेन्द्र के प्रबंधकगण अपने राजीनीती में हुए आर्थिक नुकसान के भरपाई के लिए छात्रों से नकल के नाम पर अवैध धन उगाही करने में लगे हुए है। वही कुछ परीक्षाकेन्द्र छात्रों से नकल कराने के नाम पर अवैध वसूली कर मोटी कमाई काट रहे है।

नाम न छापने के शर्त पर एक शिक्षक ने बताया कि सचलदस्ते की शिथिलता एव वसूली करने वाले परीक्षाकेन्द्रों की शिकायत मौखिक कुलपति से की गई लेकिन कुलपति के कानों पर जू तक नही रेंग रहा है उन्होंने बताया कि कुलपति लिखित शिकायत मांग रहे हैं।इसी प्रकार से नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कुछ छात्रों ने बताया कि लोटन स्थित एक महाविद्यालय पर नकल के नाम पर अवैध तरीके से धन उगाही का काम चल रहा है।

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एक शिक्षक ने बताया कि…

बताते चले कि क्षेत्रो में हो रही नकल एव धनउगाही की चर्चा से कोई भी अनभिज्ञ नही है जिससे विश्वविद्यालय की भी संलिप्तता के कयास लगाए जा रहे है।और विश्वविद्यालय भले ही नकल विहीन परीक्षा कराने का दवा कर रहा हो लेकिन सच तो यह है सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से सम्बद्ध सभी छह जिलो के परीक्षाकेन्द्रो पर नकल रोकने के नाम पर लापरवाही बरती जा रही है।सम्बद्ध सभी जिलों के ग्रामीण क्षेत्रो के बने परीक्षाकेन्द्रों पर अवैध वसूली का धंधा जोरो पर चल रहा है । विश्वविद्यालय मूकदर्शन बन कर सिर्फ देख रही है।और नकल माफिया अपनी मोटी कमाई करने में लगे हुए है।

विश्वविद्यालय भले ही नकल रोकने के लिए सीसी टीवी हर केन्द्रो पर लगाई हो लेकिन नकल माफिया सीसी कैमरे को बंद कर नकल कराने का कार्य कर रहे है। कुछ महाविद्यालयो पर कैमरे के नीचे एव दरवाजो के पीछे खड़े हो कर मौखिक बोल कर नकल कराया जा रहा है।कुछ महाविद्यालयो पर मोबाइल का प्रयोग कर नकल करने का काम नकल माफियाओं द्वारा किया जा रहा है।इस सम्बद्ध में कुलपति डॉ.रजनीकान्त पाण्डेय ने बताया कि विश्वविद्यालय में मैन पावर की कमी की वजह से केंद्रीय टीम का गठन नही किया जा सका है।नकल की सूचना पर पहुच रहे सचलदस्ते की टीम के मौके पर पहुचने पर सबकुछ ठीक ठाक मिल रहा है।नकल रोकने के लिए का पूरा प्रयास किया गया है। सभी केन्द्रो पर नकलविहीन परीक्षा सम्पन्न कराई जा रही है।

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