सोनिया का डिनर पार्टी तो है एक बहाना, असली मकसद है महागठबंधन बनाना

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नईदिल्ली। 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए सोनिया गांधी ने कमर कास ली है। मंगलवार को कांग्रेस पूर्वअध्यक्ष सोनिया गांधी ने 17 पार्टियों के इस डिनर पार्टी पर बुलाया है। जिसके के बहाने से एक बार फिर विपक्षी नेताओं का महागठबंधन तैयार किया जायेगा। कांग्रेस की कमान राहुल गांधी को सौंपने के बाद अब 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष को एकजुट करने की यह बहुत बड़ी पहल है।

सोनिया का डिनर पार्टी तो है एक बहाना, असली मकसद है महागठबंधन बनाना

जहां एक और पूर्वोत्तर में एतिहासिक जीत के बाद बीजेपी के हौसले और ज्यादा बुलंद नज़र आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और सहयोगी दल एक बार फिर अपने साख को बचाने के लिए एकजुट होने की तैयारी में है। हालांकि इससे पहले सपा, जेडीयू, बसपा और राजद ने एक महागठबंधन बना कर बीजेपी को हारने के लिए बिहार में प्रयास कर चुकी है। इसके अलावा आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा ना मिलने से नाराज चंद्रबाबू नायडू के अलग होने से NDA थोड़ी कमजोर होती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि सोनिया गांधी के डिनर पार्टी में कुल 17 पार्टियों के प्रमुख शामिल हो सकते हैं। लेकिन तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के शामिल होने में अभी भी सस्पेंस बना हुआ है।

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ये सभी हो सकते हैं शामिल

बताया जा रहा है कि डिनर से पहले होने वाली बैठक में 17 दल के नेता शिरकत करेंगे। डिनर में राजद सुप्रीमो लालूप्रसाद यादव के बेटे और बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का आना तय है। जिनके साथ जीतन राम मांझी भी शामिल हो सकते हैं। वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती और शरद यादव के आने का अभी कुछ तय नहीं हुआ है। साथ ही ममता बनर्जी खुद शामिल नहीं होंगी लेकिन उनके पार्टी से डेरेक ओ ब्रायन डिनर पार्टी में शामिल हो सकते हैं। हालानाकी यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सभी विपक्षी दलों को आमंत्रण दिया हुआ है।

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