बीबीएयू में ‘गुरुजी’ का रिपोर्ट कार्ड तैयार करेंगे स्टूडेंट्स, शिक्षा की गुणवत्ता में होगा सुधार

बीबीएयू
Please Share This News To Other Peoples....

लखनऊ । राजधानी स्थित बाबा भीमराव डॉ. आंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू ) से गुरूजी अब क्लास बंक नहीं कर पाएगें। अक्सर कक्षाओं से गायब रहने वाले शिक्षकों पर नकेल कसने की बीबीएयू प्रशासन ने एक नई कवायद शुरू की है। इस कवायद में विश्वविद्यालय के स्टूडेंट्स से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर गुरूजी का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा कि शिक्षक कक्षाओं में सही ढंग से पढ़ा रहे हैं या नहीं।

बीबीएयू स्टूडेंट्स के लिए एक फीडबैक पोर्टल तैयार किया

विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि स्टूडेंट्स के लिए एक फीडबैक पोर्टल तैयार किया गया है। इसकी मदद से अलग-अलग पाठयक्रमों में पढ़ा रहे शिक्षकों का फीडबैक लिया जाएगा। इस पोर्टल पर एक फार्म होगा जिसमें कोर्स, वर्ष भरने के साथ ही शिक्षक का नाम भी भरना होगा। इसके बाद छात्र विभिन्न पैरामीटर पर उनकी रैंकिंग करेंगे। अधिकारी के मुताबिक इस रैंकिंग के माध्यम से लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस पोर्टल के लागू होने से पहले ही शिक्षकों के भीतर खलबली मची गई है।

ये भी पढ़ें :-CBI से कुलदीप सेंगर ने कहा- घटना के वक्त मैं उन्नाव में था ही नहीं…

विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जल्द ऑनलाइन होगा पोर्टल

बीबीएयू  ने इस पोर्टल को तैयार करने की जिम्मेदारी आईटी विभाग के डीन प्रो. आरए खान को मिली है। खान के मुताबिक पोर्टल लगभग पूरी तरह से तैयार हो गया है और जल्द ही इसे विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन कर दिया जाएगा। इसके बाद हर विभाग के विभागाध्यक्ष शिक्षकों की परफार्मेंस का रिव्यू स्टूडेंट्स से मिले फीडबैक के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद यह रिपोर्ट विश्वविद्यालय के कुलपति को भेजी जाएगी।

गुरूजी का  दो दर्जन बिंदुओं  पर स्टूडेंट्स करेंगे रैंकिंग

पोर्टल की जिम्मेदारी संभालने वाले प्रो. खान ने बताया कि विश्वविद्यालय की तरफ से इस फार्म में लगभग दो दर्जन बिंदु शामिल किए गए हैं। जैसे कि शिक्षक क्लास में कितना आते हैं, मोड ऑफ टीचिंग, उनका व्यवहार सहित कई बिंदु शामिल किए गए हैं। हर विकल्प के आगे एक्सीलेंट, वेरीगुड, गुड और खराब का विकल्प शामिल किया गया है। बीबीएयू के कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने इस तरह की कवायद शुरू किये जाने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए यह कदम उठाया गया है। इससे विभागीय स्तर पर काफी सुधार होने की उम्मीद है।

शिक्षकों का फीडबैक देने वाले स्टूडेंट्स की पहचान रखी जाएगी गुप्त

विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक शिक्षकों का फीडबैक देने वाले स्टूडेंट्स की पहचान गुप्त रखी जाएगी। फार्म भरने के बाद विद्यार्थी की व्यक्तिगत जानकारी को छुपा लिया जाएगा ताकि शिक्षकों को विद्यार्थियों के बारे में जानकारी न मिल सके। शिक्षक अगर चाहेगा भी तो वह यह पता नहीं कर पाएगा कि किस विद्यार्थी ने उसे क्या रैंकिंग दी है।

Related posts:

प्रद्युमन हत्याकांड के बाद रेयान स्कूल में एक और बच्चे के साथ बेरहमी से पीटाई, पहुंचा अस्पताल
मोदी सरकार ने जनता का सारा पैसा 5-7 कारोबारियों के हवाले कर दिया : राहुल गांधी
पूर्व एमएलसी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज
बाराबंकी: मुस्लिम समाज को धमकी देने वाले बीजेपी नेता के पर हो कार्रवाई: माकपा
वृद्घा को बंधक बनाकर बदमाशों ने डकैती की वारदात को दिया अंजाम
हिमाचल चुनाव परिणाम : बीजेपी ने 44 सीटे हासिल कर दर्ज की जीत, कांग्रेस को 21 सीट
गुजरात में विजय रूपाणी दोबारा बनेंगे सीएम
ट्रक चालक को बंधक बनाकर पीडि़त को नहर किनारे फेंका
यूपी 100 में घायलों को ले जाने से पुलिस ने किया इंकार, कहा गाड़ी गन्दी हो जाएगी
औरंगजेब को BJP सांसद ने बताया आतंकवादी, कहा- साइन बोर्ड देखकर होती थी तकलीफ
नेपाल : तीन दिन पूर्व मासूम का हुआ था अपहरण, नाबदान में मिला शव
पीएम नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने वाला गिरफ्तार, बम ब्लास्ट का रहा है दोषी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *