तोगड़िया के अनशन से भड़की विहिप, राम मंदिर आंदोलन में योगदान को ही नकारा

विहिप
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 अहमदाबाद । विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) छोड़ने के बाद से संगठन के पूर्व प्रमुख प्रवीण भाई तोगड़िया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर हैं। तोगड़िया ने हिंदुओं की लंबित मांगों के लिए मंगलवार से अहमदाबाद में अनिश्चितकालीन अनशन करने का ऐलान किया है। उनके इस ऐलान का विहिप ने उपहास उड़ाते हुए कहा है कि जिस व्यक्ति के मधुमेह का स्तर बहुत ज्यादा हो उसके लिए 24 घंटे से ज्यादा भूखा रह पाना मुश्किल है ऐसे में अगर तबियत बिगड़ी तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना होगा। विहिप ने कहा कि जब हिंदुओं के लिए वह संगठन में रहते हुए नहीं लड़े तो अब क्या लड़ेंगे।

विहिप के पदाधिकारी ने कहा तोगड़िया लंबे समय से संगठन को पहुंचा रहे थे नुकसान

विहिप के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बातचीत में अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि तोगड़िया लंबे समय से संगठन को नुकसान पहुंचा रहे थे। स्वर्गीय अशोक सिंघल भी तोगड़िया के कई फैसलों का विरोध करते थे, लेकिन वह मनमानी पर उतारू रहते थे। उन्होंने कहा कि तोगड़िया को यह बात समझनी चाहिए थी कि जिस संगठन में रह रहे हैं उसका या उसके किसी आनुषांगिक संगठन का खुलकर विरोध करना उचित नहीं है। विहिप में रहते हुए तोगड़िया जिस तरह मोदी सरकार के खिलाफ हमलावर रहते थे उससे सही संदेश नहीं जा रहा था। उन्होंने कहा कि तोगड़िया यहीं नहीं रुके वह संघ के खिलाफ भी बोलने लगे थे।

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रामजन्मभूमि आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले को पूछते तक नहीं थे  तोगड़िया

विहिप पदाधिकारी ने कहा कि रामजन्मभूमि आंदोलन में तोगड़िया का कोई योगदान नहीं रहा। जिन्होंने इस आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाई तोगड़िया उन लोगों को पूछते तक नहीं थे। उन्होंने कहा कि तोगड़िया को लेकर संत समाज भी नाराज था और वह संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का विश्वास खो चुके थे। उन्होंने कहा कि जिस संगठन में सर्वसम्मति से अध्यक्ष का चुनाव हो जाता था उसमें अगर चुनाव की नौबत आई तो उसके लिए तोगड़िया ही जिम्मेदार हैं क्योंकि उन्होंने मतदाता सूची को लेकर अविश्वास सार्वजनिक रूप से प्रकट किया था। विहिप पदाधिकारी ने कहा कि तोगड़िया खुद संगठन से अलग हुए हैं। संगठन ने उन्हें नहीं निकाला। यदि वह समझते हैं कि अकेले सब कुछ कर लेंगे तो उन्हें उन लोगों का उदाहरण देख लेना चाहिए जो संघ परिवार को छोड़कर गये और आज कहां हैं।

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तोगड़िया मोदी सरकार पर काफी समय थे हमलावर

तोगड़िया ने कहा कि बीजेपी देश की जनता से वादा किया था, कि यदि केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार आई। तो अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निमार्ण करेंगे। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूर्ण बहुमत की सरकार है। उन्होंने कहा था कि राम मंदिर निर्माण तो दूर की बात राम लला के दर्शन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डर रहे हैं। राज्य सभा व लोकसभा की एक साथ बैठक बुलाकर केंद्र कानून बनाए जाने की मांग की थी । तोगड़िया ने कहा था कि यदि पूर्ण बहुमत की सरकार के बाद भी यदि राममंदिर नहीं बन पाया। तो वह दिन दूर नहीं जब अयोध्या में फिर बाबरी मस्जिद खड़ी हो जाएगी। उन्होंने कहा था कि यदि देश के प्रधानमंत्री की मंशा साफ है तो कानून बनाए तो अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण से कोई नहीं रोक पाएगा। इसके अलावा राम मंदिर निर्माण का कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

प्रवीण तोगड़िया ने मोदी सरकार पर  एनकाउंटर की साजिश करवाने का लगाया था आरोप

बतातें चलें कि प्रवीण तोगड़िया काफी समय से मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थे। उन्होंने मोदी सरकार पर उनका एनकाउंटर करवाने की साजिश का आरोप लगाया था। साथ ही राम मंदिर के मसले पर संसद के द्वारा कानून बनाए जाने की मांग पर अड़े तोगड़िया काफी समय से आरएसएस और बीजेपी से नाखुश हैं। 29 अगस्त 1964 में वीएचपी की स्थापना के बाद पहली बार है। जब चुनाव के माध्यम से वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष को चुना गया है।

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