उन्नाव गैंगरेप: एसपी को मैनेज कर रहे थे आरोपी बीजेपी विधायक

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लखनऊ। उन्नाव नाबालिग के साथ गैंग रेप के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। इस मामले में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर द्वारा एसपी को मैनेज करने की कोशिश की बात सामने आयी है। जिससे बीजेपी विधायक की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं। दरअसल इस मामले में जांच कर रही सीबीआई के हाथ पीड़िता के पिता को फर्जी जेल भेजने से सम्बंधित सबूत हाथ लगे हैं।

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बीजेपी विधायक ने एसपी पुष्पांजलि से की थी मुलाकात

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर ने पीड़िता के पिता की पिटाई के मामले में भाई अतुल सिंह के खिलाफ मुकदमा न दर्ज करने के लिए उन्नाव एसपी पुष्पांजलि से पैरवी की थी। वहीं उनकी सिफारिश पर बीजेपी अतुल सिंह के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया था। बताया जा रहा है कि सेंगर भाई पैरवी करने उसी दिन पहुंचे थे, जिस दिन पीड़िता के पिता की पिटाई की गई थी। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में भी इस बात का जिक्र किया है। घटना के ठीक बाद पहले उन्होंने एसपी से फोन पर बात की और एफआईआर दर्ज न करने की पैरवी की। उसके बाद शाम को स्थानीय ब्लॉक प्रमुख के साथ भाई की पैरवी करने के लिए खुद एसपी आवास पहुंच गए।

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मुक़दमा दर्ज न करने का बनाया गया दबाव

रिपोर्ट में पता चला है कि बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर ने भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज न करने के लिए एसपी पर दबाव बनाया था। जिसके चलते पुलिस ने पीड़िता के पिता को ही उल्टा जेल में डाल दिया था। यही नहीं जब पीड़िता के परिजन मुकदमा लिखाने गए तो उन्हें भगा दिया गया था। हालांकि बाद में जिलाधिकारी और लखनऊ के अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मुकदमा दर्ज किया तो गया लेकिन इसमें विधायक के भाई का नाम दर्ज नहीं हुआ।

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