यूपी की बीजेपी सरकार में होगा बड़ा फेरबदल, कई नेताओं की जाएगी कुर्सी

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लखनऊ। यूपी के गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर मिली हार का असर देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ सपा-बसपा का एक साथ आने से उनके संगठन का आत्मविश्वास बुलंदियों पर है। वहीं दूसरी तरफ सरकार और संगठन में मतभेद दिखाई पड़ रहे हैं। प्रदेश में पार्टी के ही नेता सीएम योगी के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। यूपी में पार्टी में उठापटक को लेकर सीएम योगी तीन बार दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात कर चुके हैं। शनिवार को एक बार फिर दोनों नेताओं के बीच अहम बैठक हुई। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो यूपी बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि जल्द ही संगठन और सरकार में फेरबदल हो सकता है।

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यूपी में सत्ता-संगठन में मतभेद

प्रदेश में सीएम योगी और डिप्टी सीएम में मतभेद की खबरें है। सूत्रों की माने तो बीते चार महीने से केशव प्रसाद मौर्या के विभाग की कई फाइल मुख्यमंत्री ऑफिस में रुकी हैं। इसके अलावा 7 अप्रैल को इलाहाबाद जिले में एक कार्यक्रम में सीएम योगी के साथ डिप्टी सीएम भी मौजूदे रहने वाले थे लेकिन केशव प्रसाद मौर्या नहीं पहुंचे।

इसके अलावा ओपी माथुर नाराज भी नाराज चल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, यूपी के प्रदेश प्रभारी ओपी माथुर कार्यसमिति की बैठकों में शामिल नहीं होना चाहते। माथुर ने यूपी के पार्टी प्रभारी का पद छोड़ने की इच्छा केंद्रीय नेतृत्व से जताई है।

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वहीं बताया ये भी जा रहा है कि 19 मार्च 2018 को योगी सरकार के एक साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद आदित्यनाथ ने खुद ही मंत्रिमंडल के विस्तार होना था। लेकिन इसे टाल दिया गया। सूत्रों की माने तो सीएम कुछ अनुभवी नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल करना चाहते हैं जिससे प्रदेश में सरकार की किरकिरी को रोका जा सके।

यूपी में भारी बहुमत मिलने के बाद केशव प्रसाद मौर्य को डिप्टी सीएम बनाया गया वहीं उनकी जगह पर पार्टी ने चंदौली से सांसद महेंद्र नाथ पांडेय को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। इस नियुक्ति की वजह जातिगत समीकरण माना जा रहा था। कहा जा रहा है कि महेंद्र नाथ पांडेय कार्यकर्ताओं को कम वक्त दे रहे हैं। उनकी कार्यशैली पर भी सवाल उठे हैं क्योंकि फूलपुर-गोरखपुर लोकसभा सीट पर पदाधिकारियों का ठीक से इस्तेमाल नहीं किया गया। खुद पांडेय भी प्रचार में नहीं दिखे।

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इसके अलावा सबसे बड़ी वजह हाल ही में यूपी के दलित सांसदों का खुलकर योगी सरकार के खिलाफ बगावत करना। बता दें कि दलित मुद्दे पर नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर यूपी के तीन सांसद नाराजगी जता चुके हैं। सोनभद्र जिले के रॉबर्ट्सगंज से भाजपा सांसद छोटेलाल खरवार ने अपने पत्र में प्रदेश अध्यक्ष के साथ-साथ मुख्यमंत्री की भी शिकायत की थी। वहीं बीजेपी के सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर भी योगी के खिलाफ खुलकर नाराजगी जता चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष दलितों के मुद्दे पर सांसदों से बात कर उन्हें समझाने में नाकाम रहे हैं। यही नहीं, सरकार और संगठन के बीच होने वाले तालमेल के बीच दो महीने में बड़ा फर्क नजर आया है।

मंगलवार को फेरबदल को लेकर संगठन और सरकार की बैठेंगे करेंगे अमित शाह

सूत्रों की माने तो यूपी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार और सहयोगी दल की नाराजगी पर बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 10 अप्रैल को लखनऊ में होंगे। शाह ओमप्रकाश राजभर से उनकी नाराजगी पर चर्चा करेंगे। साथ ही अपना दल के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठक करेंगे। इसके अलावा गृहमंत्री राजनाथ सिंह, सीएम योगी और रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के साथ सोमवार को बैठक हुई। बताया जा रहा है कि बैठक में सरकार और संगठन को लेकर भी चर्चा हुई थी। माना जा रहा है यूपी एमएलसी चुनाव में उम्मीदवारों को लेकर राजनाथ सिंह भाजपा यूपी के अध्यक्ष और संगठन से बैठक कर सकते हैं।

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