ब्लड बैंकों में आटोमेशन तकनीक के ज़रिये हम कई लोगों की जान बचा सकते हैं : प्रो.तूलिका चंद्रा

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लखनऊ। ब्लड बैंकों में आटोमेशन तकनीक की बेहद जरूरत है। इस तकनीक से हम कई लोगों की जान बचा सकते हैं। मरीजों को निजी से लेकर सरकारी अस्पतालों तक में गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा व्यवस्था के लिए आटोमेशन तकनीक काफी कारगर है। हमारे प्रदेश में बहुत से ब्लड बैंक अभी भी मैनुवल चल रहे हैं। जो मरीजों की जिंदगी के लिए घातक साबित हो रहे हैं। उक्त बातें केजीएमयू की ट्रांसफ्युजन मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो.तूलिका चंद्रा ने शुक्रवार को गोमती नगर स्थित एक होटल में ट्रांस मेडिकान-२०१७ के अवसर पर आयोजित कार्यशाला के दौरान कही।

डॉ चंद्रा ने कहा कि ब्लड बैंकों के मैनुवल होने के कारण कई बार मरीजों के जान पर बन आयी हैं। उन्होंने बताया कि जिन ब्लड बैंकों में मैनुवल काम होता है। वहां पर मिलने वाले ब्लड की जांच में गलती होने की पूरी संभावना रहती है। कई बार देखा गया कि जिस ब्लड गु्रप का खून मरीज को देना चाहिए,उसकी जगह पर किसी दूसरे ब्लड गु्रप का ब्लउ दे दिया गया। जिससे मरीज की मौत तक हो गयी। लोगों को यदि अच्छा स्वास्थ्य देना है तो ब्लड बैंको को आटोमेशन तकनीक अपनानी पड़ेगी। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि डोनर की गलत जानकारी भी मैनुवल तरीके से आंकड़े रखने के चलते आती है। ब्लड गु्रप,खून की सही जांच व डोनर की पूरी जानकारी आटोमेशन तकनीक से सही ढंग से रखी जा सकती है। खून यदि जान बचाता है तो जरा सी गलती जिंदगी ले भी सकता है।

आटोमशन तकनीक से गलती होने की व लापरवाही होने की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है।
क्या है आटोमेशन तकनीक
प्रो.तूलिका चंद्रा के मुताबिक आटोमशन एक साफ्टवेयर है,जिससे डोनर व सही ब्लड की पूरी जानकारी ऑनलाइन रहती है। इससे सारे ब्लड बैंकों को जोड़ा जा सकता है। उन्होंने एक घटना की भी जानकारी देते हुए बताया कि एक बार एक मरीज को निजी अस्पताल में दूसरे ब्लड गु्रप का ब्लड चढ़ा दिया गया था। जिससे बाद में उसकी हालत बिगडऩे पर जांच की गयी तो पता चला कि जिस ब्लड गु्रप का ब्लड उस मरीज को चढ़ाया गया। वह ब्लड गु्रप उसका है ही नहीं। उन्होंने बताया कि आटोमेशन तकनीक में भी काम तो व्यक्ति ही करता है,लेकिन सारी जानकारियां कम्यूटराइज्ड होती हैं। आटोमेशन तकनीक प्रदेश में केवल केजीएमयू व एसजीपीजीआई में इस्तेमाल हो रही है।

कार्यशाला में इन बातों पर चर्चा
1.कौन से स्टेम सेल चढ़ाने चाहिए और कौन से नहीं।
2.प्लेटलेट्स के स्टोर करने की उचित विधि।
3.ब्लड चढ़ाते समय सर्जन,स्त्री रोग विशेषज्ञ तथा अन्य चिकित्सकों को किस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है। इस बात पर चर्चा हुयी।

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