योगी राज में यूपी बोर्ड बनाएगा कीर्तिमान, जाने वजह

यूपी बोर्ड
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लखनऊ। यूपी बोर्ड ने पहली बार सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में बोर्ड परीक्षा और मूल्यांकन कराया। इसके बाद अब उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद एक और कीर्तिमान बनाने जा रहा है।

यूपी बोर्ड का 95 फीसदी मूल्यांकन कार्य पूरा

बोर्ड के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब अप्रैल माह में यूपी बोर्ड के दसवीं और बारहवीं का रिजल्ट घोषित होगा। बतातें चलें कि यूपी बोर्ड के 17 मार्च से शुरु हुए मूल्यांकन का भी 95 फीसदी कार्य पूरा कर लिया गया है।

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बोर्ड की सख्ती के चलते 11 लाख 23 हजार से ज्यादा परीक्षार्थियों ने परीक्षा से किया तौबा

बतातें चलें यूपी बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में गुणात्मक सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए इस बार कई प्रयोग किए हैं । जिसमें सबसे पहले जहां बोर्ड ने तीन माह पहले ही परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया था। तो वहीं नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए प्रदेश भर में परीक्षा केन्द्रों पर अनिवार्य रुप से सीसीटीवी कैमरे भी लगाये गए। बोर्ड परीक्षा में सख्ती के चलते 11 लाख 23 हजार से ज्यादा परीक्षार्थियों ने परीक्षा से तौबा भी कर लिया। जबकि यूपी बोर्ड ने पहली बार सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में ही उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य कराया है। बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव के मुताबिक उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का 95 फीसदी कार्य पूरा कर लिया गया है। जबकि शेष कार्य भी एक दो दिन में पूरा कर लिया जाएगा और अप्रैल माह के अंत तक रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा।

यूपी बोर्ड के छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं में भी आसानी से हो सकेंगे सम्मिलित

बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि पहले यूपी बोर्ड का रिजल्ट मई के आखिरी हफ्ते या फिर जून माह में घोषित किया जाता था। जिससे छात्र-छात्राओं को कई बार प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने में काफी दिक्कतें भी होती थी। उनके मुताबिक समय से पहले रिजल्ट घोषित होने से छात्र-छात्राओं को समय से अगली कक्षाओं में प्रवेश भी मिलेगा। छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं में भी आसानी से सम्मिलित हो सकेंगे।

बोर्ड के प्रति मजबूत होता दिख रहा है विश्वास

बीते कई सालों में यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में नकल कि आ रही खबरों को लेकर जहां यूपी बोर्ड की साख पर बट्टा लग रहा था। इस बार राज्य सरकार और बोर्ड की ओर से वर्ष 2018 की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में उठाए गए कदमों से एक बार फिर से लोगों में बोर्ड के प्रति विश्वास और मजबूत होता दिख रहा है।

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