रुपये में 5वें दिन भी रही तेजी, 26 पैसे चढ़कर 10 सप्ताह के उच्चस्तर पर

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 पिछले पांच दिन से रुपया लगातार डॉलर के मुकाबले मजबूती बनाए हुए है. रिजर्व बैंक की महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक के बीच विदेशी मुद्रा की सतत आवक की मदद से सोमवार को रुपया 26 पैसे की तेजी के साथ 10 सप्ताह के उच्चस्तर 71.67 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ. हालांकि सोमवार को सुबह के कारोबारी सत्र में थोड़ी नरमी देखी गई थी लेकिन बाद में इसकी रिकवरी करते हुए मजबूती दिखाई.

रुपया 13 नवंबर के बाद पांच सत्रों की तेजी के कारण 1.68 प्रतिशत की तेजी के साथ 10 सप्ताह के उच्च स्तर को छू गया. विदेशी कोषों की पूंजी बाजार में वापसी और कच्चे तेल की कीमतें घटने से रुपये में मजबूती आई. रिजर्व बैंक की निदेशक मंडल की बैठक जारी रहने के बीच शेयर बाजार भी करीब एक प्रतिशत बढ़कर छह सप्ताह के उच्च स्तर पर जा पहुंचा और इससे भी रुपये को समर्थन मिला.

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के पीसीजी एवं कैपिटल मार्केट ग्रुप के प्रमुख वी के शर्मा ने कहा कि रिजर्व बैंक के निदेशक मंडल के विचाराधीन प्रमुख मुद्दों में कमजोर बैंकों के लिए नियमों को सरल बनाना और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में नकदी उपलब्ध कराना तथा भारतीय रिजर्व बैंक के लिए पूंजी ढांचे की नई रूपरेखा तैयार करना आदि शामिल हैं.

आईडीएफसी सिक्युरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट नीरज अग्रवाल ने बताया कि इस साल डॉलर के मुकाबले गिरावट के बाद हम रुपये में शॉर्ट टर्म में रिकवरी की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिकी करेंसी की तुलना में रुपये के मजबूत होकर 67-68 के लेवल तक जाने की संभावना है।

2018 में रुपये में आई थी 18% गिरावट

2018 में भारतीय करेंसी में करीब 18 फीसदी की गिरावट आई थी और यह रिकॉर्ड निम्न स्तर 74.5 तक चला गया था. पिछले एक महीने में रुपया 3 फीसदी की रिकवरी के साथ 72.1 पर आया है. अब इसके 67 के स्तर तक बढ़ने की काफी संभावना है. पिछले 1 साल में ऐसा चार बार हुआ जब रुपये में 15 फीसदी से अधिक की गिरावट आई थी. रुपये में गिरावट के ये सिलसिले औसतन सात महीने तक जारी रहे थे. इस दौरान रुपये में 17.8-33.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.

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