सबकी जिम्मेदारी-सबकी भागीदारी की तर्ज पर नाराज विधायकों को मनाएगी कांग्रेस

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नई दिल्ली। तमाम मुश्किलों के बाद कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार तो बन गयी लेकिन, सरकार चलाने के लिए अब नाराज विधायक ही सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद भी सत्ताह में भागीदारी को लेकर कांग्रेस और जेडीएस विधायकों में खींचतान मची हुई है। जिन विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया वह हर कदम पर सरकार का विरोध करने पर तुले हैं। राहुल गांधी और कुमारस्वाकमी की समस्यािएं खत्मि ही नहीं हो रही हैं।
हालांकि इस संकट से निकलने के लिए दोनों दलों ने मिलकर एक फार्मूला तैयार किया है। इस फार्मूले के तहत सबकी भागीदारी और सबकी जिम्मे दारी के तहत सरकार को चलाने काम सीएम कुमारस्वाभमी करेंगे। मालूम हो की अभी कुछ दिन पहले भी कांग्रेस का बयान आया था कि इस मंत्रिमंडल विस्तार को आखिरी न समझा जाये।

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गठबंधन सरकार को चलाने के लिए विधायकों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी

हर छह माह में मंत्रियों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी, कार्य सही न पाए जाने पर उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर भी किया जा सकता है। शीर्ष स्तार पर इस बात को लेकर सहमति बनी है कि प्रदेश में गठबंधन सरकार को कुशलतापूर्वक चलाने के लिए अधिकतर विधायकों की जिम्मेेदारी तय की जाए। इस बात को लेकर कई दौर की बातचीत हुई है। कांग्रेस अध्य क्ष राहुल गांधी खुद इस मुद्दों को लेकर लगातार बैठक कर रहे हैं। सोमवार को भी उन्हों ने वरिष्ठा नेताओं के साथ इस मुद्दे पर बातचीत की है। इस प्लाान पर मंगलवार को भी बेंगलूरु में कांग्रेस के सचिवों की भी प्रदेश स्त र के नेताओं व नाराज विधायकों के साथ हुई है।

सरकारी निगमों, बोर्डों, आयोगों, सहकारी समितियों, विधायी समितियों में विधायक देंगे योगदान

इन बैठकों के बाद यह निर्णय लिया गया है कि नाराज विधायकों को सरकारी निगमों, बोर्डों, आयोगों, सहकारी समितियों, विधायी समितियों की जिम्मेसदारी दी जाए। ताकि शासन-प्रशासन में सभी विधायकों की भागीदारी तय हो सके। सभी विधायक अपने स्तनर पर योगदान दे सकें। इस फार्मूले पर मुहर लगाने के लिए कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन कमिटी की बैठक भी आज ही होनी है। इसके संयोजक दानिश अली को पांच सदस्यीय पैनल मीटिंग के लिए बुलाया गया है।

कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन कमेटी की बैठक में कई मुद्दों पर होगी चर्चा

बैठक का एजेंडा कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन कमेटी की इस बैठक में विचार विमर्श के लिए कई मुद्दों पर चर्चा होनी है। इनमें नाराज विधायकों को खुश करने के लिए तैयार फार्मूले को अंतिम रूप देने, गठबंधन सरकार को चलाने के लिए न्यूंनतम साझा कार्यक्रम तैयार करने और मंत्रिमंडल विस्ताबर के बाद उत्पेन्न‍ समस्यााओं को दूर करने के लिए आवश्यकक कार्य योजना तैयार करना शामिल है। आज गठबंधन समिति की पांच सदस्यीय पैनल पांच साल तक संयुक्त घोषणापत्र के रूप में योजनाबद्ध दस्तावेज पर काम करने के लिए एक उप-समिति भी गठित कर सकता है। कांग्रेस-जेडीएस समन्वय समिति की अध्यक्षता पूर्व सीएम सिद्धारमैया करेंगे। आपको बता दें कि इसके सदस्यों में कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी, उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर और कांग्रेस के महासचिव और राज्य मामलों के इनचार्ज केसी वेणुगोपाल शामिल हैं

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