चंडीगढ़: पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल (Barinder Kumar Goyal) ने गुरुवार को बताया कि राज्य सरकार द्वारा बिस्ट दोआब नहर के पुनर्जीवन अभियान से दोआबा क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 के दौरान बिस्ट दोआब नहर नेटवर्क के अंतर्गत सिंचित क्षेत्र में 167 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गयी है।
श्री गोयल (Barinder Kumar Goyal) ने बताया कि नहर नेटवर्क के विस्तार से 1,10,762 एकड़ अतिरिक्त भूमि को नहरी सिंचाई के दायरे में लाया गया है, जिससे क्षेत्र के कृषि ढांचे को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि दोआबा क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली बिस्ट दोआब नहर में लंबे समय से चली आ रही जल आपूर्ति संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए विशेष प्रयास किये गये हैं। इन प्रयासों से जालंधर, शहीद भगत सिंह नगर (एसबीएस नगर), कपूरथला और होशियारपुर के कुछ हिस्सों में सिंचाई व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
कैबिनेट मंत्री (Barinder Kumar Goyal) ने बताया कि इस पुनर्जीवन अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि 19,213 एकड़ कृषि भूमि को पहली बार नहर का पानी उपलब्ध हुआ है। इससे उन किसानों को राहत मिली है, जो अब तक भूजल और वर्षा पर निर्भर थे। उन्होंने बताया कि रोपड़ हेडवर्क्स से निकलने वाले बिस्ट दोआब नहर नेटवर्क, उसकी वितरक नहरों, माइनरों और खेतों तक जाने वाली जलधाराओं का व्यापक स्तर पर पुनरोद्धार किया गया है। इससे पानी का प्रवाह और वितरण पहले की तुलना में अधिक सुचारू और प्रभावी हुआ है।
श्री गोयल ने कहा कि बेहतर जल प्रवाह से बलाचौर क्षेत्र की कठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना को मजबूती मिली है। इसके अलावा बंगा, मुकंदपुर, अपरा, नूरमहल, मलसियां, नकोदर, आदमपुर और काला संघियां जैसे क्षेत्रों में सिंचाई ढांचे को मजबूत किया गया है। उन्होंने बताया कि जालंधर शाखा से जुड़ी वितरक नहरों की बहाली से अंतिम छोर तक पानी की आपूर्ति बेहतर हुई है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है।
जल संसाधन मंत्री ने कहा कि नहर के पुनर्जीवन का लाभ अब शहरी क्षेत्रों तक भी पहुंच रहा है। जालंधर शाखा को अतिरिक्त 150 क्यूसेक पानी आवंटित किया गया है, जिससे शहर में पेयजल आपूर्ति बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि इससे जालंधर नगर निगम की भूजल पर निर्भरता कम होगी और शहर को अधिक टिकाऊ तथा भरोसेमंद जल आपूर्ति प्रणाली उपलब्ध हो सकेगी।
