उत्तर प्रदेश सरकार ने विकास योजनाओं को रफ्तार देने के उद्देश्य से सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में 21 प्रस्तावों को मंजूरी मिली, जिनका सीधा संबंध प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, कृषि, सामाजिक कल्याण और प्रशासनिक सुधारों से है।
कैबिनेट की सबसे बड़ी घोषणा जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को मंजूरी देना रही। सरकार का मानना है कि इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स और आवागमन को नई गति मिलेगी। इसी क्रम में प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन भी स्वीकृत किया गया, ताकि दोनों धार्मिक और पर्यटन क्षेत्रों का समन्वित विकास किया जा सके।
सरकार ने सामाजिक समावेशन को भी प्राथमिकता देते हुए घुमंतू और विमुक्त समुदायों के लिए अलग घुमंतू विकास बोर्ड बनाने का फैसला किया है। वहीं पारंपरिक कारीगरों को स्वरोजगार से जोड़ने वाली विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 को नए स्वरूप में लागू करने का रास्ता साफ किया गया।
किसानों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मौसम आधारित फसल बीमा योजना को अगले वित्तीय वर्ष में भी पूरे प्रदेश में लागू रखने का निर्णय लिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे प्राकृतिक आपदाओं के समय किसानों की आर्थिक क्षति कम होगी।
बैठक में कई कानूनी और प्रशासनिक प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम में संशोधन, श्रम कानूनों से जुड़े नए नियम, शीरा नियंत्रण कानून में बदलाव, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण नीति के तहत औद्योगिक इकाइयों को राहत और विभिन्न सेवा नियमावलियों में संशोधन को स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक अनुदान को भी मंजूरी दी। साथ ही सीएजी की विभिन्न ऑडिट रिपोर्टों को विधानमंडल में पेश करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से प्रदेश में विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी और सुशासन को और मजबूत किया जाएगा।
