मनी गेम्स पर बैन लगाने के बाद अब मोदी सरकार ने अवैध रूप से चल रही 242 बेटिंग और गैंबलिंग (Gambling) वेबसाइट्स पर एक्शन लेते हुए इन साइट्स को ब्लॉक कर दिया है। अब तक 7800 से ज्यादा अवैध बेटिंग और गैंबलिंग वेबसाइट्स को सरकार द्वारा बंद किया जा चुका है और ऑनलाइन गेमिंग एक्ट पास होने के बाद कार्रवाई में काफी तेजी आई है। सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ये कार्रवाई यूजर्स, खासकर युवाओं की सुरक्षा और अवैध ऑनलाइन बेटिंग और गैंबलिंग (Gambling) प्लेटफॉर्म से होने वाले फाइनेंशियल और सोशल नुकसान को रोकने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
केंद्र सरकार इस बात को लेकर चिंतित है कि ये गैर-कानूनी वेबसाइट्स युवाओं को टारगेट कर रही हैं और युवाओं को पैसे का वादा कर उन्हें लत लगा रही हैं। पहले मनी गेमिंग पर बैन और अब सट्टेबाजी से जुड़ी वेबसाइट्स पर नकेल कसने से ये बात तो साफ है कि सरकार युवाओं और लोगों को इन साइट्स के जाल में फंसने से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने में जुटी है।
सरकार अवैध प्लेटफॉर्म्स को कंट्रोल करने के लिए तकनीक और कानून दोनों ही चीजों का सहारा ले रही है। बैक टू बैक एक्शन से सरकार का ये मकसद साफ है कि आगे भी आने वाले समय में बेटिंग और गैंबलिंग (Gambling) से जुड़ी साइट्स पर निगरानी रखी जाएगी और इनके खिलाफ कार्रवाई यूं ही जारी रहेगी। सरकार इस तरह की सट्टेबाजी वाली साइट्स को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी।
2022 से इतनी अवैध साइट्स हो चुकी है बंद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2022 से इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 1400 से ज्यादा अवैध बेटिंग और गैंबलिंग वेबसाइट और ऐप्स को बंद करने का आदेश दिया है। संसद ने ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को पास कर दिया है, संसद में बिल पास होने के बाद सरकार तेजी से अवैध साइट्स पर नकेल कस रही है।









