स्नातक में 40 प्रतिशत मिले अंक, तो लखनऊ युनिवर्सिटी नहीं करेगी फेल

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लखनऊ । लखनऊ युनिवर्सिटी में स्नातक पाठ्यक्रमों को पास करने के लिए प्रत्येक पेपर में कम से कम 36 प्रतिशत अंक जरूरी होंगे। इसके अलावा एक सेमेस्टर को पास करने के लिए कुल 40 प्रतिशत अंकों की जरूरत पड़ेगी। इस फैसले पर लखनऊ युनिवर्सिटी ने मुहर लगा दी है।

इस फैसले से शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा

लखनऊ युनिवर्सिटी के इस फैसले को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे विश्वविद्यालय और अन्य कालेजों में शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा। इस निर्णय पर मुहर कुलपति  प्रोफेसर एसपी सिंह की अध्यक्षता में आगामी सत्र से लागू होने जा रही सेमेस्टर प्रणाली पर मंथन के लिए बुलायी गयी बैठक लिया गया। बैठक में सभी विभागाध्यक्षों के साथ परीक्षा नियंत्रक, निदेशक आईपीपीआर, वित्त अधिकारी, डिप्टी रजिस्ट्रार समेत अन्य अधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे।

शैक्षिक सत्र 2018-19 में बीए, बीएससी और बीकॉम कोर्स में लागू होगा सेमेस्टर सिस्टम

बैठक में साफ  कर दिया गया है कि लखनऊ युनिवर्सिटी ने शैक्षिक सत्र 2018-19 में बीए, बीएससी और बीकॉम कोर्स में सेमेस्टर सिस्टम लागू करने जा रहा है। यह सभी कॉलेज पर भी लागू होगा। सेमेस्टर प्रणाली में पढ़ाने का समय भी तय कर दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने फैसला लिया है कि हर सेमेस्टर में छह पेपर होंगे। हर पेपर के चार क्रेडिट होंगे। हर पेपर में चार यूनिट भी होंगी। हर एक यूनिट को पढ़ाने के लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। यह व्यवस्था बीए, बीएससी और बीकॉम तीनों पाठ्यक्रमों पर समान रूप से लागू होगी। इसके अलावा विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं ओएमआर आधारित होंगी। वहीं, सम सेमेस्टर की परीक्षायें लिखित होंगी। ओएमआर आधारित परीक्षा डेढ़ घंटे की होगी। जिसमें, 80 प्रश्न पूछे जायेंगे। हर सेमेस्टर में पास होने के लिए हर पेपर में 36 प्रतिशत अंक लाने होंगे। वहीं, कुल 40 प्रतिशत अंक पाने वाले छात्रों को ही सफ ल घोषित किया जायेगा।

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80 अंक का पेपर, 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन

कुल पेपर 100 अंक का होगा। जिसमें सेमेस्टर थ्योरी परीक्षा 80 अंक की होगी। वहीं, 20 अंक सतत आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर दिये जायेंगे। यह 20 अंक देने में मनमानी न हो, इसके लिए भी व्यवस्था लागू की गई है। आंतरिक मूल्यांकन के 20 में से 10 अंक प्रोजेक्ट और गतिविधि जैसे एनसीसी, एनएसएस और दूसरी सांस्कृतिक क्रियाकलापों में सक्रियता के आधार पर दिये जायेंगे। इन गतिविधियों में जुडऩे वाले छात्रों को फाइल तैयार करनी होगी। हाथ से लिखी गई इस फाइल को संबंधित विभाग में जमा करना होगा। बचेे हुए पांच अंक छात्र की कक्षा में उपस्थिति और पांच अंक प्रस्तुतिकरण के आधार पर दिये जायेंगे। जिन विषयों में प्रैक्टिकल हैं उन्हें हर दूसरे सेमेस्टर में पढ़ाया जायेगा।

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