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दिल्ली विश्वविद्यालय में 60 हजार लैपटॉप हुये बेकार, छात्रों के पास स्मार्टफोन तक नहीं

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षा कराने के निर्णय के बाद से ही सवाल उठ रहे हैं कि जिन छात्रों के पास स्मार्ट फोन, लैपटॉप तक नहीं, वे इसमें शामिल कैसे होंगे। इस बीच यह तथ्य चौकाने वाला है कि वंचित वर्ग के सुविधाहीन छात्रों को देने के लिए डीयू ने 2013 में जो लैपटॉप दिए, वैसे करीब 60 हजार लैपटॉप कॉलेजों में ही पड़े हुए हैं।

एक तरफ अधिकांश सर्वे में वंचित वर्ग के छात्रों के समक्ष संसाधन की कमी की बात सामने आई है। वहीं, दूसरी तरफ डीयू द्वारा लगभग 60 हजार लैपटॉप कॉलेजों में बंद हैं। इसका प्रयोग छात्र नहीं कर रहे हैं, क्योंकि अधिकांश कॉलेजों में इसे वंचित वर्ग के छात्रों को दिया ही नहीं गया।

डीयू में कार्यकारी परिषद के सदस्य डॉ. राजेश झा का कहना है कि पूर्व कुलपति के शासनकाल में छात्रों की आवश्यकता को देखकर लैपटॉप दिए गए थे। आज वंचित वर्ग को यह लैपटॉप डीयू देने के लिए बाध्य करता तो छात्रों को इसका फायदा होता और कोविड जैसी महामारी के समय छात्रों के शैक्षणिक विकास में सहायक भी होता।

विवेकानंद कॉलेज में हिस्ट्री ऑनर्स करने वाली एक छात्रा का कहना है कि मैं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से हूं लेकिन कॉलेज की तरफ से मुझे कोई लैपटॉप नहीं मिला है। यदि मिलता तो मेरी पढ़ाई में आसानी होती।  राजधानी कॉलेज में इकोनोमिक्स ऑनर्स द्वितीय वर्ष के एक छात्र का कहना है कि हमें अपने प्रयोग के लिए किसी तरह कॉलेज की तरफ से लैपटॉप नहीं मिलता है। अगर यह लैपटॉप उन छात्रों को मिले जिनके पास नहीं है तो उनको इससे काफी लाभ मिल सकता है।

डीयू के लगभग 1500 छात्रों के बीच छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन द्वारा किए गए ऑनलाइन सर्वे में 67.6 फीसदी छात्रों ने माना है कि लैपटॉप, कंप्यूटर या स्मार्टफोन जैसे पर्याप्त तकनीकी साधन उनकी पहुंच में है। लेकिन, 32.4 फीसदी छात्रों ने कहा है कि इस तरह की तकनीकी सुविधा उनकी पहुंच में नहीं है।

मेंटिनेंस का अनुबंध समाप्त

एक कॉलेज के प्रिंसिपल का कहना है कि हमारे कॉलेज को लगभग एक हजार लैपटॉप मिले थे। ये पुराने हो गए हैं लेकिन जो छात्र मांगता है हम उन छात्रों दे देते हैं। कॉलेज में लैपटॉप के रख-रखाव की दिक्कत हो रही है। कई लैपटॉप खराब भी हो गए हैं। अब कॉलेजों के लिए इसका मेंटिनेंस मुश्किल है। विश्वविद्यालय ने लैपटॉप की जिस कंपनी से अनुबंध किया था, वह 5 साल के लिए था। डीयू यदि इसके मेंटिंनेंस के लिए कंपनी से अनुंबध करे तो यह सस्ता भी पड़ेगा और कॉलेजों पर आर्थिक बोझ भी नहीं आएगा।

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