• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल पर तनाव के बीच सीनियर लेफ्टिनेंट जनरल के नेतृत्‍व में तैयारी

Desk by Desk
08/08/2020
in Main Slider, नई दिल्ली, राष्ट्रीय
0
"भारत चीन बॉर्डर

"भारत चीन बॉर्डर

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्‍ली। चीन के साथ लगी सीमा पर तनाव के बीच भारत को पांच राफेल लड़ाकू विमान (Rafale fighter jets) मिल चुके हैं। मगर ड्रैगन की तकनीकी क्षमता को भांपते हुए भारतीय सेना सिर्फ पारंपरिक युद्ध के तौर-तरीकों पर ही नहीं, भविष्य की युद्ध रणनीतियों पर भी आगे बढ़ रही है। सेना अत्‍याधुनिक तकनीकों पर स्‍टडी कर रही है। इस स्‍टडी के अगुवा एक सीनियर लेफ्टिनेंट जनरल हैं।

सेना जिन तकनीकों पर स्‍टडी करने वाली है, उनमें ड्रोन स्‍वार्म से लेकर रोबोटिक्‍स, लेजर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एल्‍गोरिद्म‍िक वॉरफेयर तक शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस स्‍टडी का मकसद सेना की परंपरागत युद्ध क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ उसे ‘नॉन-काइनेटिक और नॉन-कॉम्‍बैट’ वॉरफेयर के लिए तैयार करना भी है। भविष्‍य को ध्‍यान में रखते हुए चीन भी कई तरह की तकनीकें विकसित कर रहा है। उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पावर्ड लीदल ऑटोनॉमस वेपन सिस्‍टम बनाया है।

एयरहोस्टेस शिल्पा कटारे ने बताया केरल विमान हादसे का आंखों देखा हाल

भारतीय सेना की नई लैंड वॉरफेयर डॉक्ट्रिन (2018) में पूरी युद्ध रणनीति को और पैना करने पर जोर दिया गया था। इसमें इंटीग्रेटेड बैटल गुप्‍स (IBGs) से लेकर साइबर वॉरफेयर क्षमता डेवलप करने और लॉन्‍च-ऑन-डिमांड माइक्रो सैटेलाइट्स, लेजर, AI, रोबोटिक्‍स जैसे डायरेक्‍टेड-एनर्जी वेपंस हासिल करने की जरूरत भी बताई गई थी। IBGs ने आकार लेना भी शुरू कर दिया है। यह सेल्‍फ कन्‍टेंड फाइटिंग फॉर्मेशंस की सूरत में होंगे जो तेजी से मोबलाइज किए जा सकते हैं। हर IBG में करीब पांच हजार सैनिक होंगे जिनमें इन्‍फैंट्री, टैंक, आर्टिलरी, एयर डिफेंस, सिग्‍नल्‍स और इंजीनियर्स के जवान शामिल होंगे। पिछले साल वेस्‍टर्न और ईस्‍टर्न फ्रंट्स पर युद्धाभ्‍यास में IBGs को शामिल किया जा चुका है।

एक सूत्र ने कहा, ‘भविष्‍य के युद्धों में तकनीक एक अहम पहलू होगी। नई स्‍टडी को सात में से एक आर्मी कमांडर लीड कर रहे हैं। इस स्‍टडी से एक रोडमैप तैयार होगा जिसमें टाइमलान के साथ हर तकनीक पर कितनी लागत आएगी और फायदा कितना होगा, यह सब जानकारी होगी।’ स्‍टडी में AI, रिमोटली-पायलटेड एरियल सिस्‍टम्‍स, ड्रोन स्‍वार्म्‍स, बिग डेटा एनालिस‍िस, ब्‍लॉकचेन तकनीक, एल्‍गोरिद्मिक वॉरफेयर, इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स (IoT), वर्चुअल रिएलिटी, ऑगमेंटेंड रिएलिटी, हाइपरसोनिक इनेबल्‍ड लॉन्‍ग रेंज प्रिंसिजन फायरिंग सिस्‍टम, एडिटिव मैनुफैक्‍चरिग, बायोमैटीरियल इन्‍फ्यूज्‍ड इनविजिबिल्‍टी क्‍लोक्स, एक्‍सोस्‍केलेटन सिस्‍टम्‍स, लिक्विड आर्मर, क्‍वांटम कम्‍प्‍यूटिंग, रोबोटिक्‍स, डायरेक्‍टेड-एनर्जी वेपंस, लॉइटर और स्‍मार्ट म्‍यूनिशंस जैसी तकनीक पर रिसर्च होगी।

जम्मू एवं कश्मीर के LoC पर पाकिस्तान की गोलाबारी में 65 वर्षीय शख्स की मौत

सेना की मिलिट्री प्‍लानिंग सैनिकों के प्रभावी इंटीग्रेशन और ऐसी तकनीकों के एक युद्ध मशीनरी में बदलने के इर्द-गिर्द घूमेगी। इसके अलावा ‘ग्रे जोन’ वॉरफेयर में क्षमता बढ़ाने पर भी फोकस होगा। फिलहाल सेना के पास जो संसाधन हैं, और जो खरीद की जा रही है उसमें इन तकनीकों के शामिल होने पर बदलाव हो सकता है। एक सूत्र ने कहा कि जरूरत पड़ने पर इसकी समीक्षा की जाएगी। भारत ने ड्रोन स्‍वार्म्‍स या एयर-लॉन्‍चड स्‍मॉल एरियल सिस्‍टम्‍स को डेवलप करने पर पहले ही थोड़ा काम कर रहा है। अमेरिका के साथ इसपर एक जॉइंट प्रोजेक्‍ट चल रहा है। यह बाइलेटरल डिफेंस टेक्‍नोलॉजी एंड ट्रेड इनिशिएटिव के तहत सात जॉइंट प्रोजेक्‍ट्स में से एक है।

Tags: "भारत चीन बॉर्डर समाचारindia china borderindian army news hindilac standoff with chinalasers indian armyloiter munitions indian armyrobotics warfare newsभारत चीन बॉर्डर
Previous Post

जम्मू एवं कश्मीर के LoC पर पाकिस्तान की गोलाबारी में 65 वर्षीय शख्स की मौत

Next Post

रिया चक्रवर्ती सिद्धार्थ पीठानी से करती थी वाट्सऐप कॉल पर बात

Desk

Desk

Related Posts

Lips
Main Slider

होंठों का कालापन दूर करने के लिए करें ये उपाय

21/07/2026
Hair Mask
Main Slider

बालों की हर समस्या का इलाज है ये मास्क

21/07/2026
Garlic Pickle
Main Slider

इस अचार का स्वाद होता है लाजवाब, बनाकर जरूर देखें

21/07/2026
Viksit Bharat
उत्तराखंड

चकराता में तीन दिन गूंजेगा ‘विकसित भारत’ अभियान

20/07/2026
Anand Bardhan
Main Slider

ग्रोथ सेंटर्स को बाजार और निजी साझेदारों से जोड़ें: मुख्य सचिव

20/07/2026
Next Post
सिद्धार्थ पीठानी- रिया

रिया चक्रवर्ती सिद्धार्थ पीठानी से करती थी वाट्सऐप कॉल पर बात

यह भी पढ़ें

UPSCR

योगी सरकार ने बंद कर दी एक और योजना, गरीब बेटियों को उठाना पड़ेगा नुकसान

30/08/2022
health services

नवनिर्माण के 9 वर्ष: स्वास्थ्य सेवाओं में उत्तर प्रदेश बना देश में अग्रणी

24/03/2026
Bihar showed sluggishness in distributing quota ration, UP distributed 96 percent

कोटे का राशन बांटने में बिहार ने दिखाई सुस्ती, यूपी ने बांटा 96 फीसदी

02/09/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version