• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जानें पितृपक्ष में नवमी श्राद्ध का क्या होता है विशेष महत्व

Desk by Desk
12/09/2020
in Main Slider, ख़ास खबर, धर्म, फैशन/शैली
0
pitru paksha

पितृ पक्ष 2020

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

धर्म डेस्क। आज आश्विन कृष्ण नवमी है। पितृपक्ष चल रहा है, तो आज नवमी श्राद्ध है। इसे मातृ नवमी या सौभाग्यवती नवमी के नाम से भी जाना जाता है। पितृपक्ष में नवमी श्राद्ध या मातृ नवमी का विशेष महत्व होता है। मातृ नवमी के दिन परिवार की उन महिलाओं की पूजा और श्राद्ध कर्म किया जाता है, जिनका निधन हो चुका है। इससे उनकी आत्माएं तृप्त होती हैं और व्यक्ति मातृ दोष से मुक्त हो जाता है। आइए जानते हैं मातृ नवमी के बारे में।

मातृ नवमी या सौभाग्यवती नवमी

आज के दिन मां, दादी और नानी की पूजा की जाती है। निधन के बाद वे सभी पितर बन जाती हैं। उनकी तृप्ति के लिए ही श्राद्ध किया जाता है, ताकि वे प्रसन्न होकर हमारी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आशीर्वाद दें। वे प्रसन्न होकर परिवार के सुख-समृद्धि और कल्याण का आशीष देती हैं। मातृ नवमी की पूजा करने से मातृ पितर प्रसन्न रहती हैं और उनकी कृपा बनी रहती है।

मातृ नवमी की पूजा

नवमी के दिन घर की महिलाओं को व्रत रखना चाहिए। स्नान आदि से निवृत होकर घर के दक्षिण दिशा में महिला पितरों की तस्वीर लगाएं। उनको काला तिल मिला हुआ जल से तर्पण करना चाहिए और तेल का दीपक जलाना चाहिए। उसके बाद तुलसी का पत्ता अर्पित करें और खीर का भोग लगाएं।

इसके बाद आपको विवाहित महिलाओं और ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए। फिर ब्राह्मणों को दक्षिणा दें तथा सुहागन महिलाओं को सुहाग का सामान दान कर दें। आज के दिन जिसने श्राद्ध किया है, उसे श्रीमद्भागवत गीता के 9 वें अध्याय का पाठ करना चाहिए। ऐसे करने से मातृ शक्ति प्रसन्न होती हैं और व्यक्ति को मातृ दोष से मुक्ति मिल जाती है।

मातृ नवमी के दिन श्राद्ध के लिए जो भी खाद्य पदार्थ बनाए गए हैं, उनमें से कुछ हिस्सा कौए के लिए भी निकाल दें। कौआ भोजन ग्रहण कर लेता है तो आपकी श्राद्ध पूजा सफल मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि कौआ श्राद्ध का भोजन कर लेता है तो वह पितरों को प्राप्त हो जाता है। इससे पितर तृप्त हो जाते हैं। यदि ऐसा नहीं होता है तो माना जाता है कि पितर नाराज हैं।

Tags: Importance Of Navami ShradhLifestyle and RelationshipMatri DoshMatri Navami 2020Navami Shradh 2020Pitru Paksha 2020Significance Of Matri NavamiSpirituality
Previous Post

बुन्देलखण्ड का किसान कर्ज से दबा है, स्थिति बहुत बदतर : लल्लू

Next Post

यातायात की सुविधा के साथ ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था होगी मजबूत : मौर्य

Desk

Desk

Related Posts

Cucumber Face Pack
फैशन/शैली

ये रखेगा आपकी स्किन को तरोंताजा, मिलेगा गज़ब का ग्लो

27/05/2026
Muskmelon kheer
Main Slider

मीठे में बनाएं लाजवाब खरबूजे की खीर

27/05/2026
Hairstyles
फैशन/शैली

ये हेयर स्टाइल कर देंगे आपका मेकओवर

27/05/2026
Dandruff
फैशन/शैली

सिर की डैंड्रफ से निजात पाने में मदद करेंगी ये टिप्स

27/05/2026
Eid
फैशन/शैली

बकरीद पर इस तरह करें घर की सजावट, मिलेगा आकर्षक लुक

27/05/2026
Next Post
केशव प्रसाद मौर्य

यातायात की सुविधा के साथ ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था होगी मजबूत : मौर्य

यह भी पढ़ें

Abu Husayn al-Qureshi

ISIS प्रमुख अबू हुसैन अल-कुरैशी ढेर, सैन्य बलों ने किया काम तमाम

01/05/2023
Bihar Chandika Mandir

बिहार के चंडिका मंदिर में मां सती के नेत्र की होती है पूजा, नेत्र विकार से मिलती है मुक्ति

18/10/2020
azam khan

जेल में बंद आजम के समर्थकों ने अखिलेश के खिलाफ खोला मोर्चा, लगाए ये आरोप

10/04/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version