• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

यौन हिंसा पर गृह मंत्रालय सख्त, महिला अपराध के हर मामले में कार्रवाई अनिवार्य

Desk by Desk
10/10/2020
in Main Slider, क्राइम, ख़ास खबर, नई दिल्ली, राजनीति, राष्ट्रीय
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली । देश में महिलाओं के खिलाफ बढता अपराध काफी चिंताजनक हो चुका है। विशेष रूप से यौन हिंसा की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को परामर्श जारी किया है। कहा है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के हर मामले में सभी नियमों का पालन करते हुए अनिवार्य कार्रवाई की जानी चाहिए।

Ministry of Home Affairs issues advisory to States and Union Territories for ensuring mandatory action by police in cases of crime against women. pic.twitter.com/dx1sQmzXLW

— ANI (@ANI) October 10, 2020

उत्तर प्रदेश के हाथरस में पिछले महीने एक युवती की मौत और उसके साथ कथित बलात्कार की घटना। साथ ही देश के कुछ अन्य हिस्सों में भी महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों के बीच गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा विभाग ने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को परामर्श जारी किया है। परामर्श की प्रति सभी पुलिस महानिदेशकों तथा पुलिस आयुक्तों को भी भेजी गयी है।

मंत्रालय ने कहा है कि वह इससे पहले भी समय समय पर इस तरह के परामर्श जारी कर चुका है और फिर से यह परामर्श दिया जाता है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध और विशेष रूप से यौन हिंसा के मामलों में निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई किया जाना अनिवार्य है। यौन अपराध के मामलों में प्राथमिकी या जीरो प्राथमिकी दर्ज किया जाना अनिवार्य है । कानून में प्रावधान किया गया है कि यौन अपराध के मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी की जानी चाहिए। मंत्रालय ने यह भी याद दिलाया है कि कानून में यह भी प्रावधान है कि इन नियमों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सजा तथा अन्य कार्रवाई का भी प्रावधान है।

मदुरै की छात्रा जेनिफर लॉकडाउन को बनाया अवसर, बनीं युवा नवोदित उद्यमी

यौन अपराधों के मामले में यह भी नियम है कि पुलिस को सूचना मिलने के बाद पीडि़ता की सहमति से पंजीकृत चिकित्सक से उसकी जांच करानी चाहिए। पीड़ित के मरने से पहले दिये गये लिखित या मौखिक बयान को भी तथ्य के रूप में माना जाना चाहिए।

इन मामलों में फॉरेन्सिक सबूत भी दिशा निर्देशों के अनुरूप एकत्र किये जाने चाहिए और इसके लिए विशेष रूप से उपलब्ध किट का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

मंत्रालय ने कहा है कि यदि इन मामलों की जांच में निर्धारित नियम कानूनों का पालन नहीं किया जाता है तो यह न्याय में बाधा पहुंचाने के समान है। नियमों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भी प्रावधान है। मंत्रालय ने सभी मुख्य सचिवों से कहा है कि वे अपने अपने राज्यों में इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें और इस तरह के मामलों की निगरानी भी करें।

जानें गृहमंत्रालय की क्या है एडवाइजरी?

  • संज्ञेय अपराध की स्थिति में एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है। कानून में ‘जीरो एफआईआर’ का भी प्रावधान है (अगर अपराध थाने की सीमा से बाहर हुआ है)।
  • PC की धारा 166 A(c) के तहत, एफआईआर दर्ज न करने पर अधिकारी को सजा का प्रावधान है।
  • सीआरपीसी की धारा 173 में बलात्‍कार से जुड़े मामलों की जांच दो महीनों में करने का प्रावधान है। MHA ने इसके लिए एक
  • ऑनलाइन पोर्टल बनाया है जहां से मामलों की मॉनिटरिंग हो सकती है।
  • सीआरपीसी के सेक्‍शन 164-A के अनुसार, बलात्‍कार/यौन शोषण की मामले की सूचना मिलने पर 24 घंटे के भीतर पीड़‍िता की
  • सहमति से एक रजिस्‍टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर मेडिकल जांच करेगा।
  • इंडियन एविडेंस ऐक्‍ट की धारा 32(1) के अनुसार, मृत व्‍यक्ति का बयान जांच में अहम तथ्‍य होगा।
  • फोरेंसिंक साइंस सर्विसिज डायरेक्‍टोरेट ने यौन शोषण के मामलों में फोरेंसिंक सबूत इकट्ठा करने, स्‍टोर करने की गाइडलाइंस बनाई हैं। उनका पालन हो।
  • अगर पुलिस इन प्रावधानों का पालन नहीं करती तो न्‍याय नहीं हो पाएगा। अगर लापरवाही सामने आती है तो ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्‍त से सख्‍त कार्रवाई होनी चाहिए।
Tags: guidelines for crime against womenguidelines for crime scene investigationindia HeadlinesIndia newsIndia News in HindiLatest india Newsmha advisory today newsmha guidelines for crime against womenministry of home affairs advisoryबलात्‍कार मामले की जांच कैसे होती हैभारतमहिलाओं के खिलाफ अपराधरेप केस की जांच कैसे होती हैरेप पर गाइडलाइन
Previous Post

मदुरै की छात्रा जेनिफर लॉकडाउन को बनाया अवसर, बनीं युवा नवोदित उद्यमी

Next Post

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर Harsh Vardhan ने लोगों को दी ये सलाह

Desk

Desk

Related Posts

Matka Kulfi
Main Slider

गर्मियों में ठंडक का एहसास देती है मटका कुल्फी, स्वाद ऐसा कि कम पड़ जाती है तारीफ

18/06/2026
Paan Petha Roll
Main Slider

गर्मियों में बनाएं पान पेठा रोल, किसी भी मामले में नहीं होगी फेल

18/06/2026
Injury Marks
Main Slider

पुराने निशान फेस से हो जाएंगे दूर, ट्राई करें ये उपाय

18/06/2026
Achari Funda
Main Slider

झुलसती गर्मियों में गेस्ट को पिलाएं खास ड्रिंक तो सर्व करें अचारी फनडा

18/06/2026
UPSTDC
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार का बड़ा तोहफा, श्रद्धालु हर शुक्रवार-शनिवार-रविवार को कर पाएंगे अपनी पसंद की धार्मिक यात्रा

17/06/2026
Next Post
Harsh Vardhan हर्षवर्धन

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर Harsh Vardhan ने लोगों को दी ये सलाह

यह भी पढ़ें

Riya Chakraborty

रिया चक्रवर्ती ने ED के साथ नहीं किया सहयोग

08/08/2020
Sports Industry

यूपी बनेगा स्पोर्ट्स इंडस्ट्री का हब

09/02/2023

मनुष्य ऐसे व्यक्ति पर आंख बंद करके कर सकता है भरोसा

03/06/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version