• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जानें गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त और इसका महत्व

Writer D by Writer D
26/10/2022
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Govardhan Puja

Govardhan Puja

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

दीवाली पांच दिनों तक चलने वाला पर्व है। जिसके चौथे दिन होती है गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja)। इसे अन्नकूट पर्व के नाम से भी जाना जाता है। दीवाली से अगले दिन मनाया जाने वाला यह पर्व इस बार 26 अक्टूबर को है। हर साल यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को होता है। जिसमें गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत की प्रतिमा बनाकर पूजा की जाती है।

इस पर्व में गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत ही नहीं बल्कि गाय का चित्र बनाया जाता है व संध्याकाल में इसकी विधि विधान से शुभ मुहूर्त में पूजा की जाती है। इस बार के शुभ मुहूर्त के बारे में भी आपको बताते हैं।

गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja) का शुभ मुहूर्त

उदया तिथि के अनुसार गोवर्धन पूजा का पर्व 26 अक्टूबर को ही मनाया जाएगा. गोवर्धन पूजा की शुरुआत 25 अक्टूबर को शाम 04 बजकर 18 मिनट पर होगी और इसका समापन 26 अक्टूबर दोपहर 02 बजकर 42 मिनट पर समाप्त होगा. इसका शुभ मुहूर्त 26 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 36 मिनट से लेकर 08 बजकर 55 मिनट तक रहेगा.

गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja) की कथा

आखिर गोवर्धन पूजा क्यों की जाती है इससे संबंधित कथा भी पुराणों में मिलती है जिसके मुताबिक भगवान श्रीकृष्ण ने जब लोगों से इंद्र की पूजा की बजाय गोवर्धन पर्वत की पूजा करने को कहा तब इंद्रदेव इससे क्रोधित हो गए। इसे अपना अपमान समझकर इंद्र ने ब्रजवासियों पर ज़ोरदार बारिश कर दी। और कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहा।

नतीजा लोगों ने श्री कृष्ण से मदद की गुहार लगाई। तब श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाया था और सभी ब्रजवासियों को उसके नीचे खड़ा कर सभी की रक्षा की थी। उस दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि थी। आज भी उसी के प्रतीक रूप में यह त्यौहार मनाया जाता है।

जब भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाया तो इसे देख इंद्रदेव का अभिमान चूर हो गया था। और तब उन्हें अपनी भूल पर पछतावा हुआ। और कृष्ण जी से क्षमा याचना की थी।

गाय की भी होती है विशेष पूजा

इस दिन केवल गाय के गोबर से बने गोवर्धन पर्वत की ही नहीं बल्कि गाय, बैल, बछड़ों की भी पूजा की जाती है। शास्त्रों की माने तो इस दिन गाय की पूजा करने से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है। और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

Tags: Govardhan Pujagovardhan puja 2022Goverdhan Pujaअन्नकूट का भोगअन्नकूट पर्वअन्नकूट पूजागोवर्धन पूजागोवर्धन पूजा मुहूर्त
Previous Post

नाना ने डरा धमकाकर किया धेवती से दुराचार

Next Post

60 साल में पहली बार नहाया ‘दुनिया का सबसे गंदा आदमी’, नहाते ही हो गई मौत

Writer D

Writer D

Related Posts

hair fall
फैशन/शैली

झड़ते बालों से हैं परेशान, तो अपनाएं ये नुस्खे

10/03/2026
Chironji Face pack
फैशन/शैली

शारीरिक कमजोरी को दूर कर देगी ये छोटी सी चीज, जानें और भी फायदे

10/03/2026
Purse
धर्म

इन चीजों को पर्स से हटा दें, वरना हो जाएगी धन की कमी

10/03/2026
Nails
Main Slider

इन तरीकों से पाएं खूबसूरत नाखून

10/03/2026
CM Vishnu Dev
Main Slider

महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी : मुख्यमंत्री

09/03/2026
Next Post
World's dirtiest man

60 साल में पहली बार नहाया 'दुनिया का सबसे गंदा आदमी', नहाते ही हो गई मौत

यह भी पढ़ें

CM Yogi

यूपी 112 के व्हाट्सएप पर सीएम योगी को मिली जान से मारने की धमकी

11/01/2021

आखिरी नम्बर ”जीरो” और ”एक” वाले वाहनों में कल से HSRP अनिवार्य

15/11/2021
नवनीत सहगल navneet sehgal

प्रदेश में कोरोना हाॅटस्पाॅट और कन्टेनमेंट जोन में कमी आई, लेकिन अभी समाप्त नहीं हुआ : सहगल

05/01/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version