मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि नगरों के विकास के लिए धनराशि की कमी नहीं आने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज यहाँ मंत्रालय से वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा कहा कि जब कोरोना काल में 330 करोड़ की राशि राज्य सरकार ने नगरीय निकायों को प्रदान की तो अब यह क्रम नहीं रूकेगा और 15वें वित्त आयोग की स्वीकृत राशि निकायों को प्रदान की जाती रहेगी। उन्होंने कहा कि नगर किसी भी प्रदेश का आईना होते हैं।
बड़ी आबादी होने के कारण नगरों में सड़क, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता से उपलब्ध करवाना आवश्यक होता है। इसके साथ सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सीवेज सिस्टम का विकास भी जरूरी है। स्वच्छता में देश के अग्रणी नगरों में शामिल हाने वाले इंदौर, भोपाल जैसे नगर आगे भी विशिष्ट स्थान बनाएं इसके लिए आवश्यक धनराशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की जिन्दगी में सभी मिलकर नया प्रकाश लाने का प्रयास करें।
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इस अवसर पर उन्होंने सिंगल क्लिक द्वारा 480 करोड़ रूपए की राशि नगरीय निकायों को अंतरित की। जिन नगरों को राशि प्राप्त हुई है उनमें 10 लाख से अधिक आबादी (मिलियन प्लस) वाले प्रदेश के 4 नगरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर के अलावा नॉन मिलियन प्लस 403 नगरीय निकाय और 5 केन्टोनमेंट नगर शामिल हैं। आज प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के अधिकारी और 63 ऐसे निकायों के अध्यक्ष जिनका कार्यकाल अभी चल रहा है, उन्होंने वीसी के माध्यम से कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
श्री चौहान ने कहा कि कोरोना काल में आर्थिक संकट की स्थिति है, लेकिन नगरों के विकास के लिए धन की व्यवस्था की जाएगी। हमारे शहर आदर्श बनकर खड़े हों, इसके प्रयत्न करेंगे। उन्होंने कहा कि चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि में वृद्धि की जाएगी। कोरोना से पूरी तरह सामान्य स्थितियां निर्मित होते ही आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। शहरी गरीबों को प्राथमिकता पूर्वक आवास उपलब्ध करवाए जाएंगे। प्रदेश के 7 नगरों में 20 हजार करोड़ रूपए का निवेश हो रहा है, इंदौर और भोपाल में मेट्रो रेल का कार्य चल रहा है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार श्री चौहान ने निकायों को निर्देश दिए कि मास्टर प्लान तैयार करते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि झुग्गी क्षेत्र नहीं बढ़ें। प्रदेश में संबल योजना पुन: प्रारंभ की गई है। इसके साथ ही स्ट्रीट वेण्डर्स को लाभान्वित करने के लिए योजना संचालित है। मध्यप्रदेश ने इस योजना के कियान्वयन में देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में सब्जी की दुकान चलाने वाले हाथ ठेला से छोटे व्यवसाय करने वाले केशशिल्पी, चर्मकार, काष्ठकार और अन्य बुनकरों-कारीगरों को भी योजनाओं का लाभ दिलवाया जाएगा। श्री चौहान ने शहरों के विकास के लिए धनराशि के सद-उपयोग के लिए विभिन्न स्तरों पर मॉनीटरिंग की आवश्यकता भी बताई।







