• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

12 दिसंबर को शनि प्रदोष व्रत, क्या है व्रत विधि और धार्मिक महत्व

Desk by Desk
11/12/2020
in Main Slider, ख़ास खबर, धर्म, फैशन/शैली
0
praodsh vrat

प्रदोष व्रत

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

धर्म डेस्क। प्रदोष व्रत भगवान शिव की आराधना के लिए रखा जाता है।  हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रदोष व्रत प्रत्येक माह में दो बार आता है। यह व्रत हर माह में शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। मार्गशीर्ष माह में कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत 12 दिसंबर शनिवार को रखा जाएगा। शनिवार के दिन पड़ने के कारण इसे शनि प्रदोष कहा जाएगा। आइए जानते हैं प्रदोष व्रत का महत्व और पूजा विधि…

प्रदोष व्रत पूजा विधि

प्रदोष व्रत करने के लिए जल्दी सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करें और भगवान शिव को जल चढ़ाकर भगवान शिव का मंत्र जपें। इसके बाद पूरे दिन निराहार रहते हुए प्रदोषकाल में भगवान शिव को शमी, बेल पत्र, कनेर, धतूरा, चावल, फूल, धूप, दीप, फल, पान, सुपारी आदि चढ़ाएं।

प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व

प्रदोष व्रत भगवान शिव के साथ चंद्रदेव से भी जुड़ा है। मान्यता है कि प्रदोष का व्रत सबसे पहले चंद्रदेव ने ही किया था। माना जाता है शाप के कारण चंद्र देव को क्षय रोग हो गया था। तब उन्होंने हर माह में आने वाली त्रयोदशी तिथि पर भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत रखना आरंभ किया था। जिसके शुभ प्रभाव से चंद्रदेव को क्षय रोग से मुक्ति मिली थी।

पौराणिक मान्यता के अनुसार प्रदोष व्रत करने वाले साधक पर सदैव भगवान शिव की कृपा बनी रहती है और उसका दु:ख दारिद्रता दूर होती है और कर्ज से मुक्ति मिलती है। प्रदोष व्रत में शिव संग शक्ति यानी माता पार्वती की पूजा की जाती है, जो साधक के जीवन में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करते हुए उसका कल्याण करती हैं।

प्रदोष व्रत के लाभ

प्रदोष व्रत अलग-अलग कामनाओं की पूर्ति के साथ किया जाता है। अगर किसी को सुख सौभाग्य और धन लाभ चाहिए तो हर माह की त्रयोदशी तिथि पर शुक्रवार के दिन व्रत रखना शुभ होता है। लंबी आयु की कामना के लिए रविवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत रखना चाहिए। वहीं अगर आपके मन में संतान प्राप्ति की इच्छा है तो शनिवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष के दिन उपवास रखना शुभ फलदायक रहता है। कर्जों से मुक्ति के लिए सोमवार प्रदोष व्रत रखना श्रेष्ठ होता है।

Tags: pradosh vrat december 2020shani pradosh in 2020shani pradosh vratप्रदोष व्रत कब हैप्रदोष व्रत का महत्वप्रदोष व्रत के नियमप्रदोष व्रत विधिशनि प्रदोष व्रत 2020
Previous Post

खुद को समाज और देश के लिए उपयोगी बनाएं, बोझ नहीं : योगी

Next Post

कोई भी कानून पूरा खराब और प्रतिकूल नहीं हो सकता : तोमर

Desk

Desk

Related Posts

Sawan
Main Slider

ऐसे करें रुद्राक्ष असली है या नकली

17/05/2026
Mint Face Pack
Main Slider

गर्मियों में भी स्किन रहेगी कूल, इससे मिलेगा ग्लो

17/05/2026
Aloo Kachori
खाना-खजाना

टेस्टी लगती है ये टेस्टी डिश, नोट करें रेसिपी

17/05/2026
Curd
Main Slider

गर्मियों में स्किन के लिए बेस्ट हैं दही, खूबसूरती में लगेंगे चार चांद

17/05/2026
फैशन/शैली

इसको रोज 15 मिनट चबाने से दांत होंगे मजबूत

17/05/2026
Next Post

कोई भी कानून पूरा खराब और प्रतिकूल नहीं हो सकता : तोमर

यह भी पढ़ें

sonu sood

सोनू सूद ने अपने और प्रवासी मजदूरों के संघर्ष पर लिखी किताब

13/11/2020
AI SATS to invest in two projects at Jewar Airport

जेवर एयरपोर्ट पर दो प्रोजेक्ट्स में 4458 करोड़ रुपये निवेश करेगी एआई सैट्स

24/02/2026
CM Yogi

भारतीय हॉकी टीम की स्वर्णिम विजय उत्कृष्ट टीम वर्क और अटूट परिश्रम का प्रतिफल: सीएम योगी

07/10/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version