• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

लोकतांत्रिक व्यवस्था में बहुमत का रोडरोलर चलाकर अन्नदाता को न कुचले सरकार : अखिलेश यादव

Desk by Desk
13/12/2020
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, ख़ास खबर, राजनीति, राष्ट्रीय, लखनऊ
0
अखिलेश यादव akhilesh yadav

अखिलेश यादव

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ । समाजवादी पार्टी  अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में बहुमत का रोडरोलर चलाकर अन्नदाता की आवाज को कुचलने का कोई भी प्रयास उचित नहीं ठहराया जा सकता है।

श्री यादव ने रविवार को जारी बयान में कहा कि किसान अपने हित अनहित को समझकर अगर सरकार के कृषि विधेयकों के खिलाफ राय दे रहा है तो उसकी मांगे माने जाने में क्या दिक्कत हो सकती है। देश का किसान आंदोलित है वहीं सरकार उनके मन की बात सुनने के बजाय उन पर अपनी बात थोपने में लगी है।

उन्होने कहा कि अहंकारी भाजपा याद रखे यहां ‘प्रधान‘ शब्द तक ‘कृषि‘ के बाद आता है। सत्ताधारी न भूलें कि हमारे देश में किसान ही प्रथम है और प्राथमिक भी। किसान अपना हक मांग रहे है, वे दृढ़ निश्चयी हैं कि वे इसे लेकर रहेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य और मण्डी समितियों के अस्तित्व को लेकर सरकार और किसान संगठनों के बीच मतभेद है।

जूनियर व प्राथमिक स्तर के विद्यालयों को तत्काल खोलने की अनुमति दे सरकार

सरकार से किसान तीनों कृषि विधयेक वापस लेने की मांग कर रहे हैं। कानून की वापसी का यह कोई पहला मामला नहीं है, पहले के भी ऐसे उदाहरण हैं। अतः भाजपा नेतृत्व की इस सम्बंध में हठधर्मी समझ में नहीं आती है। अगर इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाया जा रहा है तो यही कहा जा सकता है कि भाजपा का रवैया किसान विरोधी है। उसकी नीयत किसानों की भलाई करने की नहीं, पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की है।

उन्होंने कहा कि भाजपा लोगों को बहकाने और छलने में पारंगत है। किसानों को इसीलिए आतंकवादी, नक्सलवादी भी बताया जा रहा है। सच्चाई यह है कि किसान एकजुट हैं, उनका आंदोलन बढ़ता ही जा रहा है। इसमें किसान परिवारों के बूढ़े-बच्चे-महिलाएं तक शामिल हैं, जो इस ठण्ड के मौसम में आज 18वें दिन भी आंदोलनरत हैं। कई किसानों की शहादत भी हो चुकी है। समाजवादी पार्टी किसानों की मांगो का समर्थन करती है। उसकी सहानुभूति किसानों के साथ है।

श्री यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सात दिसम्बर से किसान यात्राएं चल रही है और 14 दिसम्बर को वह किसानों के समर्थन में धरना भी देगी।

Tags: akhilesh yadavअखिलेश यादव
Previous Post

गोण्डा : पांच करोड़ की अष्टधातु की मूर्ति बरामद, सात चोर गिरफ्तार

Next Post

कृषि कानूनों का विरोध किसानों का नहीं विपक्ष का है: अनुप्रिया पटेल

Desk

Desk

Related Posts

PM Modi
Main Slider

प्रधानमंत्री मोदी ने साझा किया सुभाषितम्, कहा-नारी शक्ति सशक्त भारत की पहचान

17/04/2026
Road Accident
असम

तेजपुर में भीषण सड़क दुर्घटना, भारतीय सेना के जवान की मौके पर मौत

17/04/2026
Four women killed as tractor overturns
क्राइम

भात मांगने जा रहे श्रद्धालुओं से भारी ट्रेक्टर- ट्रॉली पलटी, चार महिलाओं की मौत

17/04/2026
Lucknow fire tragedy
Main Slider

लखनऊ अग्निकांड में जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि सौंपी गयी

17/04/2026
Gold
Main Slider

पुराने जेवर भी चमक जाएंगे, इन उपायों से करें साफ

17/04/2026
Next Post

कृषि कानूनों का विरोध किसानों का नहीं विपक्ष का है: अनुप्रिया पटेल

यह भी पढ़ें

ISI को एचएएल कर्मी देता था गुप्त जानकारी HAL personnel used to provide secret information to ISI

लखनऊ : सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो पोस्ट करने वाले दो गिरफ्तार

11/08/2020
Passport

भारत में वीजा समाप्त होने के बाद भी 40,000 विदेशी रुके

05/08/2022
BARC's fake scientist Qutubuddin arrested.

सवा लाख का इनामी गिरफ्तार

22/05/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version