• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

गुप्त नवरात्रि: आज करें मां छिन्नमस्ता देवी की पूजा, होंगी सारी चिंता दूर

Writer D by Writer D
04/07/2022
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Gupt Navratri

Maa Chinnamasta Devi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

आज गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri) का पांचवां दिन है। आज भक्त मां छिन्नमस्ता या ‘छिन्नमस्तिका’ की पूजा अर्चना करेंगे। मां छिन्नमस्ता को चिंतापूरनी भी कहा जाता है। मां छिन्नमस्ता को 10 महाविद्याओं में 5वां स्थान प्राप्त है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां छिन्नमस्ता मनुष्य की हर चिंता को दूर कर उनकी मनोकामनाओं को पूर्ण करती हैं। मां छिन्नमस्ता का स्वरुप थोड़ा हटकर है। छिन्नमस्ता देवी के हाथ में अपना ही कटा हुआ सिर है तथा दूसरे हाथ में कटार धारण की है। इस महाविद्या का संबंध महाप्रलय से है. देवी छिन्नमस्ता को को भगवती त्रिपुरसुंदरी का ही रौद्र रूप माना गया है।

पूजा के बाद कथा का पाठ करना चाहिए। पढ़ें देवी छिन्नमस्ता की कथा …

देवी छिन्नमस्ता की कथा:

पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीनकाल में छोटा नागपुर में रज नामक एक राजा राज करते थे। राजा की पत्नी का नाम रूपमा था। इन्हीं दोनों के नाम से इस स्थान का नाम रजरूपमा पड़ा, जो बाद में रजरप्पा हो गया।

एक कथा के अनुसार एक बार पूर्णिमा की रात में शिकार की खोज में राजा दामोदर और भैरवी नदी के संगम स्थल पर पहुंचे। रात्रि विश्राम के दौरान राजा ने स्वप्न में लाल वस्त्र धारण किए तेज मुख मंडल वाली एक कन्या देखी।

उसने राजा से कहा- हे राजन, इस आयु में संतान न होने से तेरा जीवन सूना लग रहा है। मेरी आज्ञा मानोगे तो रानी की गोद भर जाएगी।

राजा की आंखें खुलीं तो वे इधर-उधर भटकने लगे। इस बीच उनकी आंखें स्वप्न में दिखी कन्या से जा मिलीं। वह कन्या जल के भीतर से राजा के सामने प्रकट हुई। उसका रूप अलौकिक था। यह देख राजा भयभीत हो उठे।

राजा को देखकर देख वह कन्या कहने लगी- हे राजन, मैं छिन्नमस्तिके देवी हूं। कलियुग के मनुष्य मुझे नहीं जान सके हैं जबकि मैं इस वन में प्राचीनकाल से गुप्त रूप से निवास कर रही हूं। मैं तुम्हें वरदान देती हूं कि आज से ठीक नौवें महीने तुम्हें पुत्र की प्राप्ति होगी।

देवी बोली- हे राजन, मिलन स्थल के समीप तुम्हें मेरा एक मंदिर दिखाई देगा। इस मंदिर के अंदर शिलाखंड पर मेरी प्रतिमा अंकित दिखेगी। तुम सुबह मेरी पूजा करो। ऐसा कहकर छिन्नमस्तिके अंतर्ध्यान हो गईं. इसके बाद से ही यह पवित्र तीर्थ रजरप्पा के रूप में विख्यात हो गया।

Tags: Gupt Navratrigupt navratri 2022gupt navratri kathagupt navratri ki pujahindu dharmhindu religionmaa chinnamasta devi
Previous Post

04 जुलाई राशिफल: कैसा बीतेगा आपका आज का दिन

Next Post

अनियंत्रित हो कर खाई में गिरी बस, स्कूली बच्चों समेत 10 लोगों की मौत

Writer D

Writer D

Related Posts

Chardham Yatra
Main Slider

चार धाम में पहुंचे 2.38 लाख से अधिक श्रद्धालु

26/04/2026
CM Yogi
Main Slider

उत्तर प्रदेश यानी सेफ्टी, स्टेबिलिटी एंड स्पीड की गारंटीः मुख्यमंत्री

26/04/2026
cm dhami
Main Slider

मुख्यमंत्री धामी ने सुना प्रधानमंत्री मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम, कहा- मिलती है आगे बढ़ने की प्रेरणा

26/04/2026
CM Yogi
Main Slider

सीएम के हाथों पुरस्कार पाकर बढ़ा हौसला

26/04/2026
Women constables
Main Slider

सीएम योगी की मौजूदगी में महिला आरक्षियों ने ली शपथ, बोलीं- मिला नया आत्मविश्वास

26/04/2026
Next Post
Kullu road accident

अनियंत्रित हो कर खाई में गिरी बस, स्कूली बच्चों समेत 10 लोगों की मौत

यह भी पढ़ें

Road Accident

ट्रैक्टर पलटने से एक की मौत दो घायल

26/09/2023
benefit of anjeer

अंजीर के सेवन से शारीरिक कमजोरी दूर होती है, जानिए 6 और फायदे

26/08/2021
home remedies for body whiting

स्किन से डैड सेल्स हटाने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय

15/09/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version