• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

हकीम अजमल मरीज का चेहरा देखकर बीमारी पता कर लेते थे : डाॅ सिकन्दर

Writer D by Writer D
13/03/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, ख़ास खबर, लखनऊ
0
eram unani medical college & hospital

eram unani medical college & hospital

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। इरम यूनानी मेडिकल काॅलेज एंड हाॅस्पिटल की ओर से शनिवार को स्वर्गीय हकीम मोहम्मद अजमल खां सेमिनार हाल का उद्घाटन हुआ। इरम एजूकेशनल सोसायटी की ओर से संचालित कुर्सी रोड गुडम्बा स्थित इरम हाॅस्पिटल में मुख्य अतिथि यूनानी निदेषक डाॅ सिकन्दर हयात सिद्दीकी रहे। विशिष्ट अतिथि कुलसचिव बोर्ड ऑफ आयुर्वेदिक एंड यूनानी सिस्टम ऑफ मेडिसिन, उत्तर प्रदेश के कुलसचिव डॉ अखिलेश वर्मा, सीआरआईयूएम के उपनिदेशक नफीस अहमद रहे।

काॅलेज में बीयूएमएस बैच 2019 की फ्रेशर पार्टी का आयोजन हुआ। इस मौके पर अतिथियों ने स्वर्गीय हकीम के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। अतिथि ने कहा कि हकीम साहब भारत में यूनानी चिकित्सा का डंका बजाने वालों में प्रमुख रहे। उनकी पहचान महज एक यूनानी हकीम जैसी नहीं थी, बल्कि वह प्रवक्ता रहे और आजादी के मतवाले भी रहे। यही नहीं वह इंडियन नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष भी बने। मुस्लिम लीग से भी जुड़े। असहयोग आंदोलन में भी हिस्सा लिया। खिलाफत मूवमेंट का भी नेतृत्व किया।

योगी सरकार ने लखनऊ पुलिस को देगी दो लाख रुपए का इनाम, जानें पूरा मामला

हकीम अजमल खान 11 फरवरी 1863 को दिल्ली में उस परिवार में पैदा हुए, जो मुगल सम्राट बाबर के समय भारत आई थी। उनके दादा परदादा मुगल बादशाहों की फैमिली का इलाज किया करते थे। उनकी फैमिली में सभी यूनानी हकीम थे। हकीम अजमल खां की पढ़ाई शुरू हुई।

जब उनकी पढ़ाई पूरी हुई तो उन्हें 1892 में रामपुर के नवाब का मुख्य हकीम तैनात कर दिया गया। अपने पुरखों की तरह उनके इलाज में भी बेहद असर था। इलाज करने में इतने माहिर हो गए थे कि यह कहा जाने लगा था कि वो सिर्फ मरीज का चेहरा देखकर उसकी बीमारी का पता लगा लेते हैं। तभी तो वो अपने दीवानखान में तख्त पर बैठे हुए। एक दिन में 200 मरीजों को देखकर दवा दे दिया करते थे।

पत्रकारों की पिटाई का मामला : अखिलेश यादव समेत 20 कार्यकर्ताओं पर एफआईआर

सेमिनार हाॅल उद्घाटन पर एक डाक्यूमेंट्री भी प्रस्तुत की गई। छात्र-छात्राओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इस मौके पर इरम के मैनेजर डाॅ रज्मी यूनुस, प्रेसीडेंट डाॅ ख्वाजा बज्मी यूनुस, डायरेक्टर ख्वाजा फैजी यूनुस, सचिव ख्वाजा सैफी यूनुस आदि रहे।

Tags: eram unani medical college & hospitalLucknow News
Previous Post

योगी सरकार ने लखनऊ पुलिस को देगी दो लाख रुपए का इनाम, जानें पूरा मामला

Next Post

ओडिशा विधानसभा: हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित

Writer D

Writer D

Related Posts

Chaitra Navratri
Main Slider

Chaitra Navratri: ऐसे लोगों को नहीं करना चाहिए उपवास, जानें पूजा के नियम

22/03/2026
Shardiya Navratri
Main Slider

चैत्र नवरात्र में राशि के अनुसार करें इन मंत्रों का जप, सभी मनोकामनाएं होंगी पूरी

22/03/2026
Termites
Main Slider

दीमक से पाना चाहते है छुटकारा, तो घर में आज ही लगाएं ये पौधा

22/03/2026
Winter
फैशन/शैली

गर्मियों में इस तरह करें अपनी स्किन की देखभाल

22/03/2026
Dairy Business
उत्तर प्रदेश

मिल्क प्रोक्योरमेंट से आत्मनिर्भर बनीं प्रदेश की साढ़े तीन लाख महिलाएं

21/03/2026
Next Post
ओडिशा विधानसभा

ओडिशा विधानसभा: हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित

यह भी पढ़ें

Bus

कार की टक्कर से बाइक सवार की मौत

22/05/2023

T-20: घुटने पर बैठे वेस्टइंडीज़ के खिलाड़ी, टीम इंडिया ने किया ऐसा

18/02/2022
Mayawati

टैक्सधारकों के पैसे से मिलता है गरीब को राशन : मायावती

23/05/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version