• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

आज है कालाष्टमी, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Writer D by Writer D
02/06/2021
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Kalashtami

Kalashtami

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

कालाष्टमी हर माह में पड़ती है। ज्येष्ठ माह में कालाष्टमी 2 जून, बुधवार के दिन पड़ रही है। कालाष्टमी के दिन भगवान शिव का विग्रह रूप माने जाने वाले कालभैरव की पूजा का विशेष महत्व है।  उन्हें शिव  का पांचवा अवतार माना गया है। इनके दो रूप हैं पहला बटुक भैरव जो भक्तों को अभय देने वाले सौम्य रूप में प्रसिद्ध हैं तो वहीं काल भैरव अपराधिक प्रवृतियों पर नियंत्रण करने वाले भयंकर दंडनायक हैं. भगवान भैरव के भक्तों का अनिष्ट करने वालों को तीनों लोकों में कोई शरण नहीं दे सकता ।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव की पूजा अर्चना करने से व्यक्ति भयमुक्त होता है और उसके जीवन की कई परेशानियां दूर हो जाती है। मान्यता यह भी है कि इस दिन भगवान भैरव की पूजा करने से रोगों से भी मुक्ति मिलती है।

कालाष्टमी पूजा शुभ मुहूर्त:

ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष अष्टमी आरंभ – 02 जून रात्रि 12 बजकर 46 मिनट से

ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष अष्टमी समाप्त – 03 जून रात्रि 01 बजकर 12 मिनट पर

कालाष्टमी व्रत का महत्व:

काल भैरव को भगवान शिव का रौद्र रूप माना जाता है.वह समस्त पापों और रोगों का नाश करने वाले हैं । हिंदू शास्त्रों के अनुसार कालाष्टमी के दिन श्रद्धापूर्वक वर्त रखने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है । इस दिन व्रत रखकर कुंडली में मौजूद राहु के दोष से भी मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही शनि ग्रह के बुरे प्रभावों से भी काल भैरव की पूजा करके बचा जा सकता है। तंत्र साधन करने वाले लोगों के लिए भी कालाष्टमी का दिन बहुत खास होता है

काल-भैरव पूजा विधि:

कालाष्टमी के दिन भक्तों को सुबह नहा-धोकर भगवान काल भैरव की पूजा अर्चना करनी चाहिए. व्रती को पूरे दिन उपवास करना चाहिए और रात्रि के समय धूप, दीप, धूप,काले तिल,उड़द, सरसों के तेल का दिया बनाकर भगवान काल भैरव की आरती गानी चाहिए

मान्यता के अनुसार, भगवान काल भैरव का वाहन कुत्ता है इसलिए जब व्रती व्रत खोलें तो उसे अपने हाथ से कुछ पकवान बनाकर सबसे पहले कुत्ते को भोग लगाना चाहिए। ऐसा करने से भगवान काल भैरव की कृपा आती है। पूरे मन से काल भैरव भगवान के पूजा करने पर भूत, पिचाश, प्रेत और जीवन में आने वाली सभी बाधाएं अपने आप ही दूर हो जाती हैं।

Tags: kalashtamikalashtami 2021kalashtami pujakalashtami shubh muhurtkalashtami vrat
Previous Post

घरेलू कलह के चलते युवक ने फांसी लगाकर समाप्त कर ली अपनी जीवन लीला

Next Post

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में नहीं हुआ कोई बदलाव, जानें आज का भाव

Writer D

Writer D

Related Posts

धर्म

करवा चौथ पर इन दिशाओं में करें पूजा, खुशियों से महक उठेगा दांपत्य जीवन

28/10/2026
Main Slider

करवा चौथ की पूजा में कुछ छूट न जाए! नोट करें पूरी लिस्ट

28/10/2026
Main Slider

योगी कैबिनेट के 22 बड़े फैसले: शिक्षा कर्मियों को कैशलेस इलाज, रोबोटिक्स पार्क और 4 लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूर

27/10/2026
Main Slider

उत्तराखंड के अनुपूरक बजट में ₹7,844 करोड़, किसान से कुंभ तक हर क्षेत्र के लिए बड़ा प्रावधान

27/10/2026
Main Slider

करवा चौथ में चांद का इतना महत्व क्यों? जानें सूर्यदेव की पूजा न करने का कारण

27/10/2026
Next Post
petrol-diesel

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में नहीं हुआ कोई बदलाव, जानें आज का भाव

यह भी पढ़ें

Bada Mangal

मंगलवार के दिन भूलकर भी न करें ये काम, नाराज हो जाएंगे हनुमान जी

18/02/2025
Boat

नाव पलटने से 3 लोगों की मौत, 15 लापता

01/11/2023
Australia T20 Team

इंग्लैंड दौरे के लिए ऑस्ट्रेलिया ने घोषित की 21 सदस्यीय टीम

14/08/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version