• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

दुर्लभ श्रेणी के पैंगोलिन के साथ STF के सिपाही समेत 15 लोग गिरफ्तार

Writer D by Writer D
04/10/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, क्राइम, ख़ास खबर, बिजनौर
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में सोमवार को पुलिस ने पैंगोलिन के साथ 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि इस मामले में पुलिस ने एसटीएफ के एक सिपाही को भी गिरफ्तार किया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में पैंगोलिन की कीमत चार करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची है। बताया गया कि पैंगोलिन की खरीद फरोख्त में नजीबाबाद क्षेत्र के कई रसूखदार लोग भी शामिल हैं। पुलिस पूरे मामले में छानबीन कर रही है।

बता दें कि इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) के मुताबिक, दुनियाभर में वन्य जीवों की अवैध तस्करी के मामले में अकेले 20 फीसदी योगदान पैंगोलिन का है। यह एक ऐसा जानवर है, जिसकी तस्करी पूरी दुनिया में सबसे अधिक होती है। खासतौर पर चीन में इस जानवर की अधिक डिमांड है। क्योंकि इसकी खाल और मांस से पारंपरिक दवाइयां बनाई जाती हैं।

BJP नेता के परिवार को जिंदा जलाने की साजिश, जांच में जुटी पुलिस

सांप, छिपकली की तरह दिखने वाला पैंगोलिन स्तनधारी जीवों की श्रेणी में आता है। दशकों से इस जीव की दुनियाभर में तस्करी हो रही है। इस जीव से बनने वाली दवाएं काफी महंगे दामों पर बिकती हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि अब पैंगोलिन विलुप्त होने वाले जीवों की श्रेणी में पहुंच गए हैं।

वहीं इस जीव का दूसरा सबसे बड़ा इस्तेमाल ट्रेडिशनल चाइनीज मेडिसिन बनाने में होता है। पैंगोलिन के मांस से अलग दवाएं बनती हैं, तो इसके स्केल्स से अलग किस्म की दवा बनती हैं। हर दवा का उपयोग अलग बीमारी के लिए होता है।

बता दें कि पैंगोलिन शर्मीली प्रवृति का जीव है, जो धरती पर लगभग 60 मिलियन सालों से पाए जाते हैं। ये जीव चींटियां खाकर गुजारा करते हैं। शरीर पर कड़ी और सुनहरी-भूरी स्केल्स वाले इन जीवों का मांस भी खूब शौक से खाया जाता है।

बताया जाता है कि एक किलो पैंगोलिन के मांस की कीमत करीब 27,000 रुपये तक होती है। वेट मार्केट में दूसरे कम कीमत के सस्ते जीवों के साथ पैंगोलिन नहीं बिकता, बल्कि महंगे रेस्त्रां ही इसे बेचते या पकाते हैं।

Tags: bijnore newscrime newspangolinsmuggling of pangolinup news
Previous Post

BJP नेता के परिवार को जिंदा जलाने की साजिश, जांच में जुटी पुलिस

Next Post

ममता सरकार को SC से झटका, CBI जांच के खिलाफ दाखिल की थी याचिका

Writer D

Writer D

Related Posts

Former MLA Rohit Reddy tests positive for drugs
Main Slider

तेलंगाना में ‘रेव पार्टी’ का पर्दाफाश! पूर्व विधायक ड्रग्स टेस्ट में पॉजिटिव, पुलिस पर चली गोली

15/03/2026
Mayawati
उत्तर प्रदेश

कांग्रेस और सपा कभी भी बहुजन समाज की हितकारी नहीं: मायावती

15/03/2026
CM Yogi's letter to the people of UP
Main Slider

चैत्र नवरात्रि से पहले मुख्यमंत्री योगी की अपील, प्रदेशवासियों को लिखी पाती

15/03/2026
NCERT book in controversy again
Main Slider

ब्राह्मणों ने अंग्रेजों को दिए शास्त्र?… फिर विवादों में फंसी NCERT की किताब

15/03/2026
Two people died due to roof collapse
Main Slider

जयमाला की स्टेज पर ‘मौत’ का साया, दो घरों में पसरा सन्नाटा

15/03/2026
Next Post

ममता सरकार को SC से झटका, CBI जांच के खिलाफ दाखिल की थी याचिका

यह भी पढ़ें

sushant-rhea

रिया चक्रवर्ती ने शेयर किया डायरी का पन्ना, तो फैन्स बोले- हैंडराइटिंग मैच नहीं करती

10/08/2020
Atiq Ahmed's wife Shaista Parveen

अतीक अहमद की पत्नी ने मुख्यमंत्री योगी से लगाई गुहार

28/10/2022
ashok katariya

कोरोना के चलते पिछला एक वर्ष परिवहन निगम के लिए चुनौतीपूर्ण रहा : कटारिया

04/06/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version