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सिगरेट के शौकीनों को लगेगा झटका, धुआं उड़ेगा महंगा

Writer D by Writer D
31/03/2022
in Business
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smoking

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नई दिल्ली। सरकार ने तंबाकू (Tobacco) , पान मसाला (Pan Masala)  और सिगरेट (cigarette) के शौकीनों को भी तगड़ा झटका दिया है। बजट 2022 में किए गए प्रावधानों की वजह से 1 अप्रैल से इन उत्‍पादों की कीमतों में इजाफा होने वाला है।

दरअसल, तंबाकू और पान मसाला जैसी चीजों पर सरकार ने उत्‍पाद शुल्‍क बढ़ा दिया है। इसका असर कंपनियों की उत्‍पादन लागत पर दिखेगा। इसकी भरपाई करने के लिए कंपनियां अपने उत्‍पादों की कीमतें बढ़ाएंगी जिसका सीधा असर तंबाकू या पान मसाला का इस्‍तेमाल करने वाले ग्राहकों पर होगा। हालांकि, सरकार ने बजट में सिगरेट पर सेस या जीएसटी की दर बढ़ाने से इनकार कर दिया था।

तंबाकू और पान-मसाले पर क्‍या असर

सरकार ने 1 अप्रैल से नया उत्‍पाद शुल्‍क लागू कर दिया है। इसके तहत तंबाकू वाले पान-मसाले ओर गुटखे पर उत्‍पाद शुल्‍क अब 10 फीसदी से बढ़कर 12 फीसदी हो जाएगा। ऐसे में इन उत्‍पादों की कीमतों में भी 2 से 5 फीसदी का उछाल आ सकता है। उपभोक्‍ताओं को जल्‍द ही 50 पैसे तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

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सिगरेट पर भी उत्‍पाद शुल्‍क बढ़ेगा

सरकार ने सिगरेट के शौकीनों को भी झटका दिया है। 1 अप्रैल से सिगरेट पर उत्‍पाद शुल्‍क भी 215 रुपये प्रति एक हजार से बढ़कर 311 रुपये प्रति एक हजार रुपये हो जाएगा। यानी कंपनियों को प्रति एक हजार सिगरेट के उत्‍पादन पर सरकार को 96 रुपये अधिक उत्‍पाद शुल्‍क का भुगतान करना पड़ेगा। इसका सीधा असर उपभोक्‍ताओं पर पड़ सकता है और कंपनियां अपने उत्‍पाद की कीमतों में वृद्धि कर सकती हैं।

पहले से ही वसूला जा रहा ज्‍यादा टैक्‍स और सेस

जीएसटी कानून के तहत तंबाकू, पान-मसाला और सिगरेट जैसे उत्‍पादों को हानिकारक प्रोडक्‍ट की श्रेणी में रखा गया है। लिहाजा सरकार इस पर जीएसटी की सबसे ऊंची 28 फीसदी की दर से टैक्‍स वसूलती है। इतना ही नहीं इन उत्‍पादों पर 4 फीसदी का सेस यानी उपकर भी वसूला जाता है। इसका मतलब है कि तंबाकू, पान-मसाला और सिगरेट जैसे उत्‍पाद पहले ही भारी-भरकम टैक्‍स के दबाव से जूझ रहे। नए वित्‍तवर्ष से उत्‍पाद शुल्‍क में इजाफे के बाद इनके उपभोक्‍ताओं की जेब ओर ढीली होने वाली है।

Tags: Business Newscigarette pricesprice increasestobacco prices
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