• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

एक ही मंडप में तीन पीढ़ियों के 6 जोड़ों ने एक साथ लिए सात फेरे

Writer D by Writer D
26/04/2022
in उत्तर प्रदेश, सोनभद्र
0
Marriage

Marriage

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

सोनभद्र। जनपद में एक ही मंडप में तीन पीढ़ियों के छह जोड़ों ने सामूहिक विवाह (married together) रचाया। दुद्धी तहसील अंतर्गत दिघुल गांव में एक परिवार ऐसा भी है जो तीन पीढ़ियों से लव मैरिज (Love Marriage) कर रहा है। वही जब उसी परिवार की एक लड़की की शादी  की बात सामने आई तो समाज ने उनके रिश्तों को स्वीकार नहीं किया। जिसके बाद शर्त रखी गयी कि पूरे परिवार के सदस्यों की शादी एक ही मंडप में हो जाए तो उनके घर की बेटी की शादी हो सकती है। जिसके बाद दादा-दादी और माता पिता ने बेटी की के शादी के लिए बनाए गए मंडप में ही एक साथ सात फेरे लिए।

एक ही मंडप में तीन पीढ़ियों के छह जोड़ों की एक साथ कराई गई शादी (married together) 

सामूहिक विवाह (married together) के आयोजन तो बहुतेरे सुनने-देखने को मिले होंगे, लेकिन एक ही कुनबे की तरफ से आयोजित सामूहिक विवाह में पोती से लेकर दादा-दादी तक (तीन पीढ़ियां) एक साथ सात फेरे लेने का नजारा शायद ही किसी को देखने को मिल पाया हो। सोनभद्र के दक्षिणांचल स्थित दुद्धी तहसील के दिघुल में न केवल यह नजारा लोगों को देखने को मिला बल्कि एक ही मंडप में तीन पीढ़ियों के छह जोड़ों की एक साथ कराई गई शादी (married together) चर्चा का विषय बनी रही। दिलचस्प बात यह है कि इस ऐतिहासिक शादी समारोह के आयोजन के पीछे कोई और नहीं बल्कि उसी परिवार के एक बेटी की पहल और परिवार में कई पीढ़ियों से हो रहे प्रेम विवाह को सामाजिक मान्यता न मिलने के दंश को खत्म करने की जिद रही। इस आयोजन को देखने के लिए गांव के लोगों के अलावा आसपास के गांवों से भी भारी भीड़ उमड़ी रही।

दुनिया सबसे उम्रदराज दादी का 119 की उम्र में निधन, गणित में थी विशेष रुचि

परिवार में हुई शादियों को सामाजिक मान्यता पर उठे थे सवाल

दिघुल गांव की सपना पुत्री नंदकुमार के शादी की तिथि 25 अप्रैल तय की गई थी। माता-पिता की तरफ से शादी की सभी तैयारियां भी पूरी कर ली गई थी, लेकिन इसी बीच लोगों में चर्चा शुरू हो गई कि सपना के बड़े भाई, माता-पिता से लेकर दादा-दादी तक ने प्रेम विवाह रचाया हुआ है, लेकिन उनकी शादी में हिंदू रीति-रिवाज और उससे जुड़ी रस्म नहीं निभाई गई है। ऐसे में हिंदू रीति रवाज से होने वाली सपना की शादी में कन्यादान की रस्म किसकी तरफ से निभाई जाएगी? इसको लेकर सवाल उठने शुरू हो गए। कहा जाने लगा कि जब पिता की शादी को समाज वैधानिक मान्यता नहीं देता तो वह पिता अपने बेटी का कन्यादान कैसे कर सकता है।

जब यह बात दुल्हन सपना के कानों तक पहुंची तो उसने कुछ ऐसा फैसला कर डाला जिसने सोनभद्र के इतिहास में अलग तरह की शादी के आयोजन का नया इतिहास रच दिया। अपने फैसले को अमलीजामा पहनाने के लिए उसने यह कहते हुए शादी करने से मना कर दिया कि जब तक उसके पिता, दादा-दादी और बड़े भाई की शादी सामाजिक रीति-रिवाज से नहीं होगी, तब तक वह भी शादी नहीं करेगी। एक बार तो सपना के परिवार के लोग भी उसके प्रस्ताव पर चकरा गए, लेकिन उसकी प्रसन्नता के लिए हंसी खुशी सामाजिक विधि विधान से शादी रचाने को तैयार हो गए।

इन स्टाइल से कैरी करें लहंगे का दुपट्टा, पार्टी की बनेंगी शान

सबसे पहले दादा-दादी ने लिए फेरे

सपना की शादी के मंडप में से सबसे पहले दादा राम प्रसाद और दादी सुभगिया देवी ने सात फेरे लिए। उसके बाद सपना के माता-पिता और उसके बड़े भाई-भाभी ने हिंदू परंपरा के मुताबिक शादी की रस्म निभाई। सबसे आखिर में जाकर सपना की शादी हुई, जिसका कन्यादान पिता नंद कुमार ने किया। इस अनोखी शादी की चर्चा गांव के साथ ही पूरे जिले में बनी रही।

परिवार में प्रेम विवाह की थी परंपरा

ग्रामीण बताते हैं कि नंदकुमार के परिवार में प्रेम विवाह एक परंपरा सा बन गया था। इस कारण सामाजिक रिवाजों पर विश्वास करने वाले लोग उनसे दूरी बनाने लगे थे लेकिन उनके घर की एक बेटी की जिद ने न केवल सभी के गिले-शिकवे दूर कर दिए, बल्कि सामाजिक रीति-रिवाजों से अपने माता-पिता दादा-दादी और भाई की शादी करवा कर, परिवार की शादी को सामाजिक मान्यता न मिलने के मसले को भी सदा के लिए खत्म कर दिया।

Tags: sonbhadra newsup news
Previous Post

शेयर बाजार में तेजी का रुख, सेंसेक्स 753 अंक तक उछला

Next Post

NEET एग्जाम में स्टूडेंट्स को मिलेगा 20 मिनट का एक्स्ट्रा टाइम

Writer D

Writer D

Related Posts

उत्तर प्रदेश

भाजपा विधायक को पाकिस्तानी नंबर से धमकी, जांच में जुटी पुलिस

30/09/2026
Main Slider

महंत अवेद्यनाथ ने सामाजिक समता से हिंदू समाज को किया एकजुट: मुख्यमंत्री योगी

30/09/2026
उत्तर प्रदेश

अखिलेश पर बृजभूषण का बयान, बढ़ी सियासी चर्चा

30/09/2026
Keshav Maurya
उत्तर प्रदेश

म्योहार गांव में रोशन हुई गलियां, बच्चों की गुहार पर लगी स्ट्रीट लाइटें

30/09/2026
उत्तर प्रदेश

राजभर का अखिलेश पर हमला- ‘PDA में परिवार, दौलतमंद और अपराधियों को राज्यसभा भेजने की जुगत में लगे हैं’

30/09/2026
Next Post

NEET एग्जाम में स्टूडेंट्स को मिलेगा 20 मिनट का एक्स्ट्रा टाइम

यह भी पढ़ें

पूर्व सांसद धनंजय सिंह

निर्दलीय प्रत्याशी धनंजय सिंह को जानमाल को खतरा : राजदेव सिंह

31/10/2020
Chandra Grahan

जानें कब लग रहा है साल का पहला चंद्रग्रहण, किन राशियों के लिए रहेगा शुभ

23/05/2021
Yogini Ekadashi

कामदा एकादशी: इस व्रत को करने से होती है मोक्ष की प्राप्ति, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

23/04/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version