• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

 फर्जी एंकाउंटर में 34 पुलिसकर्मियों की जमानत अर्जी खारिज, 10 सिखों की हत्या का आरोप

Writer D by Writer D
27/05/2022
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, क्राइम, पीलीभीत
0
fake encounter

fake encounter

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

पीलीभीत। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने गुरुवार को पीलीभीत में 1991 में दस सिखों के एनकाउंटर (fake encounter) में हत्या करने के मामले में 2016 में दोषी करार दिये गये 34 पुलिसकर्मियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

कोर्ट ने कहा कि अपीलों के विचाराधीन रहने के दौरान उनको रिहा करने का कोई औचित्य नहीं है। कोर्ट ने उनकी अपीलों पर सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तारीख तय की है।

यह आदेश जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बृजराज सिंह की पीठ ने देवेंद्र पांडेय और अन्य की ओर से अपीलों के साथ अलग से दाखिल जमानत प्रार्थना पत्रों को खारिज करते हुए पारित किया।

21 साल पहले हुआ था 11 सिखों का फर्जी एनकाउंटर (Fake Encounter)

अभियोजन पक्ष के अनुसार कुछ सिख तीर्थयात्री 12 जुलाई 1991 को पीलीभीत से एक बस से तीर्थयात्रा के लिए जा रहे थे। इस बस में बच्चे और महिलाएं भी थीं। इस बस को रोक कर 11 लोगों को उतार लिया गया। इनमें से 10 की पीलीभीत के न्योरिया, बिलसांदा और पूरनपुर थानाक्षेत्रों के धमेला कुंआ, फगुनिया घाट व पट्टाभोजी इलाके में एनकाउंटर दिखाकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि 11वां शख्स एक बच्चा था जिसका अब तक कोई पता नहीं चला।

आने वाली है किसान सम्मान की 11वीं किस्त, फटाफट कर लो ये काम

CBI ने की थी मामले की जांच

इस केस की जांच पहले पुलिस ने किया, लेकिन केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। जिसके बाद एक अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने जांच सीबीआई को सौंप दिया। सीबीआई ने विवेचना के बाद 57 अभियुक्तों को आरोपित किया। विचारण के दौरान दस अभियुक्तों की मौत हो गई। सीबीआई की लखनऊ स्थित विशेष अदालत ने 4 अप्रैल 2016 को केस में 47 अभियुक्तों को घटना में दोषी करार दिया और उम्र कैद की सजा सुनाई। जिसके खिलाफ सभी ने हाईकोर्ट में अलग-अलग अपीलें दाखिल किया। अपीलों के साथ सभी ने जमानत की अर्जियां भी दी ताकि उन्हें अपीलों के विचाराधीन रहने के दौरान जमानत मिल जाये।

आरोपी पुलिसवालों का दावा- मारे गए खालिस्तान लिब्रेशन फ्रंट के आतंकी

अपील करने वाले पुलिसवालों की ओर से दलील दी गई कि मारे गए दस सिखों में से बलजीत सिंह उर्फ पप्पू, जसवंत सिंह उर्फ ब्लिजी, हरमिंदर सिंह उर्फ मिंटा तथा सुरजान सिंह उर्फ बिट्टू खालिस्तान लिब्रेशन फ्रंट के आतंकी थे, इसके साथ ही उन पर हत्या, डकैती, अपहरण व पुलिस पर हमले जैसे जघन्य अपराध के मामले दर्ज थे। अपील करने वालों की ओर से आगे दलील दी गई थी कि मृतकों में कई का लम्बा आपराधिक इतिहास था। यही नहीं वे खालिस्तान लिब्रेशन फ्रंट नामक आतंकी संगठन के सदस्य थे।

ड्रोन टेक्नोलॉजी बड़ी क्रांति का आधार बन रही है : पीएम मोदी

कोर्ट ने कहा- इनमें से कुछ का कोई आपराधिक इतिहास नहीं

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि मृतकों में से कुछ का कोई आपराधिक इतिहास नहीं था, ऐसे में सभी को आतंकी मानकर उन्हें उनकी पत्नियों और बच्चों से अलग कर के मार देना किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने आगे कहा कि मृतकों में से कुछ यदि असमाजिक गतिविधियों में शामिल भी थे और उनका आपराधिक इतिहास था, तब भी विधि की प्रक्रिया को अपनाना चाहिए था। इस प्रकार के बर्बर और अमानवीय हत्याएं उन्हें आतंकी बताकर नहीं करनी चाहिए थी।

एक और एक्ट्रेस ने की खुदकुशी, 15 दिन में तीन अभिनेत्रियों ने दी जान

कोर्ट ने रमेश चंद्र भारती, वीरपाल सिंह, नत्थु सिंह, धनी राम, सुगम चंद, कलेक्टर सिंह, कुंवर पाल सिंह, श्याम बाबू, बनवारी लाल, दिनेश सिंह, सुनील कुमार दीक्षित, अरविंद सिंह, राम नगीना, विजय कुमार सिंह, उदय पाल सिंह, मुन्ना खान, दुर्विजय सिंह पुत्र टोडी लाल, महावीर सिंह, गयाराम, दुर्विजय सिंह पुत्र दिलाराम, हरपाल सिंह, रामचंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, ज्ञान गिरी, लखन सिंह, नाजिम खान, नारायन दास, कृष्णवीर, करन सिंह, राकेश सिंह, नेमचंद्र, शमशेर अहमद, सतिंदर सिंह और बदन सिंह के जमानत प्रार्थना पत्रों को खारिज किया है।

Tags: 1991 fake encountercrime newsFake Encounterpilibheet newsup news
Previous Post

आने वाली है किसान सम्मान की 11वीं किस्त, फटाफट कर लो ये काम

Next Post

… लूटने वाले, सभा में सुधारों की बात करते हैं, सीएम योगी ने अखिलेश पर कसा तंज

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Yogi
उत्तर प्रदेश

सीतापुर में सीएम योगी का ऑपरेशन एक्शन, चौकी इंचार्ज निलंबित, एसएचओ खिलाफ जांच शुरू

15/08/2026
Virender Sehwag
Main Slider

अयोध्या में वीरेंद्र सहवाग ने किए रामलला के दर्शन, हनुमानगढ़ी में भी टेका माथा

15/08/2026
AK Sharma
उत्तर प्रदेश

1857 के स्वतंत्रता संग्राम में मऊ के वीरों का योगदान हमारी गौरवशाली विरासत : ए.के. शर्मा

15/08/2026
‘Bharat Mata Ki Jai’ echoed in council schools and KGBVs.
उत्तर प्रदेश

1.32 लाख से अधिक परिषदीय विद्यालयों और केजीबीवी में गूंजा- ‘भारत माता की जय’

15/08/2026
THDC Tunnel Accident
Main Slider

THDC Tunnel Accident: एक और शव मिला, मौत का आंकड़ा 8 पहुंचा

15/08/2026
Next Post
yogi

... लूटने वाले, सभा में सुधारों की बात करते हैं, सीएम योगी ने अखिलेश पर कसा तंज

यह भी पढ़ें

CM Yogi

पहले माफिया दौड़ाता था, पुलिस भागती थी, माफिया को पुलिस सैल्यूट करती थी: मुख्यमंत्री

04/03/2025
CM Nayab Singh Saini

सरदार पटेल ने 562 रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत का किया निर्माण: सैनी

30/10/2024

पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ शातिर वाहन चोर, बुलेट व असलहा बरामद

11/11/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version