• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कब है तुलसी विवाह, जानें पूजा की सही विधि

Writer D by Writer D
29/10/2025
in धर्म, Main Slider, फैशन/शैली
0
tulsi vivah

tulsi vivah

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म में तुलसी (Tulsi) को बेहद ही पवित्र और पूजनीय माना गया है। तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। हर वर्ष कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को तुलसी विवाह (Tulsi Vivah) किया जाता है। इस दिन को देवउठनी एकादशी भी कहते हैं। इस दिन से विवाह जैसे मांगलिक और शुभ कार्य प्रारंभ हो जाते हैं।

इस बार 1 नवंबर 2025 को देवउठनी एकादशी है। इस दिन विधि विधान से तुलसी विवाह का आयोजन करने की परंपरा है। तो चलिए पंडित इंद्रमणि घनस्याल से जानते हैं तुलसी विवाह की संपूर्ण पूजा विधि और महत्व।

तुलसी विवाह (Tulsi Vivah) का महत्व

पंडित इंद्रमणि घनस्याल बताते हैं कि कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु चार माह की लंबी निद्रा से जागते हैं। जिसके बाद से मांगलिक कार्य शुरू होते हैं। इस तिथि को माता तुलसी और भगवान शालिग्राम की पूजा का विधान है। भगवान शालिग्राम को भगवान विष्णु का ही अवतार माना जाता है। इसलिए इस दिन तुलसी विवाह करने से सभी तरह के कष्ट दूर होते हैं और दांपत्य जीवन सुखमय बना रहता है। तुलसी विवाह (Tulsi Vivah) को लेकर शास्त्रों में विशेष उल्लेख मिलता है।

पूजा की संपूर्ण विधि

तुलसी विवाह (Tulsi Vivah) से पहले परिवार के सभी सदस्य जल्दी उठकर स्नान करने के बाद तुलसी के पौधे के पास पहुंचें। गन्ने से विवाह मंडप तैयार करें। तुलसी के पास एक चौकी स्थापित करें और उस पर भगवान शालिग्राम की मूर्ति विराजमान करें। चौकी पर अष्टदल कमल बनाने के साथ कलश रखें। कलश में गंगाजल या शुद्ध जल भरकर उस पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। इसके बाद पूजा के लिए धूप, अगरबत्ती व दीप जलाएं और “ऊं तुलसाय नम:” मंत्र का जाप करें।

तुलसी के सोलह श्रृंगार करें और चुनरी ओढ़ाएं। इसके पश्चात भगवान शालिग्राम को चौकी समेत हाथों में लेकर तुलसी की 7 बार परिक्रमा करें। तुलसी को शालिग्राम के बाईं ओर स्थापित करें और फिर आरती के साथ विवाह संपन्न करें। अंत में सभी को प्रसाद वितरण करें और सुखमय जीवन की कामना करें।

Tags: AstrologyAstrology tipstulsi vivahtulsi vivah datetulsi vivah importancetulsi vivah pujan vidhitulsi vivahmuhurt
Previous Post

रुद्राक्ष धारण करने से पहले जान लें ये नियम, मिलेंगे शुभ परिणाम

Next Post

कब है आंवला नवमी, जानें पूजा का महत्व और शुभ मुहूर्त

Writer D

Writer D

Related Posts

Eyes
फैशन/शैली

अपनी छोटी आंखों को बनाएं आकर्षक, इन टिप्स को करें फॉलो

17/05/2026
Garden
Main Slider

घर के गार्डन में घास-फूस हटाने के लिए आजमाए ये उपाय

17/05/2026
Love
Main Slider

प्यार के मामले में सबसे आगे होती है ये 4 राशि वाले, जानें कहीं आपकी राशि भी तो नहीं

17/05/2026
Puja Ghar
धर्म

पूजा घर में गलती से भी ना रखें ये चीजें, तरक्की में बन सकती है बाधा

17/05/2026
salt
खाना-खजाना

ज्यादा नमक ने बिगाड़ दिया खाने का जायका, ऐसे दूर करें ये समस्या

17/05/2026
Next Post
Amla Navami

कब है आंवला नवमी, जानें पूजा का महत्व और शुभ मुहूर्त

यह भी पढ़ें

Samit Dravid

मैदान पर धमाल मचाएंगे राहुल द्रविड़ के बेटे, भारत की अंडर-19 टीम में हुआ सेलेक्शन

31/08/2024
corona vaccination in up

कोविड वैक्सीन लगवाने के बाद भी संक्रमित हुआ शख्स, चार दिन बाद लगनी थी दूसरी डोज  

20/03/2021
सुशांत के पूर्व असिस्टेंट का बड़ा खुलासा

सुशांत के पूर्व असिस्टेंट का बड़ा खुलासा- पालतू कुत्ते फज की बेल्ट से घोंटा गया भईया का गला

08/08/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version