• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

यहां पशुओं को मिलती है संडे की छुट्टी, 100 साल पुरानी है परंपरा

Writer D by Writer D
24/03/2023
in झारखंड, राष्ट्रीय
0
Cow

Cow

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लातेहार। दफ्तरों में कामकाज करने वालों को अनिवार्य रूप से साप्ताहिक अवकाश दिए जाने का नियम काफी पुराना है, लेकिन ये आपने शायद ही सुना हो कि इंसानों की तर्ज पर जानवरों और मवेशियों (Cattle ) को भी साप्ताहिक अवकाश दिया जाता हो।  ये परंपरा झारखंड में लातेहर के 20 से ज्यादा गांवों में 100 साल से भी ज्यादा पुरानी है। यहां बैल और अन्य मवेशी से रविवार को काम नहीं लिया जाता है। इस दिन उनका ऑफ होता है यानी सिर्फ आराम दिया जाता है ताकि वो सप्ताह भर की अपनी थकान दूर करके तरोताजा हो सकें।

पशुओं (Cattle ) को मिलता है एक दिन का आराम

लातेहार के मनुष्य और पशुओं के बीच अपनेपन का संबंध जन्म जन्मांतर से है। ऐसे में पशुओं की सुख सुविधा का ख्याल भी मनुष्य सालों से रखते आ रहे हैं। पशुओं की मेहनत और सहयोग के कारण संसार में लोगों की भूख मिटती है। कड़ी मेहनत करने वाले इन पशुओं को आराम देने के लिए भी लोगों ने लातेहार के कुछ गांवों में एक नियम बना रखा है। नियम यह है कि यहां हफ्ते में एक दिन पशुओं को छुट्टी दी जाती है। मतलब रविवार के दिन पशुओं से कोई भी काम नहीं कराया जाता। मवेशियों को हफ्ते में एक दिन की छुट्टी की परंपरा लातेहार जिले के हरखा, मोंगर, ललगड़ी और पकरार समेत कई अन्य गांवों में है।

ग्रामीणों का मानना है कि उनके पूर्वजों ने जो नियम बनाए हैं वह काफी तार्किक हैं, क्योंकि जिस प्रकार मनुष्य को आराम की जरूरत होती है, उसी प्रकार जानवरों को भी आराम की जरूरत है। जानवर अपनी मेहनत के बल पर मनुष्य के जीवन यापन में सहयोग करते हैं। ऐसे में मनुष्यों का भी कर्तव्य है कि वह जानवरों के हित-अहित का ख्याल रखें।

ग्रामीण ललन कुमार यादव ने कहा कि उनके गांव में सालों से यह परंपरा चली आ रही है, वहीं ग्रामीण वीरेंद्र कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि जिस प्रकार मनुष्य को आराम की जरूरत होती है, उसी प्रकार मवेशियों को भी आराम की जरूरत है। इसी को लेकर वह हफ्ते में एक दिन मवेशियों को छुट्टी देते हैं। लातेहार जिला परिषद सदस्य सह पशु प्रेमी विनोद उरांव ने कहा कि पशु और मनुष्य एक दूसरे के पूरक हैं। एक दूसरे के हित में ही दोनों का हित निहित है। इसीलिए पूर्वजों ने यह नियम बनाया था कि मवेशियों को प्रत्येक सप्ताह में कम से कम एक दिन की छुट्टी अवश्य दी जाए। यह परंपरा काफी अच्छी है।

नहीं थम रहीं कांग्रेस की मुश्किलें, पहले राहुल की गई सदस्यता, अब मुख्यालय पर चला बुलडोजर

पशुओं को भी आराम की उतनी ही जरूरत होती है, जितनी जरूरत मनुष्यों को है, क्योंकि आराम न मिलने से जिस प्रकार मनुष्य तनाव में आकर बीमार हो जाते हैं, उसी प्रकार जानवर भी तनावग्रस्त होकर बीमारी से ग्रस्त हो जाएंगे। इसीलिए यह परंपरा काफी सराहनीय है। रविवार के दिन ग्रामीण क्षेत्रों में जानवरों को छुट्टी मिलती है। जरूरत पड़ने पर मनुष्य खुद कुदाल उठा लेते हैं, लेकिन इस दिन किसी भी सूरत में जानवरों से काम नहीं लिया जाता है।

100 साल पुरानी है परंपरा

ये कॉन्सेप्ट 100 साल से इसलिए है क्योंकि ग्रामीण बताते हैं कि 10 दशक पहले जुताई के वक्त ही एक बैल की मौत हो गई थी। मंथन करने पे ये निष्कर्ष निकाला गया कि जरूरत से ज्यादा थकवाट और काम के बोझ को बैल झेल नहीं पाया, लिहाजा पंचायत में सामूहिक रूप से ये फैसला लिया गया था कि एक दिन जानवरों और मवेशियों से काम नहीं लिया जाएगा। तब से ये परंपरा चली आ रही है। मवेशियों के अवकाश के दिन किसान या ग्रामीण जिनके खेत होते हैं वो खुद ही जुताई करते हैं।

Tags: animal newsJharkhand newsNational news
Previous Post

नहीं थम रहीं कांग्रेस की मुश्किलें, पहले राहुल की गई सदस्यता, अब मुख्यालय पर चला बुलडोजर

Next Post

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में हुआ बदलाव, अब करना होगा ये काम

Writer D

Writer D

Related Posts

उत्तराखंड

सीमांत क्षेत्रों तक आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता: CM धामी

25/10/2026
उत्तराखंड

CM धामी ने गुंजी में आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में किया प्रतिभाग, विजेता धावकों को किया पुरस्कृत

25/10/2026
Main Slider

जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

25/10/2026
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने खटीमा में सुनीं जनसमस्याएं, त्वरित निस्तारण के निर्देश

24/10/2026
छत्तीसगढ़

अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस पर बानबरद में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन में शामिल हुए CM साय

24/10/2026
Next Post
Driving License

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में हुआ बदलाव, अब करना होगा ये काम

यह भी पढ़ें

Andhra Pradesh government delegation meets AK Sharma

शिवरी और ईवी वीकल्स बढ़ा रहे लखनऊ नगर निगम की शान, आंध्र प्रदेश सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने की तारीफ

11/06/2025

धन के अभाव में किसी छात्र की पढ़ाई नहीं रुकेगी: सीएम योगी

03/10/2026
pushkar-manish

CM पुष्कर ने पर्वतारोही मनीष कसनियाल को किया सम्मानित

04/08/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version