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रिश्तों में दरार की वजह बनती हैं मंदिर से जुड़ी ये गलती

Writer D by Writer D
13/03/2026
in धर्म, फैशन/शैली
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Temple

Temple

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घर में सुख-शांति बनी रहे और सकारात्मकता का संचार हो इसके लिए सभी अपने घरों में मंदिर (Temple)  की स्थापना करते हैं और देवी-देवताओं का आशीर्वाद पाने की कामना करते हैं। लेकिन मंदिर से जुड़े कुछ नियम होते हैं जिनकी पालना नहीं की जाए तो वास्तुदोष उत्पन्न होने लगता हैं और नकारात्मकता फैलने लगती हैं। इन वास्तुदोष के चलते घर में अनायास ही लड़ाई झगड़े की स्थिति उत्पन्न होने लगती हैं। इसलिए आज इस कड़ी में हम आपके लिए मंदिर (Temple)  से जुड़े कुछ नियम लेकर आए हैं जिनका ध्यान जरूर रखा जान चाहिए।

न लगाएं भगवान शिव की ऐसी प्रतिमा

घर में कभी भी नटराजन मुद्रा में शिव जी की प्रतिमा नहीं रखनी चाहिए। यह तांडव की मुद्रा होती है, जिससे आपके घर में कलह हो सकती है। इसी तरह से घर में अंगूठे के बराबर या उससे छोटा शिवलिंग ही रखना चाहिए। घर में अधिक बड़े आकार का शिवलिंग नहीं रखना चाहिए, इससे आपके घर की शांति प्रभावित होती है।

मंदिर (Temple) में प्रतिमा के नियम

घर में हमेशा 9 अंगुल की या इससे छोटी प्रतिमाएं ही रखना सही रहता है। घर में पूजा के लिए इससे बड़ी कोई भी मूर्ति नहीं रखनी चाहिए। इसके अलावा पूजा घर में खंडित मूर्ति कभी भी नहीं रखना चाहिए। घर में टूटी या चटकी हुई प्रतिमाएं या तस्वीरें रखने से घर में कलह और अशांति आती है।

घर में न रखें शनिदेव की मूर्ति

शनिदेव न्याय के देवता हैं। वे मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। इनकी वक्र दृष्टि से व्यक्ति को जीवन में समस्याओं का सामना करना पड़ता है, इसलिए घर में शनिदेव की प्रतिमा नहीं रखनी चाहिए। इससे आपके घर में अशांति और तनाव उत्पन्न हो सकता है।

मंदिर (Temple)  से जुड़े ये नियम लाएंगे सुख-शांति

घर में मंदिर (Temple)  का स्थान उत्तर-पूर्व दिशा यानि ईशान कोण में बनाना चाहिए। वास्तु के अनुसार मंदिर में कभी भी उग्र देवी-देवताओं काली माता, भैरव, राहु- केतु, या किसी भी देवी-देवता के क्रोधी या उग्र स्वरूप की प्रतिमाएं या तस्वीरें नहीं रखनी चाहिए। घर में हमेशा प्रसन्नचित मुद्रा में आशीर्वाद देते हुए, सौम्य प्रतिमाएं लगानी चाहिए। इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।

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