• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

डिफेंस व इंडस्ट्रियल कॉरीडोर की एनवॉयरमेंट मॉनिटरिंग कराएगी योगी सरकार

Writer D by Writer D
09/09/2023
in उत्तर प्रदेश, लखनऊ
0
Industrial Corridor

Industrial Corridor

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। प्रदेश के औद्योगिक विकास के साथ ही औद्योगिक अवसंरचनाओं से जुड़ी परियोजनाओं को भी पूर्ण करने के लिए योगी सरकार (Yogi Government) लगातार प्रयासरत है। ऐसे में, औद्योगिक गतिविधियों में बढ़ोत्तरी होने से पर्यावरण को किसी प्रकार की क्षति न हो और एयर, वॉटर व सॉयल टेस्टिंग व मॉनिटरिंग की निरंतर प्रक्रिया सुचारू रूप से काम करे इस उद्देश्य पर भी योगी सरकार का फोकस है। सीएम योगी (CM Yogi) की मंशा के अनुरूप, लखनऊ, कानपुर व अलीगढ़ में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरीडोर (Industrial Corridor)  के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में एयर क्वॉलिटी, नॉइज, ग्राउंड वॉटर क्वॉलिटी, सॉयल क्वॉलिटी व ग्राउंड वॉटर लेवल मेजरमेंट जैसे पैरामीटर्स की रेगुलर मॉनिटरिंग के लिए लैब्स को क्रियान्वित किया जाएगा।

इस क्रम में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा लखनऊ, कानपुर व अलीगढ़ नोड्स में मुख्यतः 5 मानकों की रेगुलर मॉनिटरिंग के लिए राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल), पर्यावरण-वन और जलवायु मंत्रालय (एमओईएफ) व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से संबद्ध लैबोरेट्रीज से टेंडरिंग प्रक्रिया के अंतर्गत आवेदन मांगे हैं। 11 सितंबर को आवेदन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी जिसके बाद चयनित लैब लखनऊ, कानपुर व अलीगढ़ में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरीडोर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में एयर क्वॉलिटी, नॉइज, ग्राउंड वॉटर क्वॉलिटी, सॉयल क्वॉलिटी व ग्राउंड वॉटर लेवल मेजरमेंट जैसे पैरामीटर्स की रेगुलर मॉनिटरिंग के दायित्व का वहन करेगी।

एक साल के लिए होगा कॉन्ट्रैक्ट

यूपीडा द्वारा जारी की गई टेंडरिंग प्रक्रिया के अनुसार 11 सितंबर को आवेदन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके अंतर्गत जिस भी लैब को कार्य मिलेगा वह एक साल के कॉन्ट्रैक्ट पर बेस्ड होगा। इसे प्रदर्शन के हिसाब से आगे भी बढ़ाया जा सकता है। यूपीडा इसे किसी एक या कई अन्य लैब्स के बीच डिस्ट्रीब्यूट भी कर सकती है।

इसके अतिरिक्त टेंडर्स में जो कोटेशन होगी उसी में संबंधित लैब द्वारा निर्धारित कार्यों को करने की प्रक्रिया, मशीनरी, इक्विप्मेंट्स आदि सबकी लागत भी निहित होगी। टेंडर में लैब कंपनियों द्वारा जो भी कार्यों को करने की लागत संबंधी कोटेशंस होंगी वह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व उत्तर प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड द्वारा तय रेट्स के अनुरूप ही होनी चाहिए। इन सभी विषयों पर अंतिम निर्णय अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ-यूपीडा) की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा लिया जाएगा।

हवा, पानी, मृदा और ध्वनि प्रदूषण के स्तर को मापने व मॉनिटरिंग का होगा कार्य

यूपीडा द्वारा जारी की गई टेंडरिंग प्रक्रिया के अनुसार, लैब्स न केवल लखनऊ, कानपुर व अलीगढ़ में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरीडोर (Industrial Corridor) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में एयर क्वॉलिटी, नॉइज, ग्राउंड वॉटर क्वॉलिटी, सॉयल क्वॉलिटी व ग्राउंड वॉटर लेवल मेजरमेंट जैसे पैरामीटर्स की रेगुलर मॉनिटरिंग करेंगी बल्कि इसकी समय-समय पर रिपोर्ट भी देती रहेंगी। लैब्स द्वारा एयर क्वॉलिटी मॉनिटरिंग में पार्टिकुलेट मैटर्स (पीएम-10 व पीएम-25), सल्फर डाईऑक्साइड (एसओटू) व एनओएक्स (नाइट्रोजन डाईऑक्साइड व अन्य नाइट्रस कॉम्पोनेंट्स) की 24 घंटे मॉनिटरिंग की जाएगी।

वहीं, दिन और रात के आधार पर ध्वनि प्रदूषण के स्तर को भी मापा जाएगा। इसके अतिरिक्त, जल व भूजल प्रदूषण के स्तर को मापने के लिए एसिडिटी, एल्केलेनिटी, अल्यूमिनियम, आर्सेनिक, बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी), बाइकार्बोनेट, कैल्शियम कार्बोनेट, क्लोराइड, क्रोमियम, कॉपर, आयरन, लेड, मैग्नीशियम, मैंगनीज, निकेल, नाइट्रोजन कंपाउंड्स, सल्फेट्स, सोडियम व जिंक जैसे एलिमेंटल पैरामीटर्स की मॉनिटरिंग होगी।

EVM के खिलाफ जनहित याचिकाओं पर SC ने लगाई फटकार, कहा बार-बार उठाया जा रहा मुद्दा

वहीं, मृदा यानी सॉयल क्वॉलिटी की टेस्टिंग के लिए अमोनिया, बाइकार्बोनेट्स, बोरोन, कैल्शियम, कैल्शियम कार्बोनेट, क्लोराइड, कलर, इलेक्ट्रिकल कंडक्टिविटी, मैग्नीशियम, नाइट्रेट्स, नाइट्राइट्स, पेस्टीसाइड पीएच, फॉस्फेट्स, सोडियम, पोटैशियम, कैडमियम, मैंगनीज, कोबाल्ट व सॉयल सैंपल की एसएआर वैल्यू प्रमुख फैक्टर्स रहेंगे जिनकी मॉनिटरिंग प्रदूषण बोर्ड्स से निर्धारित मानकों के अनुरूप ही की जाएगी।

Tags: Defencr Industrial Corridorindustrial corridorLucknow NewsYogi News
Previous Post

EVM के खिलाफ जनहित याचिकाओं पर SC ने लगाई फटकार, कहा बार-बार उठाया जा रहा मुद्दा

Next Post

UPPCL की उपभोक्ताओं को बड़ी सौगात, बिल में सिक्योरिटी राशि का ब्याज मिलना हुआ शुरू

Writer D

Writer D

Related Posts

cm yogi
उत्तर प्रदेश

श्रमिकों के लिए बड़ा तोहफा! CM योगी ने किया ऐसा ऐलान, बदलेगी लाखों परिवारों की जिंदगी

01/05/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

पेयजल, सिंचाई व राहत प्रबंधन में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं : मुख्यमंत्री योगी

01/05/2026
Ajay Rai
Main Slider

कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की अचानक तबीयत बिगड़ी, लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती

01/05/2026
Ganga Expressway
उत्तर प्रदेश

सीएम योगी की सौगात, 15 दिन तक टोल-फ्री रहेगा गंगा एक्सप्रेसवे

01/05/2026
CM Yogi
Main Slider

‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ में सीएम योगी करेंगे श्रमिक कल्याण योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

30/04/2026
Next Post
Electricity

UPPCL की उपभोक्ताओं को बड़ी सौगात, बिल में सिक्योरिटी राशि का ब्याज मिलना हुआ शुरू

यह भी पढ़ें

India

बल्लेबाजों के तूफान के आगे ऑस्ट्रेलिया का सरेंडर, टीम इंडिया का सीरीज पर कब्जा

24/09/2023

इरफान पठान ने किया क्रिकेट के मैदान पर वापसी का ऐलान

02/11/2020

इस जेल में कैदियों बीच खूनी संघर्ष में 116 की मौत, 80 घायल

30/09/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version