• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

इस दिन से शुरू हो रहे हैं पितृ पक्ष, इन तिथियों पर करें तर्पण

Writer D by Writer D
21/04/2024
in धर्म, फैशन/शैली
0
Pitru Paksha

Pitru Paksha

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म में पूर्वजों की आत्मा की शान्ति के लिए पितृ पक्ष में पिंडदान, तर्पण करने की परंपरा है। पौराणिक मान्यता है कि पितृपक्ष (Pitru Paksha) के दौरान हमारे पूर्वज धरती पर आते हैं और इस दौरान उनका नियमित श्राद्ध (Shraahd) करने से, तर्पण करने से और पिंडदान करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।

पितृपक्ष (Pitru Paksha) की शुरुआत हर साल भाद्रपद माह की पूर्णिमा से अमावस्या तक होती है, जो इस बार 17 सितंबर 2024 से शुरू होकर 2 अक्टूबर 2024 तक रहेगा, इनमें कुल 16 तिथियां पड़ेगी जो इस प्रकार है-

17 सितंबर 2024, मंगलवार- पूर्णिमा का श्राद्ध
18 सितंबर 2024, बुधवार- प्रतिपदा का श्राद्ध
19 सितंबर 2024, गुरुवार- द्वितीय का श्राद्ध
20 सितंबर 2024, शुक्रवार तृतीया का श्राद्ध-
21 सितंबर 2024, शनिवार- चतुर्थी का श्राद्ध
21 सितंबर 2024, शनिवार महा भरणी श्राद्ध
22 सितंबर 2014, रविवार- पंचमी का श्राद्ध
23 सितंबर 2024, सोमवार- षष्ठी का श्राद्ध
23 सितंबर 2024, सोमवार- सप्तमी का श्राद्ध
24 सितंबर 2024, मंगलवार- अष्टमी का श्राद्ध
25 सितंबर 2024, बुधवार- नवमी का श्राद्ध
26 सितंबर 2024, गुरुवार- दशमी का श्राद्ध
27 सितंबर 2024, शुक्रवार- एकादशी का श्राद्ध
29 सितंबर 2024, रविवार- द्वादशी का श्राद्ध
29 सितंबर 2024, रविवार- माघ श्रद्धा
30 सितंबर 2024, सोमवार- त्रयोदशी श्राद्ध
1 अक्टूबर 2024, मंगलवार- चतुर्दशी का श्राद्ध
2 अक्टूबर 2024, बुधवार- सर्वपितृ अमावस्या

पितरों की आत्मा तृप्त होती है

पौराणिक शास्त्रों में तिल को देवान्न यानी देवताओं का अन्न कहा गया है। और जल को मुक्ति के साधन के समान बताया गया है। इसके अतिरिक्त और भी मान्यताएं है कि काली तिल का एक दाना दान करने की दृष्टि से बत्तीस सेर स्वर्ण तिलों के बराबर होता है। इसलिए पानी के साथ तिल अर्पित करने से पितरों की आत्मा तृप्त होती है।

Tags: pitru pakshaPitru Paksha 2024Pitru Paksha date
Previous Post

किशोर की गला घोंट कर हत्या, जंगल में फेंका शव

Next Post

चैत्र पूर्णिमा पर जरूर करें ये उपाय, कभी नहीं होगी पैसों की कमी

Writer D

Writer D

Related Posts

Diabetes
फैशन/शैली

कंट्रोल में रहेगी डायबिटीज, बस करें ये काम

15/05/2026
Jamun will give you glowing skin
Main Slider

स्किन की कई परेशानियों का इलाज है जामुन, ऐसे करें इस्तेमाल

15/05/2026
Vat Savitri Vrat
Main Slider

वट सावित्री व्रत में प्रेग्नेंट महिलाएं इन बातों का रखें ध्यान, वरना हो सकता है नुकसान

15/05/2026
धर्म

घर में लगाए ये पौधा, भाग्य में होगी बढ़ोत्तरी

15/05/2026
Nautapa
धर्म

नौतपा में करें सूर्यदेव के इन मंत्रों का जाप, बनेंगे तरक्की और धन लाभ के योग

15/05/2026
Next Post
Purnima

चैत्र पूर्णिमा पर जरूर करें ये उपाय, कभी नहीं होगी पैसों की कमी

यह भी पढ़ें

cm dhami

Presidential election: सीएम धामी ने किया मतदान

18/07/2022
Lord Laxman

लखनऊ में लगी भगवान लक्ष्मण की प्रतिमा, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने किया अनावरण

09/02/2023
CM Vishnu Dev Sai

राहुल गांधी, भूपेश बघेल जहां भी जाएंगे वहां कांग्रेस का बंटाधार होगा: विष्णुदेव साय

23/11/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version