• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

विजय दशमी के दिन की जाती है शस्त्र पूजा, जानें पूजा विधि और महत्व

Writer D by Writer D
06/10/2024
in धर्म, फैशन/शैली
0
Dussehra

Dussehra

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

विजय दशमी यानी दशहरे (Dussehra) के दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था इसलिए हर साल विजय दशमी के दिन रावण का पुतला जलाया जाता है। इस दिन शस्त्रों की भी पूजा की जाती है। यानी इस दिन बंदूक से लेकर तलवार, कटार, लाठी आदि शस्त्रों की पूजा की जाती है। लेकिन क्या आपको पता है कि इस प्रथा के पीछे क्या वजह है।

दशहरे (Dussehra) को क्यों होती है शस्त्र पूजा?

विजय दशमी (Dussehra) के दिन शस्त्र पूजन को लेकर कई कथाएं प्रचलित हैं। जिसमे से एक कथा के अनुसार, जब प्रभु श्रीराम ने माता सीता को दशानन रावण की कैद से मुक्ति दिलाने के लिए युद्ध कर रावण का वध किया था। श्री राम ने उस युद्ध पर जाने से पहले शस्त्रों की पूजा की थी।

दूसरी कथा के अनुसार, जब मां दुर्गा ने महिषासुर नाम के राक्षस का वध कर बुराई का अंत किया था, उसके बाद देवताओं ने मां दुर्गा के शस्त्रों का पूजन किया था।

दशहरे (Dussehra)  के दिन शस्त्रों की पूजा करने की परंपरा प्राचीन काल से ही चली आ रही है। इस दिन क्षत्रिय राजा अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए शस्त्र पूजा करते थे। युद्ध पर जाने से पहले हथियारों की पूजन किया जाता था। मान्यता है कि इस दिन युद्ध पर जाने से विजय मिलती है।

शस्त्र पूजा की विधि (Shastra Puja ki Vidhi)

विजय दशमी के दिन शस्त्र पूजा करने के लिए सुबह स्नान करने के बाद शुभ मुहूर्त में सभी अस्त्र-शस्त्रों को निकाल कर एक चौकी पर साफ कपड़ों में रखे और उनपर गंगाजल छिड़कर पवित्र कर लें। इसके बाद सभी शस्त्रों पर मौली बाधें। उसके बाद सभी शस्त्रों पर तिलक लागाएं और फूल माला चढ़ाकर चंदन, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप से विधि विधान के साथ पूजा करें।

शस्त्र पूजन का महत्व

विजय दशमी (Dussehra)  का पर्व आश्विन माह की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन माहिषासुर मर्दिनी मां दुर्गा और प्रभु श्रीराम के साथ शस्त्रो की पूजा करने से जीवन में चल रही सभी परेशानियां और कष्ट, दरिद्रता दूर होती हैं। इसके अलावा विजय दशमी के दिन शस्त्र पूजन से शोक और भय का नाश होता है।

Tags: dussehraDussehra 2024dussehra date
Previous Post

कब करें कन्या पूजन, जानें पूजन विधि एवं महत्व

Next Post

पहली बार रख रही हैं करवा चौथ का व्रत, तो जान लें ये नियम

Writer D

Writer D

Related Posts

Paush Amavasya
धर्म

इसके बिना अधूरी मानी जाती है पूजा, जानें महत्व

19/02/2026
Kaner
धर्म

कनेर का पौधा इस दिशा में लगाएं, घर में होगा सुख-समृद्धि का आगमन

19/02/2026
Pizza
खाना-खजाना

घर पर बनाएं ‘पिज्जा’, खुश हो जाएंगे बच्चे

19/02/2026
Sooji Veg Tikka
Main Slider

आज लें इस शानदार डिश स्वाद, पूरा दिन छाया रहेगा खुमार

19/02/2026
Cauliflower Masala Bharta
खाना-खजाना

बनाए फूलगोभी का मसाला भरता, बढ़ा देगा लंच का जायका

19/02/2026
Next Post
Karwa Chauth

पहली बार रख रही हैं करवा चौथ का व्रत, तो जान लें ये नियम

यह भी पढ़ें

dipak yadav joined rld

बसपा के दिग्गज नेता दीपक यादव अपने समर्थकों के साथ रालोद में हुए शामिल

07/03/2021
CM Dhami

Maha Kumbh: सीएम धामी ने उत्तराखंड मंडपम में भजन संध्या में भाग लिया

10/02/2025
Arrested

पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की थी पति की हत्या, गिरफ्तार

08/02/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version